बस्तर वनमंडल की बड़ी कामयाबी: 51 तालाबों में मत्स्य पालन से पोषण और आजीविका की नई क्रांति
टोकापाल के महिला स्व-सहायता समूह को इस वर्ष 1 लाख रुपये के शुद्ध मुनाफे की उम्मीद
📅 23 मई 2026 | ✍️ बस्तर संवाददाता | 📍 जगदलपुर
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| बस्तर वनमंडल की अनूठी पहल के तहत तोकापाल में ग्रामीणों द्वारा एकत्र की गईं मछलियाँ। स्व-सहायता समूह को इस वर्ष 1 लाख रुपये के लाभ की उम्मीद है |
जगदलपुर – छत्तीसगढ़ शासन के वन मंत्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन और मुख्य वन संरक्षक (CCF) जगदलपुर के निर्देशन में, बस्तर वनमंडल ने वनांचल क्षेत्रों में एक अनोखी पहल शुरू की है। इसका उद्देश्य स्थानीय ग्रामीणों को आजीविका से जोड़ना, खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करना और क्षेत्र को कुपोषण मुक्त बनाना है।
🐟 51 तालाबों में मछली बीज का संग्रहण
वनमंडलाधिकारी (DFO) उत्तम कुमार गुप्ता के नेतृत्व में चल रही इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत बस्तर वनमंडल की 9 वन प्रबंधन समितियों के सहयोग से कुल 51 तालाबों में मछली बीज (रोहू, कतला और सामान्य प्रजाति) का संग्रहण कराया गया। वन विभाग और ग्रामीणों की संयुक्त देखरेख से अब जमीनी स्तर पर बेहद उत्साहजनक परिणाम सामने आ रहे हैं।
👩🌾 टोकापाल में महिलाओं ने लिखी स्वावलंबन की नई कहानी
तोकापाल क्षेत्र में विभाग ने तालाब का निर्माण कराया और उसकी देखरेख की जिम्मेदारी स्थानीय महिला स्व-सहायता समूह (SHG) को सौंपी। दो वर्ष पूर्व डाले गए मछली बीजों से महिलाओं ने आर्थिक सशक्तिकरण की मिसाल पेश की है:
- पिछले वर्ष का लाभ: वित्तीय वर्ष 2025-26 में ही समूह को 40,000 रुपये की शुद्ध आय प्राप्त हुई।
- इस वर्ष 1 लाख का लक्ष्य: मछलियों के बड़े होने और बेहतर बाजार मिलने से इस सीजन में समूह को लगभग ₹1,00,000 (एक लाख रुपये) के शुद्ध लाभ की उम्मीद है।
🍽️ कुपोषण के खिलाफ संजीवनी बनी यह पहल
यह योजना केवल आर्थिक लाभ तक सीमित नहीं है। बस्तर के अंदरूनी इलाकों में प्रोटीन युक्त आहार (मछली) की उपलब्धता बढ़ने से कुपोषण उन्मूलन और खाद्य सुरक्षा को बल मिला है। वनांचल के बच्चों और महिलाओं के स्वास्थ्य स्तर में उल्लेखनीय सुधार आ रहा है।
📍 ये 51 तालाब हो रहे मॉनिटरिंग में शामिल
कोलावाड़ा, पोटियापाल, एरखोर, बीरंनपाल, बोदामुंडा, चिलकुटी, तोलावाड़ा, पुलचा, धनपुंजी, पूर्व माकड़ी, बकावंड, तीरिया, चोकावाड़ा, जीरागांव सहित कुल 51 तालाबों में फिंगर लिंग्स (मछली बीज) संवर्धन की सघन मॉनिटरिंग की जा रही है। यह पूरा कार्य एसडीओ, परिक्षेत्र अधिकारियों और मैदानी स्टाफ के कड़े पर्यवेक्षण में गुणवत्तापूर्वक चल रहा है।
🗣️ ग्रामीणों की आजीविका मुख्य लक्ष्य – उत्तम कुमार गुप्ता, वनमंडलाधिकारी, बस्तर वनमंडल
"वन मंत्री जी की मंशानुरूप बस्तर के वनांचलों में जल संरचनाओं को ग्रामीणों की आजीविका का केंद्र बनाना हमारा मुख्य लक्ष्य है। टोकापाल की महिला समूह को होने वाला यह मुनाफा साबित करता है कि वन प्रबंधन समितियां अब वित्तीय रूप से आत्मनिर्भर हो रही हैं। 51 तालाबों की यह सामूहिक मुहिम ग्रामीणों की आय बढ़ाने के साथ-साथ वनांचल में पोषण सुरक्षा (Nutritional Security) भी सुनिश्चित करेगी।"
