बस्तर में अवैध रेत परिवहन पर शिकंजा: 4 वाहन जब्त
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| बस्तर जिले के बेलगांव रेत घाट एवं बजावण्ड क्षेत्र में अवैध रेत परिवहन कर रहे दो ट्रैक्टर और दो हाईवा को खनिज जांच दल ने रंगे हाथों जब्त किया। सभी वाहन पुलिस अभिरक्षा में भेज दिए गए हैं। |
⚡ रंगे हाथों पकड़े गए परिवहनकर्ता
निरीक्षण के दौरान गौण खनिज रेत का अवैध परिवहन कर रहे 4 वाहनों को रंगे हाथों पकड़ा गया। ये सभी वाहन बिना किसी वैध दस्तावेज या परिवहन पास के रेत ले जा रहे थे। जब्त वाहनों को तत्काल पुलिस अभिरक्षा में सौंप दिया गया।
🚜 कौन-कौन से वाहन हुए जब्त?
जब्त किए गए वाहनों में शामिल हैं:
2 ट्रैक्टर
2 हाईवा
इन सभी को मौके पर मौजूद खनिज सामग्री सहित जब्त कर लिया गया।
⚖️ कानूनी कार्रवाई और दंड के प्रावधान
खनिज विभाग ने बताया कि वाहन मालिकों और परिवहनकर्ताओं के खिलाफ छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियमावली 2015 के नियम 71 तथा खान एवं खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम 1957 की धारा 21 के तहत कड़ी दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
👮 कार्रवाई में ये रहे मौजूद
इस सफल अभियान में जिला खनिज जांच दल के प्रभारी एवं खनिज निरीक्षक अंकित पुरी, खनिज सिपाही डिकेश्वर खरे, नगर सैनिक देवीराम बघेल और सहदेव बघेल मुख्य रूप से मौजूद रहे।
🔥 प्रशासन की चेतावनी
खनिज विभाग ने सभी ठेकेदारों और परिवहनकर्ताओं को सख्त चेतावनी दी है कि बिना वैध परिवहन पास के खनिजों का ढुलाई करना गंभीर और दण्डनीय अपराध है। कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि दोबारा ऐसा कृत्य करने पर और भी कठोर कदम उठाए जाएंगे।
📢 आगे की योजना
कलेक्टर श्री छिकारा के निर्देशानुसार जिले में अवैध उत्खनन और परिवहन पर पूरी तरह प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने के लिए खनिज अमला आगे भी विशेष अभियान चलाकर निरंतर जांच करता रहेगा।
📦 रेत परिवहन में बेकाबू वाहन—लोगों की जान पर बन रहा संकट
🚨 गौरतलब है कि बस्तर शहर में दौड़ रहे अधिकतर रेत परिवहन वाहनों (ट्रैक्टर-हाईवा) पर स्पीड गवर्नर (गति नियंत्रक यंत्र) अनिवार्य होने के बावजूद नहीं लगा है। ये वाहन मनमानी गति से चलते हैं, जिससे सड़क दुर्घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। ट्रैक्टर चालक भी बिना किसी नियंत्रण के तीव्र गति से वाहन दौड़ाते हैं, कई बार नौसिखियों को भी बिना लाइसेंस वाहन थमा दिया जाता है। हाल ही में जीरम घाटी (बस्तर) में ब्रेक फेल होने से हुए हादसे में 3 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि कई गंभीर रूप से घायल हो गए थे। स्थानीय लोग लापरवाही और अनियंत्रित गति को ही इसका प्रमुख कारण मान रहे हैं।
⚖️ कानून की बात करें तो: केंद्र सरकार और सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट रूप से सभी व्यावसायिक भारी वाहनों (कमर्शियल हेवी व्हीकल्स) पर स्पीड गवर्नर लगाना अनिवार्य कर रखा है। नियम 118 के तहत यह जरूरी है, फिर भी बस्तर में इसका पालन नहीं हो रहा।
🏛️ प्रशासन से अपील: इस गंभीर लापरवाही को देखते हुए आरटीओ विभाग और जिला प्रशासन को और अधिक सख्त होने की आवश्यकता है। महज जुर्माना वसूलने से हटकर, बिना स्पीड गवर्नर के चलने वाले वाहनों के परमिट निरस्त करने और चालकों के खिलाफ क्रिमिनल कार्रवाई की जानी चाहिए। सड़कों पर तेज रफ्तार का यह खेल आम नागरिकों की जान को रोजाना खतरे में डाल रहा है।
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- बस्तर में खनिज माफिया पर शिकंजा: अवैध रेत परिवहन करते दो ट्रैक्टर जब्त – 16 मई 2026 को हुई इस कार्रवाई में भी खनिज जांच दल ने दो ट्रैक्टर जब्त किए थे।
