बस्तर की बेटी ने रचा इतिहास: ममता पाण्डेय पेंचाक सिलाट में बनीं राष्ट्रीय निर्णायक
जगदलपुर। बस्तर जिले के लिए गर्व का क्षण है। स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल, किलेपाल की व्यायाम शिक्षिका सुश्री ममता पाण्डेय का चयन पेंचाक सिलाट (Pencak Silat) खेल में राष्ट्रीय निर्णायक (National Referee) के रूप में हुआ है। यह चयन खेल जगत में बस्तर को एक प्रतिष्ठित राष्ट्रीय पहचान दिलाता है।
राष्ट्रीय मंच पर भूमिका
ममता पाण्डेय का चयन भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI), युवा कार्य एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार तथा इंडियन पेंचाक सिलाट एसोसिएशन की ओर से आयोजित द्वितीय खेलो इंडिया बीच गेम्स 2026 के लिए किया गया है। यह प्रतिष्ठित राष्ट्रीय खेल आयोजन 05 से 11 जनवरी 2026 तक दीव में होगा, जहाँ पेंचाक सिलाट भी एक प्रमुख खेल के रूप में शामिल है। इस मंच पर ममता पाण्डेय एक राष्ट्रीय निर्णायक के रूप में खिलाड़ियों के प्रदर्शन का मूल्यांकन करेंगी।
लंबे अनुभव का प्रतिफल
सुश्री ममता पाण्डेय छत्तीसगढ़ पेंचाक सिलाट संघ एवं बस्तर मार्शल आर्ट अकादमी से लंबे समय से सक्रिय रूप से जुड़ी हैं। वह वर्षों से खिलाड़ियों के प्रशिक्षण, खेल के तकनीकी विकास और निर्णायक के रूप में अपनी सेवाएं दे रही हैं। उनका यह चयन खेल के प्रति उनके समर्पण, गहरी समझ और निष्पक्ष निर्णय की क्षमता को रेखांकित करता है।
महिला सशक्तिकरण का प्रतीक
एक महिला के राष्ट्रीय निर्णायक के रूप में चुने जाना केवल एक व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह खेल जगत में महिलाओं की बढ़ती सहभागिता, नेतृत्व क्षमता और सशक्तिकरण का एक सशक्त संदेश भी देता है। यह बस्तर और छत्तीसगढ़ की युवा लड़कियों के लिए एक प्रेरणास्रोत है।
मिल रही शुभकामाएं
इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर विद्यालय के प्राचार्य रोहित सरोज एवं मानिकराम गावड़े ने ममता पाण्डेय को हार्दिक बधाई दी है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि न केवल विद्यालय, बल्कि पूरे बस्तर जिले और छत्तीसगढ़ राज्य के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
वहीं, छत्तीसगढ़ पेंचाक सिलाट संघ, बस्तर मार्शल आर्ट अकादमी, विद्यालय परिवार और जिले के समस्त खेल प्रेमियों ने भी सुश्री पाण्डेय की इस सफलता पर हर्ष और गर्व व्यक्त किया है। माना जा रहा है कि उनकी यह यात्रा आने वाले समय में प्रदेश के खेल परिदृश्य को नई दिशा देगी।
