दंतेवाड़ा में विधि महाविद्यालय (एलएलबी) संचालित करने की मांग, विधायक चैतराम अटामी को सौंपा पत्र
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| दंतेवाड़ा में विधि महाविद्यालय (एलएलबी) संचालित करने की मांग को लेकर भाजपा सोशल मीडिया प्रभारी राजेंद्र सिंह ठाकुर ने विधायक चैतराम अटामी को ज्ञापन सौंपा। |
दंतेवाड़ा, 06 जुलाई 2026। भाजपा सोशल मीडिया प्रभारी राजेंद्र सिंह ठाकुर ने आज दंतेवाड़ा विधायक चैतराम अटामी को ज्ञापन सौंपकर दंतेवाड़ा जिले में विधि महाविद्यालय (एलएलबी) का संचालन प्रारंभ कराने की मांग की।
उन्होंने कहा कि दंतेवाड़ा जिला बस्तर संभाग में शिक्षा का एक महत्वपूर्ण केंद्र है, जहां दंतेवाड़ा सहित सुकमा एवं बीजापुर जिले के बड़ी संख्या में विद्यार्थी उच्च शिक्षा प्राप्त करने आते हैं। इसके बावजूद जिले में विधि शिक्षा की सुविधा उपलब्ध नहीं होना क्षेत्र के युवाओं के लिए चिंता का विषय है।
📚 पूर्व में हुई थी पहल, लेकिन अधूरी रह गई
ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि पूर्व में दंतेवाड़ा में विधि शिक्षा प्रारंभ करने की पहल की गई थी। शिक्षकों की नियुक्ति एवं प्रवेश प्रक्रिया जैसी आवश्यक तैयारियां भी की गई थीं, लेकिन आवश्यक मान्यताओं एवं औपचारिकताओं के अभाव में यह प्रयास आगे नहीं बढ़ सका।
इसके बाद से आज तक जिले में विधि महाविद्यालय के संचालन को लेकर कोई ठोस पहल दिखाई नहीं दी है, जिससे कानून की पढ़ाई करने के इच्छुक विद्यार्थियों को अन्य जिलों एवं बड़े शहरों का रुख करना पड़ रहा है।
🎯 दक्षिण बस्तर के विद्यार्थियों को होगा लाभ
राजेंद्र सिंह ठाकुर ने कहा कि दंतेवाड़ा को शैक्षणिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र माना जाता है। यहां दक्षिण बस्तर के दूरस्थ अंचलों से विद्यार्थी बेहतर शिक्षा की उम्मीद लेकर आते हैं। सुकमा एवं बीजापुर जैसे जिलों के अनेक छात्र-छात्राएं भी दंतेवाड़ा में रहकर अपनी पढ़ाई पूरी करते हैं।
"ऐसे में विधि महाविद्यालय का अभाव हजारों विद्यार्थियों के भविष्य को प्रभावित कर रहा है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के विद्यार्थियों के लिए बाहर जाकर कानून की पढ़ाई करना आसान नहीं होता, जिसके कारण अनेक प्रतिभाशाली युवा अपनी इच्छा के बावजूद विधि शिक्षा से वंचित रह जाते हैं।"
⚖️ विधि महाविद्यालय संचालन संभव
उन्होंने कहा कि यदि बार काउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा निर्धारित मानकों एवं आवश्यक अधोसंरचना की पूर्ति सुनिश्चित की जाए तो दंतेवाड़ा में विधि महाविद्यालय का संचालन संभव है। इससे न केवल स्थानीय विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा, बल्कि पूरे दक्षिण बस्तर क्षेत्र में विधिक शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा और युवाओं के लिए नए अवसर भी सृजित होंगे।
📢 लंबे समय से उपेक्षित मांग
ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि दंतेवाड़ा जैसे महत्वपूर्ण जिले में विधि शिक्षा की सुविधा उपलब्ध कराना समय की मांग है, किंतु प्रशासनिक स्तर पर अपेक्षित गंभीरता एवं जनप्रतिनिधियों के सतत प्रयासों के अभाव में यह विषय लंबे समय से उपेक्षित बना हुआ है। क्षेत्र के विद्यार्थियों और अभिभावकों की ओर से लगातार इस मांग को उठाया जाता रहा है, लेकिन अब तक कोई सकारात्मक परिणाम सामने नहीं आया है।
🤝 विधायक से की गई अपील
राजेंद्र सिंह ठाकुर ने विधायक चैतराम अटामी से आग्रह किया कि वे इस महत्वपूर्ण छात्रहितैषी विषय को राज्य शासन एवं संबंधित विभागों के समक्ष प्रमुखता से उठाएं तथा दंतेवाड़ा में विधि महाविद्यालय के संचालन हेतु आवश्यक पहल करें।
"इस दिशा में सकारात्मक प्रयास होने पर दंतेवाड़ा, सुकमा और बीजापुर सहित पूरे दक्षिण बस्तर के विद्यार्थियों को इसका लाभ मिलेगा और क्षेत्र में उच्च शिक्षा के नए आयाम स्थापित होंगे।"
