१० से २५ फरवरी तक चलेगा फाइलेरिया रोधी सामूहिक दवा सेवन अभियान, ३ विकासखंडों की ४,४२,३५० जनसंख्या को कवर करेगा
जगदलपुर, बस्तर। स्वास्थ्य विभाग द्वारा फाइलेरिया (हाथीपाँव) उन्मूलन के लिए एक विशेष सामूहिक दवा सेवन (एमडीए) अभियान चलाया जा रहा है। यह अभियान १० फरवरी से २५ फरवरी, २०२६ तक जिले के तीन विकासखंडों - बस्तर, बकावंड और तोकापाल में संचालित होगा।
फाइलेरिया एक गंभीर एवं लाइलाज बीमारी है, जो मच्छरों के काटने से फैलती है। संक्रमण के ५ से १५ वर्ष बाद ही इसके लक्षण प्रकट होते हैं। इसलिए इसका बचाव ही सबसे प्रभावी उपाय है। इस अभियान के तहत चयनित क्षेत्रों में रहने वाले दो वर्ष से कम उम्र के बच्चों, गर्भवती महिलाओं तथा गंभीर रूप से बीमार व्यक्तियों को छोड़कर सभी आयु वर्ग के लोगों को फाइलेरिया रोधी दवा (डीईसी और एल्बेंडाजोल) की एक खुराक दी जाएगी।
अभियान का कार्यक्रम:
१० से १२ फरवरी, २०२६: आँगनवाड़ी केंद्रों, स्कूलों, कॉलेजों तथा अन्य शैक्षणिक संस्थानों पर बूथ लगाकर दवा सेवन कराया जाएगा।
१३ से २२ फरवरी, २०२६: दवा प्रशासक (आँगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं मितानिन) घर-घर जाकर समुदाय के लोगों को दवा खिलाएंगे।
२३ से २५ फरवरी, २०२६: छूटे हुए लाभार्थियों को 'मॉप-अप राउंड' के तहत दवा का सेवन कराया जाएगा।
यह दवा पूरी तरह सुरक्षित है और शरीर में मौजूद फाइलेरिया के परजीवियों को नष्ट करके हाथीपाँव व हाइड्रोसील जैसी विकृतियों से बचाती है। कुछ मामलों में दवा लेने के बाद हल्के सिरदर्द, बुखार, शरीर में दर्द या चकत्ते जैसे अस्थायी दुष्प्रभाव हो सकते हैं, जो स्वतः ठीक हो जाते हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने सभी नागरिकों से आग्रह किया है कि वे इस अभियान में पूरा सहयोग करें और स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के सामने ही दवा का सेवन अवश्य करें। यदि कोई व्यक्ति स्वास्थ्य कार्यकर्ता के आने के समय घर पर उपलब्ध नहीं है, तो बाद में दोबारा घर जाकर उन्हें दवा दी जाएगी।
अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें:
जिला नियंत्रण कक्ष: ०७७८२-२२२२८१
टोल-फ्री नंबर: १०४