जगदलपुर में किसान संघ की बैठक: धान, उर्वरक, बकरी-मत्स्य पालन समेत कई मुद्दों पर हुई चर्चा
जगदलपुर। कृषि विज्ञान केंद्र, कुम्हारावंड, जगदलपुर में सोमवार (25 मई 2026) को भारतीय किसान संघ, जिला-बस्तर के अध्यक्ष की अगुवाई में एक अहम बैठक आयोजित की गई। इसका मुख्य उद्देश्य किसानों की समस्याओं का ठोस समाधान तलाशना और उन्हें सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ दिलाना था।प्रशासन व किसान संघ के बीच समन्वय बैठक
बैठक में किसानों से जुड़े विभिन्न विभागीय अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित करने पर विशेष चर्चा हुई। भारतीय किसान संघ, जिला-बस्तर की ओर से अध्यक्ष नील कुमार बघेल, कोषाध्यक्ष नंद किशोर पांडे, महिला प्रमुख श्रीमती जयंती नेताम, उपाध्यक्ष सुनीता दास, सह-मंत्री श्रीमती लखमी बघेल, जिला विद्युत प्रमुख नरेंद्र सेठिया, तथा प्रगतिशील महिला कृषक व टेकामेटा की पूर्व सरपंच श्रीमती उर्मिला गोयल उपस्थित रहीं।
प्रशासनिक पक्ष से डॉ. डी. आर. नेताम (संयुक्त संचालक, पशुपालन), राजीव श्रीवास्तव (उप संचालक, कृषि), श्रीमती आकांक्षा सिन्हा (उप संचालक, उद्यानिकी) एवं मोहन लाल राणा (उप संचालक, मत्स्य पालन) ने हिस्सा लिया।
ये प्रमुख मुद्दे उठे:
संघ के पदाधिकारियों ने जिले के सभी विकासखंडों के किसानों की मांगों को जोरदार तरीके से उठाया, जिनमें शामिल रहे:
धान और मक्का फसलों की बुनियादी जरूरतें
उर्वरकों (खाद) की समय पर उपलब्धता और मांग
बकरी पालन, मत्स्य पालन और उद्यानिकी फसलों से जुड़ी व्यावहारिक समस्याएं
अधिकारियों ने दी कार्ययोजना की जानकारी
विभागीय अधिकारियों ने सभी मुद्दों पर बिंदुवार चर्चा करते हुए किसानों की समस्याओं के त्वरित व प्रभावी समाधान का भरोसा दिलाया। साथ ही, उन्होंने वर्ष 2026-27 के लिए अपने-अपने विभागों की आगामी कार्ययोजनाओं की विस्तृत जानकारी साझा की।
कृषि विज्ञान केंद्र के प्रमुख ने किया स्वागत
बैठक के आरंभ में कृषि विज्ञान केंद्र, बस्तर के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. संतोष कुमार नाग ने सभी अतिथियों का स्वागत किया और केंद्र की गतिविधियों से अवगत कराया।
इस अवसर पर संत कुमार कनौजिया (जिला सहकारी विपणन अधिकारी), डॉ. वेंकटेश्वर जालारफ, डॉ. कोमल गुप्ता, डॉ. नीलम बंजारे, डॉ. सुनीता दीक्षित (विषय वस्तु विशेषज्ञ), श्रीमती बालमती बघेल (वरिष्ठ विकास अधिकारी), योगेश कृषि नाग (सहायक संचालक, कृषि), श्रीमती संतोषी सहारे (कृषि विकास अधिकारी) तथा रोहित द्विवेदी (ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी) भी उपस्थित रहे।
संक्षेप में: यह बैठक किसानों और प्रशासन के बीच एक सकारात्मक सेतु का काम करती दिखी, जहां ठोस मुद्दों पर गंभीरता से सुनवाई हुई और आगामी योजनाओं की रूपरेखा भी तय हुई।
