जगदलपुर मेडिकल कॉलेज में शुरू हुआ लेवल-2 ट्रॉमा सेंटर, 6 करोड़ की लागत से 20 बिस्तरों की सुविधा

जगदलपुर मेडिकल कॉलेज में 6 करोड़ की लागत से शुरू हुआ आधुनिक लेवल-2 ट्रॉमा सेंटर, बस्तर को मिली जीवन रक्षा की मजबूत सौगात

जगदलपुर के शहीद महेंद्र कर्मा स्मृति चिकित्सालय में स्थापित आधुनिक लेवल-2 ट्रॉमा सेंटर का भ्रमण करते अधिकारी एवं चिकित्सक।
जगदलपुर मेडिकल कॉलेज में 6 करोड़ की लागत से बने लेवल-2 ट्रॉमा सेंटर में आधुनिक ऑपरेशन थिएटर, आईसीयू और चिकित्सा उपकरणों की व्यवस्था।
जगदलपुर, 12 सितंबर 2026 — बस्तर संभाग और आसपास के अंचल में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। स्वर्गीय श्री बलिराम कश्यप स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय से संबद्ध शहीद महेंद्र कर्मा स्मृति चिकित्सालय, डिमरापाल जगदलपुर में आधुनिक सुविधाओं से परिपूर्ण लेवल-2 ट्रॉमा सेंटर की स्थापना की गई है, जिसका विधिवत उद्घाटन संपन्न हो चुका है। यह केंद्र गंभीर दुर्घटनाओं और आपात स्थितियों में मरीजों को त्वरित व समुचित उपचार उपलब्ध कराएगा।

12वीं पंचवर्षीय योजना के तहत मिली स्वीकृति

भारत सरकार की 12वीं पंचवर्षीय योजना के तहत देश भर में 85 ट्रॉमा सेंटर स्थापित करने का प्रावधान किया गया था। इसी अनुक्रम में वर्ष 2020-21 में छत्तीसगढ़ राज्य के तीन शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों — रायगढ़, अंबिकापुर एवं जगदलपुर — के लिए ट्रॉमा सेंटर स्वीकृत किए गए थे। इसी कड़ी में जगदलपुर में यह अत्याधुनिक सुविधा अब धरातल पर उतर चुकी है।

6 करोड़ रुपए की लागत, 20 बिस्तरों की व्यवस्था

इस महत्वपूर्ण स्वास्थ्य इकाई के निर्माण एवं सुचारू संचालन के लिए कुल लगभग 6 करोड़ रुपए का वित्तीय प्रावधान किया गया है, जिसमें —

मदराशि
आधारभूत अधोसंरचना निर्माण1.50 करोड़ रुपए
जीवनरक्षक चिकित्सा उपकरण4.43 करोड़ रुपए

आपातकालीन एवं गंभीर स्थिति में आने वाले मरीजों को त्वरित व समुचित उपचार देने के उद्देश्य से इस केंद्र में 20 बिस्तरों की आधुनिक व्यवस्था की गई है। साथ ही केंद्र के निरंतर संचालन के लिए 60 नए पदों की स्वीकृति भी दी गई है, जिससे चिकित्सा व सहायक सेवाओं को जमीनी मजबूती मिलेगी।

गोल्डन ऑवर का रखा गया विशेष ध्यान

मेडिकल कॉलेज के अधिष्ठाता डॉ. प्रदीप बेक ने बताया कि चिकित्सा विज्ञान में दुर्घटना के तत्काल बाद का पहला घंटा यानी गोल्डन ऑवर जीवन रक्षा के लिए सर्वाधिक संवेदनशील माना जाता है। इसी प्राथमिकता को ध्यान में रखते हुए यह ट्रॉमा यूनिट आधुनिक ऑपरेशन थिएटर और गहन चिकित्सा इकाई (ICU) से सुसज्जित है।

यहाँ एक ही छत के नीचे न्यूरोसर्जरी, ऑर्थोपेडिक्स, जनरल सर्जरी, एनेस्थीसिया, पैथोलॉजी और रेडियोलॉजी विभाग के विशेषज्ञ चौबीसों घंटे तैनात रहेंगे, ताकि सड़क हादसों व अन्य गंभीर आपात स्थितियों में बिना समय गंवाए जटिल सर्जरी व सघन उपचार तुरंत उपलब्ध कराया जा सके।

बस्तर के लिए बना भरोसे का केंद्र

यह सुविधा बस्तर क्षेत्र के लोगों के लिए जीवन रक्षा का एक मजबूत भरोसा बनकर उभरी है। इससे गंभीर मरीजों को बड़े शहरों में रेफर करने की मजबूरी से बड़ी राहत मिलेगी, जिससे कीमती समय और जान दोनों की रक्षा संभव हो सकेगी। क्षेत्रवासियों ने इस पहल का स्वागत करते हुए इसे बस्तर के स्वास्थ्य ढांचे में नए युग की शुरुआत बताया है।

basant dahiya

मेरा नाम बसंत दहिया है। मैं लगभग 20 वर्षों से प्रिंट मीडिया में सक्रिय रूप से कार्य कर रहा हूं। इसी बीच मैंने बस्तर जिला व राजधानी रायपुर के प्रमुख समाचार पत्रों में अपनी सेवा देकर लोकहित एवं देशहित में कार्य किया है। वर्तमान की आवश्यकता के दृष्टिगत मैंने अपना स्वयं का न्यूज पोर्टल- समग्रविश्व अप्रेल 2024 से शुरू किया है जो जनहित एवं समाज कल्याण में सक्रिय है। इसमें आप सहयोगी बनें और मेरे न्यूज पोर्टल को सपोर्ट करें। "जय हिन्द, जय भारत"

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