जगदलपुर वेटनरी पॉलिटेक्निक में गौ विज्ञान परीक्षा: 'गौवंश से ही होगा पंच परिवर्तन' विषय पर विशेष कार्यक्रम आयोजित
प्राचार्य डॉ. कुम्भकार ने गौ संरक्षण से आर्थिक समृद्धि, पर्यावरण सुरक्षा और स्वस्थ जीवन की संभावनाएं बताईं
जगदलपुर। वेटनरी पॉलिटेक्निक, जगदलपुर में मंगलवार को गौ विज्ञान परीक्षा 2025 के अवसर पर "गौवंश से ही होगा पंच परिवर्तन" विषय पर एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में संस्थान के प्रभारी प्राचार्य सहित शिक्षकों और विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
संस्थान के प्रभारी प्राचार्य डॉ. नितेश कुम्भकार ने कार्यक्रम के मुख्य विषय "गौवंश से ही होगा पंच परिवर्तन" का अर्थ समझाते हुए कहा कि गौवंश के संरक्षण और वैज्ञानिक उपयोग से समाज में पाँच बड़े सकारात्मक बदलाव लाए जा सकते हैं। इनमें आर्थिक समृद्धि, पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक समरसता, पारिवारिक मूल्यों की स्थापना और स्वस्थ जीवनशैली प्रमुख हैं। उन्होंने कहा कि यह पंच परिवर्तन भारत को आत्मनिर्भर और विकसित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
सहायक प्राध्यापक एवं गौ विज्ञान परीक्षा प्रभारी डॉ. राजेश सुधाकर वाकचौरे ने भारतीय गौवंश की विशेषताओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि देशी नस्ल के गाय-बैल मजबूत शरीर और उच्च रोग प्रतिरोधक क्षमता के साथ-साथ तेज गर्मी सहन करने में सक्षम होते हैं। इन्हें कम देखभाल में भी अधिक उत्पादन लिया जा सकता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि देशी गायों के दूध में पाया जाने वाला A2 प्रोटीन स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभदायक है। साथ ही, गोबर और गोमूत्र से जैविक खाद एवं अन्य उपयोगी उत्पाद बनाकर कृषि को लाभ पहुंचाया जा सकता है तथा पर्यावरण संतुलन में मदद मिल सकती है। गोमूत्र का उपयोग विभिन्न बीमारियों के उपचार में भी किया जाता है।
इस ज्ञानवर्धक उद्बोधन के बाद, सभी उपस्थित लोगों ने एकस्वर में "श्री सुरभ्यै नमः" मंत्र का 108 बार जाप किया। इस अवसर पर यह भी घोषणा की गई कि गौ विज्ञान परीक्षा में सहभागिता करने वाले सभी छात्र-छात्राओं को प्रमाणपत्र प्रदान किए जाएंगे।
कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. प्रतिभा ताटी द्वारा किया गया। अंत में, डॉ. नवीन कुमार साहू ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी शिक्षकगण, कर्मचारीगण एवं छात्र-छात्राओं का आभार प्रकट किया।
