दलपत सागर में ₹9.88 करोड़ के खर्च का पहले हिसाब दें: नेता प्रतिपक्ष राजेश चौधरी ने महापौर से मांगा पूरा ब्यौरा

दलपत सागर में ₹9.88 करोड़ के खर्च का पहले हिसाब दें: नेता प्रतिपक्ष राजेश चौधरी ने महापौर से मांगा पूरा ब्यौरा

नगर निगम जगदलपुर के नेता प्रतिपक्ष राजेश चौधरी का पोर्ट्रेट, जिन्होंने दलपत सागर में ₹9.88 करोड़ के खर्च का हिसाब मांगा
जगदलपुर। नगर निगम जगदलपुर के नेता प्रतिपक्ष राजेश चौधरी ने दलपत सागर के उन्नयन एवं सफाई के नाम पर स्वीकृत ₹9.88 करोड़ की राशि के उपयोग को लेकर महापौर से सार्वजनिक रूप से पूरा हिसाब देने की मांग की है।
जगदलपुर, 06 सितम्बर 2026। नगर निगम जगदलपुर के नेता प्रतिपक्ष राजेश चौधरी ने जारी प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से दलपत सागर के उन्नयन एवं सफाई के नाम पर स्वीकृत एवं प्राप्त राशि के उपयोग को लेकर महापौर से सार्वजनिक रूप से पूरा हिसाब देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि शहर की जनता को यह जानने का पूरा अधिकार है कि दलपत सागर के उन्नयन के लिए स्वीकृत राशि में से अब तक कितनी राशि प्राप्त हुई, कितनी खर्च हुई, किन कार्यों में खर्च हुई और वर्तमान में कितनी राशि शेष है।

विधायक ने करोड़ों की स्वीकृति की थी घोषणा

जगदलपुर विधायक एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव द्वारा शहर की जनता को बताया गया था कि दलपत सागर के उन्नयन के लिए ₹9.88 करोड़ की राशि स्वीकृत की गई है। इसके बाद महापौर द्वारा विधायक, नगरीय प्रशासन मंत्री, सांसद एवं भाजपा सरकार का धन्यवाद भी समाचार पत्रों के माध्यम से किया गया था।

सवा वर्ष बाद भी नहीं दी गई जानकारी

नेता प्रतिपक्ष राजेश चौधरी ने कहा कि इस स्वीकृति को लगभग सवा वर्ष बीतने के बाद भी शहर की जनता को यह स्पष्ट जानकारी नहीं दी जा रही है कि उक्त राशि का वास्तविक रूप से कितना उपयोग हुआ है और किन-किन कार्यों पर खर्च किया गया है।

केवल राशि स्वीकृत होने की जानकारी समाचार पत्रों और मीडिया के माध्यम से देने से जनता की जवाबदेही पूरी नहीं होती। जनता यह जानना चाहती है कि स्वीकृत राशि में से नगर निगम को वास्तव में कितनी राशि प्राप्त हुई और उसका उपयोग किस मद में किया गया।

सफाई अभियान पर उठाए सवाल

नेता प्रतिपक्ष ने दलपत सागर में चलाए गए सफाई अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि महापौर द्वारा सार्वजनिक रूप से कहा गया था कि इस अभियान में नगर निगम का कोई खर्च नहीं हो रहा है और संबंधित संस्था द्वारा डेमो के तौर पर कार्य किया जा रहा है।

यदि नगर निगम का कोई खर्च नहीं हुआ, तो:

  • सफाई अभियान के दौरान चलने वाले वाहनों में डीजल की व्यवस्था किसके द्वारा की गई?

  • वार्डों से लगाए गए नगर निगम के कर्मचारियों का भुगतान किस मद से किया गया?

  • अभियान में अन्य व्यवस्थाओं पर हुए खर्च का भुगतान किस संस्था ने किया?

कर्मचारियों के भुगतान पर सवाल

राजेश चौधरी ने कहा कि नगर निगम के कर्मचारियों को सफाई अभियान में लगाया गया और उनके एक महीने के भुगतान की जिम्मेदारी भी नगर निगम द्वारा उठाई गई है। ऐसे में यह कहना कि नगर निगम का कोई खर्च नहीं हुआ, अपने आप में सवाल खड़ा करता है। महापौर को इस पूरे मामले में पारदर्शिता के साथ आय-व्यय का पूरा विवरण सार्वजनिक करना चाहिए।

एनएमडीसी से ₹50 लाख की स्वीकृति पर भी सवाल

नेता प्रतिपक्ष ने आगे कहा कि उन्हें जानकारी मिल रही है कि एनएमडीसी से लगभग ₹50 लाख की स्वीकृति पुनः प्राप्त हो रही है, जिसमें प्रथम किस्त के रूप में ₹20 लाख की स्वीकृति की बात सामने आ रही है। यदि यह राशि स्वीकृत हुई है तो इसकी आधिकारिक जानकारी के साथ यह भी बताया जाना चाहिए कि राशि प्राप्त होने के बाद इसे किन कार्यों में खर्च किया जाएगा।

महापौर से मांगी ये जानकारी

राजेश चौधरी ने महापौर से जनता के समक्ष निम्नलिखित ब्यौरा सार्वजनिक करने की मांग की:

क्र.जानकारी
1किस-किस संस्था से कितनी राशि प्राप्त हुई?
2किस तारीख को कितनी राशि प्राप्त हुई?
3प्राप्त राशि में से कितना खर्च किया गया?
4किन-किन कार्यों पर खर्च किया गया?
5प्रत्येक कार्य पर कितना भुगतान किया गया?
6वर्तमान में कितनी राशि शेष है?
7शेष राशि से आगे कौन-कौन से कार्य किए जाएंगे?

कांग्रेस काल के भ्रष्टाचार पर उठाए सवाल

राजेश चौधरी ने महापौर के उन बयानों पर भी सवाल उठाया, जिनमें कांग्रेस कार्यकाल में कथित भ्रष्टाचार की बात कही जाती है। उन्होंने कहा कि यदि वास्तव में किसी प्रकार का भ्रष्टाचार हुआ है तो महापौर आज नगर निगम के जिम्मेदार पद पर हैं। उन्हें तत्काल संबंधित मामलों की जांच कराकर दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करनी चाहिए।

जनता के पैसे का हिसाब देना होगा

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि दलपत सागर बस्तर और जगदलपुर की ऐतिहासिक धरोहर है। इसके नाम पर करोड़ों रुपये की राशि स्वीकृत होने के बाद शहर की जनता का यह अधिकार है कि उसे एक-एक रुपये के उपयोग की जानकारी मिले।

राजेश चौधरी ने कहा कि विपक्ष लगातार इस संबंध में जानकारी मांग रहा है और मीडिया के माध्यम से भी जनता सवाल उठा रही है, लेकिन अब तक खर्च का विस्तृत विवरण सार्वजनिक नहीं किया गया है। उन्होंने कहा:

"जनता के पैसे का हिसाब जनता को देना ही होगा। स्वीकृति बताने के बजाय खर्च का पूरा विवरण और धरातल पर हुए कार्यों की जानकारी सार्वजनिक करें।"


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मेरा नाम बसंत दहिया है। मैं लगभग 20 वर्षों से प्रिंट मीडिया में सक्रिय रूप से कार्य कर रहा हूं। इसी बीच मैंने बस्तर जिला व राजधानी रायपुर के प्रमुख समाचार पत्रों में अपनी सेवा देकर लोकहित एवं देशहित में कार्य किया है। वर्तमान की आवश्यकता के दृष्टिगत मैंने अपना स्वयं का न्यूज पोर्टल- समग्रविश्व अप्रेल 2024 से शुरू किया है जो जनहित एवं समाज कल्याण में सक्रिय है। इसमें आप सहयोगी बनें और मेरे न्यूज पोर्टल को सपोर्ट करें। "जय हिन्द, जय भारत"

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