बस्तर में कृषि क्रांति की तैयारी: कलेक्टर ने डेबरीधुर उद्यानिकी महाविद्यालय का किया भ्रमण, हर्बल गुलाल और डिजिटल नवाचार की सराहना
मंदिर के फूलों से बनेगा हर्बल गुलाल, किसानों के लिए बारकोड कैलेंडर बना आकर्षण का केंद्र
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| कलेक्टर आकाश छिकारा ने डेबरीधुर उद्यानिकी महाविद्यालय का भ्रमण कर वहां की प्रयोगशालाओं और प्रसंस्करण इकाइयों का अवलोकन किया। चित्र में अधिष्ठाता डॉ. जी.पी. नाग उन्हें मशीनों की जानकारी देते हुए। |
जगदलपुर। बस्तर जिले में कृषि और उद्यानिकी को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। कलेक्टर श्री आकाश छिकारा ने रविवार को जगदलपुर के कुम्हरावंड स्थित क्रांतिकारी डेबरीधुर उद्यानिकी महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र का भ्रमण कर वहां चल रहे शोध कार्यों और नवाचारों का जायजा लिया। इस दौरान नगर निगम आयुक्त प्रवीण वर्मा भी उनके साथ मौजूद थे।
डिजिटल नवाचार: किसानों के लिए बारकोड कैलेंडर बना चर्चा का विषय
महाविद्यालय पहुँचने पर अधिष्ठाता डॉ. गणेश प्रसाद नाग ने कलेक्टर का आत्मीय स्वागत किया और संस्थान में संचालित शैक्षणिक, अनुसंधान तथा प्रसंस्करण गतिविधियों की विस्तृत जानकारी दी। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने विभिन्न कक्षों, प्रयोगशालाओं और अनुसंधान इकाइयों का अवलोकन किया।
कलेक्टर श्री छिकारा ने विश्वविद्यालय द्वारा किसानों के हित में विकसित 'बारकोड प्रणाली' वाले कैलेंडर की विशेष रूप से प्रशंसा की और इसे डिजिटल नवाचार की दिशा में एक क्रांतिकारी पहल बताया। उन्होंने कहा कि इस तरह के प्रयासों से किसानों को तकनीक से जोड़ना आसान होगा।
कॉफी से आम तक: 7 प्रमुख फसलों पर हो रहा शोध
कलेक्टर ने भ्रमण के दौरान विशेष रूप से कॉफी, हल्दी, इमली, ऑर्किड, पैशन फ्रूट, अमरूद एवं आम जैसी महत्वपूर्ण फसलों पर चल रहे अनुसंधान एवं प्रदर्शन कार्यों का अवलोकन किया। उन्होंने इन फसलों की गुणवत्ता और बाजार मूल्य को देखते हुए बेहतर उत्पादन, प्रसंस्करण और विपणन रणनीति तैयार करने के लिए वैज्ञानिकों को बहुमूल्य सुझाव दिए।
उन्होंने वैज्ञानिकों और विद्यार्थियों से बातचीत करते हुए क्षेत्रीय फसलों पर हो रहे शोध कार्यों की सराहना की और उद्यानिकी खेती को आधुनिक बनाने पर जोर दिया।
मां दन्तेश्वरी के फूलों से बनेगा हर्बल गुलाल: स्वरोजगार को मिलेगा बढ़ावा
संस्थान की सामाजिक सहभागिता की सराहना करते हुए कलेक्टर ने हाल ही में आयोजित दो दिवसीय हर्बल गुलाल प्रशिक्षण को सराहा। उन्होंने एक नवाचारी सुझाव देते हुए कहा कि मां दन्तेश्वरी मंदिर में चढ़ाए गए फूलों का सदुपयोग कर अधिक से अधिक मात्रा में हर्बल गुलाल तैयार किया जाए।
कलेक्टर ने कहा कि इस पहल से जहाँ एक ओर धार्मिक आस्था से जुड़े फूलों का उचित उपयोग होगा, वहीं दूसरी ओर स्वरोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। यह योजना 'वोकल फॉर लोकल' और महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक मील का पत्थर साबित हो सकती है।
चित्रकोट उद्यानिकी फार्म के विकास पर विशेष बैठक अप्रैल में
कलेक्टर ने चित्रकोट (लोहंडीगुड़ा) स्थित उद्यानिकी फार्म के सुनियोजित विकास के संबंध में आगामी अप्रैल माह में एक विशेष बैठक आयोजित करने का आश्वासन दिया। इस बैठक का उद्देश्य क्षेत्रीय कृषि विकास को एक नई गति देना और वहाँ की संभावनाओं को तलाशना होगा।
भ्रमण के अंत में कलेक्टर ने महाविद्यालय परिसर की सुव्यवस्थित प्रस्तुति, पोस्टरों और बैनरों के माध्यम से दी गई जानकारी की प्रशंसा करते हुए समस्त टीम को बधाई दी।
गणमान्य लोगों की रही उपस्थिति
इस अवसर पर महात्मा गांधी उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय दुर्ग के छात्र कल्याण अधिष्ठाता डॉ. अमित दीक्षित, अधिष्ठाता उद्यानिकी महाविद्यालय सोनारपाल डॉ. ईसू साहू, उद्यानिकी विभाग की उप संचालक श्रीमती आकांक्षा सिन्हा सहित बड़ी संख्या में अधिकारी-कर्मचारी और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
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