साहू समाज का परिवार संस्कार कार्यशाला कल्लूबंजारी में संपन्न
मृत्यु भोज में पक्की कलेवा पर रोक, विवाह में डीजे एवं फिजूलखर्ची पर प्रतिबंध
छुरिया/कल्लूबंजारी | 16 अक्टूबर 2026: ग्राम कल्लूबंजारी में परिक्षेत्रीय साहू संघ का परिवार संस्कार कार्यक्रम संपन्न हुआ। इस अवसर पर समाज को बेहतर बनाने तथा सनातन संस्कृति एवं संस्कारों को सुरक्षित रखने पर विशेष जोर दिया गया। कार्यक्रम में सामाजिक कुरीतियों पर रोक लगाने तथा आने वाली पीढ़ी को संस्कारित बनाने के संकल्प के साथ कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।कार्यक्रम में मुख्य अतिथि जिला साहू संघ के जिला अध्यक्ष नोबेल साहू विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता तहसील साहू संघ के अध्यक्ष चुरामन साहू ने की। विशेष अतिथि के रूप में भुनेश्वर साहू (वर्तमान संरक्षक एवं पूर्व अध्यक्ष, तहसील साहू संघ), रोशन साहू (नगर अध्यक्ष, साहू समाज राजनांदगांव), भुनेश्वरी साहू, लीला साहू (जिला सह संयोजिका), ठगिया साहू, योगराज साहू, कुमेश्वरी साहू, कविता साहू, जाकेश साहू, प्रेमी साहू, टहलू राम साहू, बीरेन्द्र साहू, दिलीप साहू, खीर्मेंद्र साहू, गजेंद्र साहू एवं बालकिशन साहू सहित साहू समाज से बड़ी संख्या में जिला, तहसील एवं परिक्षेत्रीय स्तर के पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित थे।
बच्चों में संस्कार डालने की शुरुआत घर से करें
अतिथियों ने कहा कि सुबह उठकर माता-पिता को प्रणाम करना, हमारी सनातन संस्कृति की सुरक्षा, हिंदू परंपराओं, मान्यताओं, पूजा-पाठ की विधि, मंदिर जाना, देवी-देवताओं को प्रणाम करना, टीका लगाना, कलावा पहनना आदि हमारे सनातन धर्म एवं हिंदू समाज की संस्कृति है। जिसे हमें बचाकर रखना होगा तथा इन्हें सुरक्षित रखते हुए संरक्षण देना होगा। हमें पाश्चात्य संस्कृति एवं सभ्यता के अंधानुकरण से बचना चाहिए।
दहेज प्रथा, डीजे एवं फिजूलखर्ची पर प्रतिबंध
अतिथियों ने बेटी के विवाह में दहेज प्रथा की परंपरा पर रोक की बात की। उन्होंने कहा कि बेटों में ऐसा संस्कार डालें कि वे दहेज न लें। शादी-विवाह में ध्वनि प्रदूषण पर नियंत्रण रखने तथा डीजे की शोर से लोगों को मुक्त करने के लिए इस पर प्रतिबंध लगाने की बात कही गई।
प्रदेश साहू संघ की नियमावली पढ़कर सुनाई गई
प्रदेश साहू संघ द्वारा इन सभी विषयों पर 20 से 25 बिंदुओं में जो नियमावली बनाकर लाई गई है, उसे उक्त सम्मेलन में पढ़कर सुनाया गया। प्रदेश साहू समाज ने इस पर पूर्व से नियमावली जारी कर प्रतिबंध लगाया गया है, जिसके तहत मृत्यु भोज पर मिष्ठान अथवा कलेवा नहीं खिलाया जाएगा। सामाजिक नियमावली का उल्लंघन करने वालों पर सामाजिक अनुशासनात्मक एवं दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
बाल विवाह एवं नशापान पर रोक पर जोर
कार्यक्रम में बाल विवाह पर प्रतिबंध, नशापान को जीवन का अभिशाप बताते हुए इसे दूर करने तथा बेटे-बेटियों की शिक्षा पर विशेष जोर देने की बात कही गई। साथ ही अपनी संस्कृति एवं परंपराओं की सुरक्षा एवं संरक्षण करने पर बल दिया गया।
कार्यक्रम में क्षेत्रीय एवं तहसील स्तर के सामाजिक बंधुजन, माताएं एवं बहनें बड़ी संख्या में उपस्थित थीं। उक्त कार्यक्रम को तहसील/जिला साहू संघ के अध्यक्ष नोबेल साहू सहित सभी अतिथियों ने संबोधित किया।
कार्यक्रम में हुकुम सिंह साहू (अध्यक्ष, परिक्षेत्रीय साहू संघ), चंद्रशेखर साहू, चित्ररेखा साहू (उपाध्यक्ष), जीतू राम, शैलेन्द्री साहू (संगठन सचिव), पवन कुमार (कोषाध्यक्ष), महेंद्र साहू (सचिव), बालाराम, झगरूराम, ईशदेव साहू, खिलावन साहू, रूपेंद्र साहू, कुलदीप साहू, गौतमचंद साहू, आत्माराम साहू, संतोष साहू, पीताम्बर साहू, भागरति साहू, वासुदेव साहू, लोकेश साहू, भुवनेश्वर साहू, भुवनेश्वरी साहू, धनवंतिन साहू, जितेंद्र साहू, चंद्रकुमार साहू सहित बड़ी संख्या में सामाजिक बंधुजन एवं माताएं-बहनें उपस्थित थीं।
उक्त जानकारी कल्लूबंजारी परिक्षेत्रीय साहू संघ के अध्यक्ष हुकुम सिंह साहू ने दी।

