जिला पुलिस लाइन सुकमा में 'पुलिस स्मृति दिवस' पर 'शहीद स्मृति परेड' का आयोजन, अमर शहीदों को दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि
कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, जनप्रतिनिधियों व सुरक्षा बलों के अधिकारियों ने शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर किया नमन; शहीद परिवारों से मिलकर सुनीं समस्याएं
सुकमा, बस्तर | 21 अक्टूबर 2026: पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर आज रक्षित केंद्र (पुलिस लाइन), सुकमा में 'शहीद स्मृति परेड' का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कर्तव्य पथ पर अपने प्राणों की आहुति देने वाले देश के वीर अमर प्रहरियों के सर्वोच्च बलिदान को नमन करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की गई।परेड की सलामी ली गई, गार्ड ऑफ ऑनर प्रस्तुत
कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक सुकमा मयंक गुर्जर द्वारा परेड की सलामी ली गई। परेड का नेतृत्व प्रशिक्षु सूबेदार विरेंद्र कुमार मरकाम द्वारा किया गया। शोक परेड के दौरान गार्ड ऑफ ऑनर प्रस्तुत कर अमर शहीदों को सलामी दी गई।
शहीद पुस्तिका की हुई स्थापना
समारोह के दौरान अत्यंत भावुक क्षणों के बीच पुलिस अधीक्षक सुकमा मयंक गुर्जर द्वारा विगत एक वर्ष में देश की आंतरिक सुरक्षा व कर्तव्य की बलिवेदी पर प्राण न्योछावर करने वाले सभी वीर पुलिस शहीदों के नामों का ससम्मान वाचन किया गया। इसके उपरांत 'शहीद पुस्तिका' को पूर्ण सम्मान के साथ शहीद स्मारक पर स्थापित किया गया।
पुष्पचक्र अर्पित कर दी गई श्रद्धांजलि
कलेक्टर सुकमा अमित कुमार, पुलिस अधीक्षक सुकमा मयंक गुर्जर, सीआरपीएफ एवं जिला पुलिस बल के वरिष्ठ अधिकारियों ने शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर वीर बलिदानियों को नमन किया। राज्य महिला आयोग की सदस्य सुश्री दीपिका शोरी, धनीराम बारसे सहित अन्य जनप्रतिनिधियों, मीडिया प्रतिनिधियों एवं उपस्थित शहीदों के परिजनों ने भी शहीद स्मारक पर श्रद्धासुमन अर्पित किए।
शहीद परिवारों का किया गया सम्मान
समारोह के पश्चात कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक सहित अन्य प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों तथा जनप्रतिनिधियों ने उपस्थित शहीद पुलिसकर्मियों के परिजनों से आत्मीय भेंट की। अधिकारियों ने परिजनों की समस्याएं व मांगें संवेदनशीलतापूर्वक सुनीं और त्वरित निराकरण का आश्वासन दिया। साथ ही देश व समाज की ओर से उनके अमूल्य त्याग के प्रति गहरी कृतज्ञता व्यक्त की।
शहीदों का बलिदान भावी पीढ़ियों के लिए प्रेरणा: मयंक गुर्जर
पुलिस अधीक्षक सुकमा मयंक गुर्जर ने कहा कि "हमारे वीर पुलिसकर्मियों का सर्वोच्च बलिदान देश की भावी पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणा का स्रोत रहेगा। वर्दी के पीछे छिपा यह त्याग और संघर्ष ही हमारे समाज को भयमुक्त और सुरक्षित बनाए रखता है। शहीद परिवारों की देखभाल, सहायता और उनका सम्मान करना हमारा सर्वोच्च एवं परम कर्तव्य है।"
इस अवसर पर एसडीओपी प्रभात पटेल, रक्षित निरीक्षक रवि उपाध्याय, सीआरपीएफ के वरिष्ठ अधिकारीगण, जनप्रतिनिधि, पुलिस जवान, शहीद परिवारों के सदस्य एवं प्रिंट व इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के प्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
