बस्तर पुलिस का मानवीय चेहरा: बाढ़ में 500+ लोगों को सुरक्षित निकाला, 40 लोगों को नाव से बचाया

बाढ़ के बीच बस्तर पुलिस का मानवीय चेहरा: 24×7 राहत एवं बचाव अभियान, 500 से अधिक लोग सुरक्षित निकाले गए

बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का जायजा लेते हुए पुलिस अधीक्षक शलभ कुमार सिन्हा एवं कलेक्टर आकाश छिकारा, साथ में SDRF एवं पुलिस टीम के जवान मौजूद।
चक्रवाती तूफान 'अर्नब' के कारण जगदलपुर में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लेते हुए पुलिस अधीक्षक शलभ कुमार सिन्हा एवं कलेक्टर आकाश छिकारा। साथ में SDRF, DRG एवं पुलिस टीम के जवान राहत एवं बचाव कार्य में जुटे हुए हैं।

जगदलपुर, 27 सितंबर 2026 — चक्रवाती तूफान 'अर्नब' के प्रभाव से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण जगदलपुर शहर सहित बस्तर जिले के अनेक क्षेत्रों में जलभराव एवं बाढ़ की स्थिति निर्मित हुई है। लगातार बारिश के चलते इंद्रावती नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा और नदी तटीय एवं निचले क्षेत्रों में प्रशासन द्वारा विशेष सतर्कता बरती जा रही है।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए बस्तर पुलिस ने पिछले लगातार राहत एवं बचाव अभियान चलाया है। पुलिस की विभिन्न टीमें संवेदनशील एवं बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लगातार तैनात हैं।

राहत एवं बचाव कार्य में तैनात बल

राहत एवं बचाव कार्य में निम्नलिखित टीमें लगातार जुटी हुई हैं —

  • SDRF की टीमें

  • बस्तर पुलिस की विशेष रेस्क्यू टीमें

  • संबंधित थाना एवं चौकी बल

  • DRG की टीमें

  • स्थानीय पुलिस एवं अन्य आपदा-प्रबंधन दल

इन सभी टीमों द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में लगातार रेस्क्यू एवं राहत कार्य संचालित किया जा रहा है।

संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष तैनाती

गोरिया बहार नाला, छेपड़ा गुड़ा, डोंगा घाट, तामाकोनी, आसना, धरमपुरा, पथरागुड़ा, पनारापारा, महादेव घाट, खड़क घाट, पुराना पुल, बस्तर थाना क्षेत्र का प्रभावित एरिया, आनंद ढाबा एवं नगरनार क्षेत्र प्रमुख रूप से शामिल हैं। बोड़ना एवं इंद्रावती नदी के आसपास के निचले क्षेत्रों में पुलिस एवं बचाव दलों द्वारा लगातार निगरानी की जा रही है। आवश्यकता के अनुसार प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जा रहा है।

डोंगाघाट से 500 से अधिक लोगों को निकाला

डोंगाघाट क्षेत्र में लगभग 500 से अधिक लोगों को अब तक सुरक्षित बाहर निकाला गया है। नगरनार क्षेत्र में नदी बोड़ना में बाढ़ के पानी में फंसे लगभग 40 लोगों को नाव की सहायता से सुरक्षित बाहर निकालकर राहत शिविर पहुंचाया गया। इसी प्रकार अन्य प्रभावित क्षेत्रों से भी परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की कार्रवाई की गई।

राहत शिविरों में मिल रही सुविधाएं

जिला प्रशासन द्वारा संचालित राहत शिविरों में प्रभावित नागरिकों के लिए भोजन, पेयजल, ठहरने एवं प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। बस्तर जिले में वर्तमान में कई राहत शिविर संचालित हैं, जहां सैकड़ों प्रभावित नागरिकों को सुरक्षित आश्रय दिया गया है।

पुलिस की प्राथमिकता — हर नागरिक की सुरक्षा

बाढ़ की चुनौती के बीच बस्तर पुलिस के जवान दिन-रात प्रभावित क्षेत्रों में तैनात रहकर लोगों की सुरक्षा, रेस्क्यू, यातायात नियंत्रण तथा संवेदनशील स्थानों की निगरानी में जुटे हुए हैं। पुलिस द्वारा नदी, नालों, पुल-पुलियों एवं जलमग्न मार्गों पर लोगों को अनावश्यक रूप से जाने से रोकने के लिए लगातार बैरिकेडिंग, पेट्रोलिंग एवं समझाइश दी जा रही है।

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basant dahiya

मेरा नाम बसंत दहिया है। मैं लगभग 20 वर्षों से प्रिंट मीडिया में सक्रिय रूप से कार्य कर रहा हूं। इसी बीच मैंने बस्तर जिला व राजधानी रायपुर के प्रमुख समाचार पत्रों में अपनी सेवा देकर लोकहित एवं देशहित में कार्य किया है। वर्तमान की आवश्यकता के दृष्टिगत मैंने अपना स्वयं का न्यूज पोर्टल- समग्रविश्व अप्रेल 2024 से शुरू किया है जो जनहित एवं समाज कल्याण में सक्रिय है। इसमें आप सहयोगी बनें और मेरे न्यूज पोर्टल को सपोर्ट करें। "जय हिन्द, जय भारत"

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