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अमित शाह ने बस्तर पंडुम 2026 में देखी आदिवासी संस्कृति, 12 विजेताओं को 50-50 हजार रुपए का पुरस्कार

अमित शाह ने बस्तर पंडुम 2026 में देखी आदिवासी संस्कृति की झलक, 12 विजेताओं को मिले 50-50 हजार रुपए

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा बस्तर पंडुम 2026 के विजेताओं को 50,000 रुपए के चेक देते हुए फोटो।

जगदलपुर। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने आज संभाग स्तरीय ‘बस्तर पंडुम 2026’ के समापन समारोह में बस्तर की समृद्ध जनजातीय विरासत का अवलोकन किया। लालबाग मैदान में आयोजित प्रदर्शनी में उन्होंने ढोकरा शिल्प, टेराकोटा, वुड कार्विंग, जनजातीय वेशभूषा, वन औषधि और पारंपरिक व्यंजनों के स्टॉल देखे और कलाकारों की सराहना की।

इस अवसर पर केंद्रीय गृहमंत्री शाह और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रतियोगिता की 12 विधाओं के विजेताओं को प्रथम पुरस्कार के रूप में 50,000-50,000 रुपए के चेक और स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया।

प्रदर्शनी में दिखा बस्तर का सांस्कृतिक वैभव

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह बस्तर पंडुम 2026 में पारंपरिक जनजातीय वाद्ययंत्र जैसे मांदर, ढोल और घुंघरू का अवलोकन करते हुए।

प्रदर्शनी में दंडामी माड़िया, अबूझमाड़िया, मुरिया, भतरा एवं हल्बा जनजातियों की पारंपरिक वेशभूषा और आभूषण प्रदर्शित किए गए। वन औषधियों के लाइव प्रदर्शन और जनजातीय चित्रकला ने आगंतुकों को आकर्षित किया। स्थानीय व्यंजन स्टॉल पर जोंधरी लाई के लड्डू, मंडिया पेज, आमट, चापड़ा चटनी और पान बोबो जैसी विशेषताएं परोसी गईं।

12 विधाओं के विजेता हुए पुरस्कृत

प्रतियोगिता में विजेता रहे प्रतिभागियों की सूची इस प्रकार है:

  1. जनजातीय नृत्य: बुधराम सोढ़ी (दंतेवाड़ा) - गौर माड़िया नृत्य

  2. जनजातीय गीत: पालनार दल - मंगली एवं साथी (दंतेवाड़ा)

  3. जनजातीय नाट्य: लेखम लखा (सुकमा)

  4. जनजातीय वाद्ययंत्र: रजऊ मंडदी एवं साथी (कोण्डागांव)

  5. जनजातीय वेशभूषा: गुंजन नाग (सुकमा)

  6. जनजातीय आभूषण: सुदनी दुग्गा (नारायणपुर)

  7. जनजातीय शिल्प: ओमप्रकाश गावड़े - कोया आर्ट्स (कांकेर)

  8. जनजातीय चित्रकला: दीपक जुर्री (कांकेर)

  9. जनजातीय पेय पदार्थ: भैरम बाबा समूह - उर्मिला प्रधान (बीजापुर)

  10. जनजातीय व्यंजन: श्रीमती ताराबती (दंतेवाड़ा)

  11. आंचलिक साहित्य: उत्तम नाईक (कोण्डागांव)

  12. बस्तर वन औषधि: राजदेव बघेल (बस्तर)

द्वितीय और तृतीय पुरस्कार भी वितरित

आयोजन में द्वितीय पुरस्कार विजेताओं को 30,000-30,000 रुपए और तृतीय पुरस्कार विजेताओं को 20,000-20,000 रुपए के चेक प्रदान किए गए। साथ ही, शेष 48 प्रतिभागी दलों को प्रोत्साहन राशि के रूप में 10,000-10,000 रुपए दिए गए।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि "बस्तर पंडुम जनजातीय संस्कृति को सहेजने और आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने का एक सशक्त माध्यम है।" इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, वन मंत्री केदार कश्यप तथा अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

basant dahiya

मेरा नाम बसंत दहिया है। मैं लगभग 20 वर्षों से प्रिंट मीडिया में सक्रिय रूप से कार्य कर रहा हूं। इसी बीच मैंने बस्तर जिला व राजधानी रायपुर के प्रमुख समाचार पत्रों में अपनी सेवा देकर लोकहित एवं देशहित में कार्य किया है। वर्तमान की आवश्यकता के दृष्टिगत मैंने अपना स्वयं का न्यूज पोर्टल- समग्रविश्व अप्रेल 2024 से शुरू किया है जो जनहित एवं समाज कल्याण में सक्रिय है। इसमें आप सहयोगी बनें और मेरे न्यूज पोर्टल को सपोर्ट करें। "जय हिन्द, जय भारत"

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