निर्वाचन आयोग की निष्पक्षता पर सवाल, कांग्रेस का जगदलपुर में उग्र प्रदर्शन; CEC का पुतला दहन कर राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन
जगदलपुर। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर संभाग मुख्यालय जगदलपुर में बस्तर जिला कांग्रेस कमेटी शहर एवं ग्रामीण के संयुक्त तत्वाधान में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ उग्र प्रदर्शन किया गया। शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुशील मौर्य एवं ग्रामीण अध्यक्ष प्रेमशंकर शुक्ला के नेतृत्व में कांग्रेस पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त का पुतला दहन किया और कलेक्ट्रेट कार्यालय तक मार्च निकालकर महामहिम राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा।किन मुद्दों पर हुआ प्रदर्शन?
कांग्रेसजनों ने मुख्य चुनाव आयुक्त के पक्षपातपूर्ण रवैये, चुनावी अनियमितताओं की अनदेखी एवं लोकतंत्र विरोधी कार्यशैली के विरोध में यह प्रदर्शन किया। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त के अविलंब इस्तीफे और 2023 के विवादित अधिनियम को रद्द करने की मांग की।
"निर्वाचन आयोग की साख और स्वायत्तता पर गंभीर सवाल"
शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुशील मौर्य ने कहा कि भारत का निर्वाचन आयोग (ECI) लोकतंत्र का प्रमुख स्तंभ रहा है, परंतु वर्तमान मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के कार्यकाल में इसकी साख, स्वायत्तता और निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। देश के विभिन्न क्षेत्रों से मतदाता सूचियों में बड़े पैमाने पर धांधली और वैध मतदाताओं के नाम मनमाने ढंग से काटे जाने की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। निर्वाचन आयोग इन गंभीर अनियमितताओं पर पारदर्शी और ठोस कार्रवाई करने के बजाय मूकदर्शक बना हुआ है।
आदर्श आचार संहिता में दोहरा रवैया
उन्होंने आरोप लगाया कि आदर्श आचार संहिता (MCC) के उल्लंघन के मामलों में चुनाव आयोग का रवैया पूरी तरह दोहरा और पक्षपातपूर्ण रहा है। जहां एक तरफ विपक्ष के नेताओं पर त्वरित एवं सख्त रुख अपनाया जाता है, वहीं सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी के नेताओं द्वारा आचार संहिता के खुले उल्लंघन पर आयोग द्वारा ढिलाई बरती जाती है, जिससे चुनाव आयोग की निष्पक्षता समाप्त हो चुकी है।
SIR में प्रशासनिक लापरवाही पर सवाल
सुशील मौर्य ने कहा कि मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के दौरान बड़े पैमाने पर प्रशासनिक लापरवाही और गड़बड़ियां देखने को मिली हैं। योग्य एवं वास्तविक नागरिकों के नाम सूची से गायब कर दिए गए हैं, जबकि कई स्थानों पर फर्जी नामों का समावेश पाया गया है। आयोग इस प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही तय करने में पूरी तरह विफल रहा है।
EVM-VVPAT मिलान की मांग
उन्होंने कहा कि जनता और प्रमुख राजनीतिक दलों द्वारा चुनाव प्रक्रिया को पूर्ण पारदर्शी बनाने हेतु ईवीएम और वीवीपैट (VVPAT) की 100% पर्चियों का मिलान कराने की जायज मांग को आयोग द्वारा बार-बार खारिज किया जा रहा है, जिससे निष्पक्ष चुनाव कराने की आयोग की मंशा पर संदेह उत्पन्न होता है। विभिन्न चुनावों के दौरान मतदान प्रतिशत और अंतिम मतों के आंकड़े सार्वजनिक करने में की जाने वाली अस्वाभाविक देरी ने चुनाव प्रक्रिया की विश्वसनीयता को गंभीर चोट पहुंचाई है।
कांग्रेस की मुख्य मांगे
कांग्रेस पार्टी ने निष्पक्ष एवं पारदर्शी चुनाव प्रक्रिया का विश्वास बहाल करने हेतु निम्नलिखित मांगें रखीं —
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार अपने पद से तत्काल इस्तीफा दें।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त एवं अन्य निर्वाचन आयुक्त अधिनियम, 2023 को तुरंत प्रभाव से रद्द किया जाए और माननीय उच्चतम न्यायालय के निर्णय के अनुसार चयन समिति में CJI को पुनः शामिल किया जाए।
मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) में हुई सभी गड़बड़ियों की एक स्वतंत्र न्यायिक जांच समिति द्वारा जांच कराई जाए।
आगामी सभी चुनावों में EVM के साथ VVPAT की पर्चियों के शत-प्रतिशत मिलान की व्यवस्था अनिवार्य की जाए।
"2023 का अधिनियम लोकतंत्र पर कुठाराघात"
सुशील मौर्य ने कहा कि वर्ष 2023 में केंद्र सरकार द्वारा लाए गए 'मुख्य निर्वाचन आयुक्त और अन्य निर्वाचन आयुक्त अधिनियम, 2023' के तहत चुनाव आयोग के चयन मंडल से भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) को बाहर कर दिया गया और कार्यपालिका (सरकार) को बहुमत की शक्ति दे दी गई। चयन समिति में CJI को हटाकर एक केंद्रीय कैबिनेट मंत्री को शामिल करने से निष्पक्षता समाप्त हो गई है और चयन की शक्ति पूरी तरह केंद्र सरकार के हाथ में चली गई है। इस कानून के तहत मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य आयुक्तों को उनके निर्णयों के लिए जो असाधारण संरक्षण दिया गया है, वह लोकतंत्र में जवाबदेही के सिद्धांत के विपरीत है।
"राष्ट्रव्यापी आंदोलन की चेतावनी"
शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुशील मौर्य ने आगे कहा कि यदि इन संवैधानिक एवं लोकतांत्रिक मांगों पर शीघ्र विचार नहीं किया गया, तो कांग्रेस पार्टी लोकतंत्र की रक्षा के लिए राष्ट्रव्यापी शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करने हेतु बाध्य होगी।
प्रदर्शन में ये रहे मौजूद
इस प्रदर्शन के दौरान मुख्य रूप से प्रदेश प्रभारी महामंत्री मलकीत सिंह गैदू, पूर्व विधायक रेखचंद जैन, उमाशंकर शुक्ला, विक्रम सिंह डांगी, पूर्व महापौर जतिन जायसवाल, नेता प्रतिपक्ष राजेश चौधरी, पूर्व सभापति कविता साहू, कोमल सेना, महामंत्री अभिषेक नायडू, रविशंकर तिवारी, महिला कांग्रेस अध्यक्ष लता निषाद, यूंका अध्यक्ष निकेत राज झा, ब्लॉक अध्यक्ष बलराम यादव, संतोष सेठिया, फूलसिंह बघेल, अल्पसंख्यक अध्यक्ष रोजविन दास, पिछड़ा वर्ग अध्यक्ष शुभम यदू, अनवर खान, बबली खान, अपर्णा बाजपेई सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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