ईंटपाल ग्राम के निजी गोदाम में लगी आग, 10-11 करोड़ रुपये का हुआ नुकसान, वन विभाग ने किराए पर लिया था परिसर
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| बीजापुर जिले के ईंटपाल ग्राम में स्थित तेंदूपत्ता गोदाम में सोमवार दोपहर भीषण आग लगने से करीब 18 हज़ार बोरे जलकर राख हो गए। आसमान में उठता धुआं कई किलोमीटर दूर तक देखा गया। |
बीजापुर (बस्तर)। सोमवार दोपहर बीजापुर जिले के ईंटपाल ग्राम में एक बड़ा हादसा हो गया। यहां स्थित एक निजी तेंदूपत्ता गोदाम में अचानक भीषण आग लग गई, जिसने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया। आग इतनी विकराल थी कि कुछ ही मिनटों में पूरा गोदाम चपेट में आ गया और उसमें रखे लगभग 18,000 मानक बोरे तेंदूपत्ता जलकर खाक हो गए।
⏰ घटना का समय और भयावहता
जानकारी के अनुसार, यह घटना दोपहर करीब 2:30 बजे की है। उस समय गोदाम में बड़ी मात्रा में तेंदूपत्ता का भंडारण कार्य चल रहा था। तभी अचानक आग भड़क उठी। तेज गर्मी और सूखे मौसम के कारण आग ने देखते ही देखते पूरे परिसर को अपनी चपेट में ले लिया।
🚒 राहत एवं बचाव कार्य
आग लगने की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। हालात की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग, पुलिस और नगर पालिका की टीम भी मौके पर जुट गईं। काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका, लेकिन तब तक भारी नुकसान हो चुका था।
💰 नुकसान का आंकलन
प्रारंभिक अनुमानों के अनुसार, इस आग हादसे में करीब 10 से 11 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। गोदाम में रखे गए सभी तेंदूपत्ता बोरे पूरी तरह जल गए।
🎙️ कारणों की जांच की जा रही
डीएफओ रमेश जांगड़े ने बताया कि "यह गोदाम वन विभाग द्वारा किराए पर लिया गया था। पिछले 10 दिनों से यहां तेंदूपत्ता का भंडारण किया जा रहा था। घटना के समय तक बड़ी मात्रा में सामग्री जमा हो चुकी थी। फिलहाल आग के कारणों की जांच की जा रही है।"
🌫️ आसमान में छाया धुएं का गुबार
आग इतनी भीषण थी कि उसका धुआं दूर-दूर तक देखा गया। आसमान में उठते काले धुएं के गुबार को देखकर आसपास के गांवों में दहशत फैल गई। लोग घबराकर घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े।
🕊️ राहत: जनहानि नहीं
हालांकि इस हादसे में किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई, जो एक राहत की बात है। लेकिन अचानक लगी आग और उसकी भयावहता ने पूरे इलाके में दहशत का माहौल बना दिया।
🔍 आगे की कार्यवाही
फिलहाल आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया है। आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है। प्रशासन ने नुकसान का आंकलन शुरू कर दिया है और भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचाव के लिए आवश्यक कदम उठाने की बात कही है।
