डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती पर विश्वविद्यालय में छात्र समागम, उच्च शिक्षा मंत्री बोले – विचारधारा से बनता है जीवन
डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी सेंटर फॉर होलिस्टिक डेवलपमेंट स्थापित करने की मांग, आधुनिक सभागार का लोकार्पण
जगदलपुर, 12 जुलाई 2026 |
एक स्पष्टवादी राजनीतिक विचारक, सुविख्यात शिक्षाविद् और भारत की अखंडता के प्रबल पैरोकार डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती के उपलक्ष्य में शनिवार को शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय में विशेष व्याख्यान एवं छात्र समागम का आयोजन किया गया।
📸 उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा का उद्बोधन
उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती पर उद्बोधन देते हुए।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि हमारे जीवन में विचारधारा का महत्वपूर्ण योगदान होता है। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी अपने राष्ट्रवादी विचारधारा के कारण महान हुए। आज डॉ. मुखर्जी की विचारधारा पर केंद्र और प्रदेश की सरकारें चहुंमुखी विकास के कार्य कर रही हैं।
📸 विधायक किरण सिंह देव का उद्बोधन
जगदलपुर विधायक किरण सिंह देव डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती समारोह में उद्बोधन देते हुए।
विधायक किरण सिंह देव ने कहा कि डॉ. मुखर्जी न केवल एक मेधावी छात्र थे बल्कि शिक्षा के अग्रदूतों में अग्रणी थे। उन्होंने राजनीति, समाज, शिक्षा, संस्कृति, औद्योगिक विकास जैसे विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य किया। भिलाई स्टील प्लांट की स्थापना में उनका अमूल्य योगदान था।
📸 विधायक लता उसेंडी का उद्बोधन
कोंडागांव विधायक सुश्री लता उसेंडी डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती समारोह में उद्बोधन देते हुए।
बस्तर विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष एवं कोंडागांव विधायक सुश्री लता उसेंडी ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी आधुनिक भारत के स्वप्नद्रष्टा थे। उन्होंने आसान जीवन छोड़कर संघर्ष को चुना। सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के रूप में उनके विचार आज देशवासियों को प्रेरणा दे रहे हैं।
📸 कुलपति ने महापौर को किया सम्मानित
कुलपति प्रो. मनोज कुमार श्रीवास्तव ने महापौर संजय पांडेय को स्मृतिचिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया।
स्वागत उद्बोधन में कुलपति प्रो. मनोज कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि डॉ. मुखर्जी एक युग प्रवर्तक नेता थे। डॉ. मुखर्जी ने 59 वर्ष पहले जम्मू कश्मीर में धारा 370 खत्म करने की बात की थी, जिसे 2019 में खत्म किया गया। देश के उद्योग मंत्री के रूप में उन्होंने देश के आर्थिक सुधार की कई कोशिशें कीं।
राष्ट्र निर्माण में डॉ. मुखर्जी के योगदान को स्मरण करते हुए महापौर संजय पांडेय ने कहा कि डॉ. मुखर्जी ने राष्ट्र की एकता के लिए केंद्रीय मंत्रिमंडल से इस्तीफा दिया था। उन्होंने आज़ाद भारत में राष्ट्र प्रथम की भावना जगाकर देश की अखंडता के लिए लोगों को जागरित किया।
🏛️ डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी सेंटर फॉर होलिस्टिक डेवलपमेंट की मांग
कुलपति प्रो. मनोज कुमार श्रीवास्तव ने विश्वविद्यालय में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी सेंटर फॉर होलिस्टिक डेवलपमेंट स्थापित करने की मांग की। इस पर उच्च शिक्षा मंत्री ने प्रस्ताव का परीक्षण कराकर आगे की कार्यवाही की बात कही।
🎬 आधुनिक सुविधाओं से युक्त सभागार का लोकार्पण
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के एमबीए भवन में आधुनिक सुविधाओं से युक्त सभागार का अतिथियों द्वारा लोकार्पण भी किया गया।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. रश्मि देवांगन ने किया। आभार प्रदर्शन एवं धन्यवाद ज्ञापन कार्यक्रम के समन्वयक डॉ. सजीवन कुमार ने किया।
इस अवसर पर जयराम दास (सदस्य विद्या एवं मूल्यांकन बोर्ड), महेंद्र कांत (सदस्य विद्या एवं मूल्यांकन बोर्ड), अजय बैस (सदस्य कार्यपरिषद), रूपसिंह मंडावी (सदस्य जनजाति आयोग), सुभाऊ कश्यप (पूर्व विधायक), डॉ. अनिल श्रीवास्तव (प्राचार्य, शासकीय काकतीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय), डॉ. अतुल त्रिवेदी (प्राचार्य, आत्मानंद मॉडल कॉलेज), अंबिका ध्रुव (प्राचार्य, आत्मानंद स्कूल), अभिषेक बाजपाई (पूर्व कुलसचिव), अमित रामटेके सहित अन्य उपस्थित रहे।
छात्र समागम के इस आयोजन में विश्वविद्यालय की विभिन्न अध्ययनशालाओं एवं शासकीय काकतीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम आदर्श महाविद्यालय, दंतेश्वरी कन्या महाविद्यालय, शासकीय महिला पॉलिटेक्निक, डीन उद्यानिकी महाविद्यालय, क्राइस्ट महाविद्यालय, आत्मानंद विद्यालय धरमपुरा के विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया।
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