जगदलपुर में पेयजल आपूर्ति: 24 घंटे में 6 बार होता है जल परीक्षण, 17 में से 15 टंकियों की सफाई पूरी - सुरेश गुप्ता
जगदलपुर। नगर निगम जगदलपुर शहर की जनता को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए पूरी जिम्मेदारी के साथ कार्य कर रहा है। जल कार्य सभापति सुरेश गुप्ता ने बताया कि पेयजल सप्लाई से पूर्व जल का कड़ा परीक्षण किया जाता है। शहर की दोनों फिल्टर प्लांट से रोजाना 13 एमएलडी पानी की सप्लाई से पहले, 24 घंटे में 6 बार पानी का सैंपल लेकर लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की प्रयोगशाला में जांच कराई जाती है। केवल मानकों पर खरा उतरने वाला शुद्ध जल ही वितरित किया जाता है।
17.5 एमएलडी पानी की होती है रोजाना आपूर्ति
शहर में एक पुराने और एक आधुनिक फिल्टर प्लांट के साथ कुल 17 ओवरहेड टंकियां हैं। पुराने प्लांट से 4 एमएलडी और नए प्लांट से 9 एमएलडी पानी ट्रीटमेंट के बाद सप्लाई किया जाता है। इसके अतिरिक्त लगभग 4.5 एमएलडी पानी बोरवेल एवं अन्य स्रोतों से मिलाकर कुल 17.5 एमएलडी पानी रोजाना शहर की जनता को उपलब्ध कराया जाता है।
टंकी सफाई कार्य: 15 पूर्ण, 2 प्रगति पर, निगम को 14 लाख की बचत
महापौर संजय पांडे के निर्देश पर जलापूर्ति विभाग द्वारा शहर की सभी 17 टंकियों की सफाई का कार्य चल रहा है। निविदा 20 जुलाई 2025 को जारी की गई थी और 20 अगस्त 2025 को कार्यादेश मिला। अब तक 15 टंकियों की सफाई पूरी हो चुकी है जबकि शेष 2 टंकियों की सफाई का कार्य प्रगति पर है।
सुरेश गुप्ता ने बताया कि इस बार की पारदर्शी निविदा प्रक्रिया से नगर निगम को करीब 14 लाख रुपये की बचत हुई है। पिछली बार (अगस्त 2023) में 182.4 लाख लीटर क्षमता की इन्हीं 17 टंकियों की सफाई पर 38,30,400 रुपये खर्च हुए थे। इस बार मात्र 24,62,400 रुपये में यह कार्य हो रहा है, जो प्रति लीटर सफाई दर में कमी (42 पैसे से घटकर 13.5 पैसे) के कारण संभव हो पाया है।
नियमित रखरखाव और त्वरित शिकायत निवारण
गुप्ता ने आश्वासन दिया कि फिल्टर प्लांट की नियमित सफाई और सिल्ट निकासी का कार्य नगर निगम के कुशल मजदूरों द्वारा समय-समय पर किया जाता है। गर्मियों में फिल्टर प्लांट की विशेष सफाई की प्रक्रिया भी चलती है। उन्होंने कहा कि किसी भी वार्ड से पानी की गुणवत्ता या आपूर्ति को लेकर शिकायत मिलने पर उसका त्वरित निराकरण किया जाता है। नगर निगम का उद्देश्य शहर के प्रत्येक नागरिक को निर्बाध और शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना है।
