अनुसूचित जाति आयोग अध्यक्ष रामलाल चौहान का दंतेवाड़ा प्रवास, समाज प्रमुखों ने रखी 16% आरक्षण सहित कई मांगें

अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष रामलाल चौहान का दंतेवाड़ा प्रवास, समाज प्रमुखों ने रखी 16% आरक्षण सहित कई मांगें

दंतेवाड़ा के सर्किट हाउस में अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष श्री रामलाल चौहान को समाज प्रमुखों द्वारा 16% आरक्षण, NMDC नर्सिंग ट्रेनिंग एवं BTOA सदस्यता सहित विभिन्न मांगों का ज्ञापन सौंपते हुए।
दंतेवाड़ा के सर्किट हाउस में अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष (राज्य मंत्री दर्जा, पूर्व विधायक) रामलाल चौहान को महार समाज, गांणा समाज, सतनामी समाज एवं माहरा समाज के पदाधिकारियों द्वारा ज्ञापन सौंपते हुए। ज्ञापन में स्थानीय स्तर पर 16% आरक्षण की समीक्षा एवं वृद्धि, NMDC द्वारा अनुसूचित जाति की बच्चियों को नर्सिंग ट्रेनिंग का लाभ, BTOA में सदस्यता तथा अत्याचार के मामलों में अधिकारियों की जवाबदेही तय करने सहित कई प्रमुख मांगें शामिल रहीं।
दंतेवाड़ा, 29 सितंबर 2026 — छत्तीसगढ़ अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष एवं राज्य मंत्री दर्जा रामलाल चौहान का दंतेवाड़ा प्रवास हुआ। इस अवसर पर पूर्व अनुसूचित जाति आयोग के सदस्य पुनीत चौहान भी उपस्थित रहे। दंतेवाड़ा पहुंचने पर धनसिंह नाग (पार्षद), प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य लता मरकाम, जिला मंत्री श्यामलाल सेठिया, पार्षद एवं जिला महामंत्री एससी मोर्चा बसंत खुरा, विजय सोनवानी, सुरेश नाग एवं शिवदास ने उनका आत्मीय स्वागत कर सर्किट हाउस पहुंचाया।

सर्किट हाउस में फूल-माला के साथ हुआ भव्य स्वागत

सर्किट हाउस में अनुसूचित जाति समाज के लोगों द्वारा फूल-माला के साथ तथा अनुसूचित जाति के सर्व समाजों के पदाधिकारियों द्वारा गर्मजोशी से स्वागत किया गया। अपने बीच अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष (राज्य मंत्री दर्जा, पूर्व विधायक) रामलाल चौहान को देखकर सभी खुश थे। 

मां दंतेश्वरी मंदिर में किया दर्शन

सभी समाज प्रमुखों द्वारा अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष को मां दंतेश्वरी मंदिर ले जाकर माता का दर्शन कराया गया। तत्पश्चात सर्किट हाउस में समाज के लोगों ने अपनी समस्याएं रखीं और पत्र सौंपा।

समाज प्रमुखों ने रखीं ये मांगें

1️⃣ 16% आरक्षण की समीक्षा एवं वृद्धि की मांग

समाज प्रमुखों ने बताया कि वर्ष 2300 में माहरा समाज को अनुसूचित जाति में शामिल किए जाने के बाद तक बस्तर संभाग में अनुसूचित जाति की जनसंख्या में हुए बदलाव को ध्यान में रखते हुए स्थानीय स्तर पर आरक्षण के प्रतिशत की समीक्षा एवं आवश्यक 16% वृद्धि की मांग रखी गई।

2️⃣ जातिगत भेदभाव में तत्काल कार्रवाई की मांग

जातिगत भेदभाव, छुआछूत अथवा दुर्व्यवहार के मामलों में संलिप्त पाए जाने वाले अधिकारी-कर्मचारियों के विरुद्ध तत्काल कार्रवाई और निलंबन की मांग की गई।

3️⃣ जनसंख्या के आधार पर राजनीतिक प्रतिनिधित्व

पदाधिकारियों ने कहा कि जाति जनगणना के आधार पर विधानसभा में अनुसूचित जाति वर्ग को उचित प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए। बस्तर संभाग में अनुसूचित जाति वर्ग की संख्या को देखते हुए राजनीतिक प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने की मांग भी आयोग के अध्यक्ष के समक्ष रखी गई।

स्थानीय निकाय एवं विधानसभा चुनावों में जनसंख्या के आधार पर प्रतिनिधित्व — नगर पंचायत, नगर पालिका, नगर निगम, जनपद पंचायत, जिला पंचायत एवं विधानसभा जैसे चुनावों में अनुसूचित जाति वर्ग के लोगों की जनसंख्या का सर्वे कराकर जनसंख्या के अनुपात में प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जाए। बस्तर संभाग में अनुसूचित जाति वर्ग की आबादी को ध्यान में रखते हुए उन्हें भी उचित सीटों पर चुनाव लड़ने का अवसर दिया जाए, ताकि राजनीतिक प्रतिनिधित्व सुनिश्चित हो सके।

4️⃣ अत्याचार के मामलों में जवाबदेही तय हो

बैठक में अनुसूचित जाति वर्ग के लोगों के साथ होने वाले अत्याचार के मामलों में प्रभावी कार्रवाई नहीं होने का मुद्दा भी उठाया गया। पदाधिकारियों ने मांग की कि ऐसे मामलों में संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए तथा पीड़ितों को कानूनी प्रकरणों में आवश्यक सहयोग और न्याय दिलाने की दिशा में प्रभावी कदम उठाए जाएं।

5️⃣ NMDC नर्सिंग ट्रेनिंग का लाभ अनुसूचित जाति की बच्चियों को भी मिले

समाज प्रमुखों ने कहा कि जिस तरह अनुसूचित जनजाति की बच्चियों को NMDC द्वारा नर्सिंग ट्रेनिंग के लिए बाहर हैदराबाद भेजा जाता है, उसी तरह अनुसूचित जाति की बच्चियों को भी इसका लाभ मिलना चाहिए। क्योंकि अनुसूचित जाति के बच्चे भी बस्तर संभाग के दूरस्थ गांव क्षेत्रों में बसे हुए हैं और पिछड़े हैं, उन्हें भी इसका लाभ मिलना चाहिए।

6️⃣ BTOA में सदस्यता की मांग

समाज प्रमुखों ने कहा कि जिस तरह BTOA के द्वारा अनुसूचित जनजाति के लोगों को मेंबरशिप मिलती है, उसी तरह लोकल दंतेवाड़ा निवासी अनुसूचित जाति के लोगों को निवास प्रमाण पत्र या जन्म प्रमाण पत्र के तहत मेंबरशिप मिलनी चाहिए, ताकि समाज के लोग ट्रांसपोर्टिंग कार्य-व्यापार कर अपना और अपने परिवार का जीवन-यापन कर सकें। क्योंकि महार समाज, माहरा समाज एवं गांणा समाज के लोग दंतेवाड़ा जिले के गांव-गांव में निवासरत हैं।

सभी समाजों ने एक स्वर में उठाई 16% आरक्षण की मांग

सभी समाजों के लोगों ने एक स्वर में कहा कि पिछले की तरह 16% आरक्षण मिले, इसके लिए चिंता करने की बात कही। क्योंकि अभी माहरा समाज को भी अनुसूचित जाति समाज में जोड़ा गया है और यह समाज बस्तर सहित पूरे छत्तीसगढ़ में बहुसंख्यक है, इसलिए पूर्व की तरह 16% आरक्षण की आवश्यकता है।

आयोग अध्यक्ष ने दिया सकारात्मक आश्वासन

मा. आयोग अध्यक्ष जी द्वारा समाज प्रमुखों की बात ध्यान से सुनने के पश्चात कहा कि:

  • अनुसूचित जाति के लोगों को भी नर्सिंग ट्रेनिंग का लाभ मिले, इसके लिए CM साहब से बात करते हुए NMDC को आयोग से लेटर भेजने की बात कही।

  • BTOA के मामले में उनकी बायलॉज देखने की बात कही।

  • 16% आरक्षण के मामले में कहा कि आज जरूरत महसूस हो रही है, जो 16% आरक्षण पहले मिलता था, अभी भी मिलना चाहिए। इसके लिए CM सर एवं मंत्रियों से बात करने की बात कही।

बैठक में ये समाज एवं पदाधिकारी रहे उपस्थित

बैठक में निम्नलिखित समाजों के लोग उपस्थित थे —

समाजउपस्थित सदस्य
महार समाजराजकुमार झाड़ी, शंकर जुमड़ी, पुरुषोतम झाड़ी, कुलदीप झाड़ी, शंकर झाड़ी
गांणा समाजके. के. कोराम, तरुण कोरम, चुनुलाल प्रधान
सतनामी समाजआर. एल. बंजारे, डी. आर. रात्रे, एस. एन. भारतद्वाज, दीपक आडिल्य
माहरा समाजलच्छिन्दर नाग, अनिल नाग, मंधर बघेल, अमित नागेश

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basant dahiya

मेरा नाम बसंत दहिया है। मैं लगभग 20 वर्षों से प्रिंट मीडिया में सक्रिय रूप से कार्य कर रहा हूं। इसी बीच मैंने बस्तर जिला व राजधानी रायपुर के प्रमुख समाचार पत्रों में अपनी सेवा देकर लोकहित एवं देशहित में कार्य किया है। वर्तमान की आवश्यकता के दृष्टिगत मैंने अपना स्वयं का न्यूज पोर्टल- समग्रविश्व अप्रेल 2024 से शुरू किया है जो जनहित एवं समाज कल्याण में सक्रिय है। इसमें आप सहयोगी बनें और मेरे न्यूज पोर्टल को सपोर्ट करें। "जय हिन्द, जय भारत"

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