बिजली कंपनी में आरक्षण विवाद गहराया, 6 जुलाई से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी
![]() |
| छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत मंडल आरक्षित वर्ग कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों ने जगदलपुर के कल्याण भवन में आंदोलन की तैयारी को लेकर बैठक की। 6 जुलाई से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी दी गई है। |
बैठक में संघ के पदाधिकारियों ने आंदोलन की रूपरेखा तैयार करने, जिला-स्तरीय संगठन को सक्रिय करने और कार्यकर्ताओं को जागरूक करने पर चर्चा की। संघ का कहना है कि वार्ता विफल होने की स्थिति में 6 जुलाई से आंदोलन शुरू कर दिया जाएगा, जिससे प्रदेश की बिजली व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।
⚡ विवाद क्या है?
संघ का आरोप है कि प्रबंधन द्वारा आरक्षण नियमों की अनदेखी करते हुए असंवैधानिक पदोन्नति की कार्रवाई की जा रही है। इसके अलावा, संगठन की विभिन्न मांगों को भी लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है.
मुख्य विवादित मुद्दे:
असंवैधानिक पदोन्नति की कार्रवाई।
आरक्षण नियमों का उल्लंघन।
अन्य सांगठनिक मांगों की अनदेखी।
🗓️ आंदोलन का कार्यक्रम
संघ ने चरणबद्ध आंदोलन की सूचना दी है:
1. 06 जुलाई 2026: अनिश्चितकालीन सामूहिक अवकाश (हड़ताल) की शुरुआत।
🏛️ अंतिम प्रयास: द्विपक्षीय वार्ता
हड़ताल से पहले अंतिम प्रयास के रूप में, पॉवर कंपनीज के अध्यक्ष ने 2 जुलाई 2026 को शाम 5 बजे एक संक्षिप्त बैठक बुलाई है। यह बैठक पंचम तल, महानदी भवन, नवा रायपुर, अटल नगर में आयोजित की गई है। संघ को इस बैठक में पांच केन्द्रीय पदाधिकारियों के साथ उपस्थित होने को कहा गया है।
📢 संघ की चेतावनी
संघ ने स्पष्ट किया है कि वार्ता विफल होने पर 6 जुलाई से आंदोलन शुरू कर दिया जाएगा। उन्होंने प्रबंधन एवं शासन प्रशासन को इसकी पूरी जिम्मेदारी ठहराया है। संघ का कहना है कि मांगों की अनदेखी के कारण कार्मिकों में भारी आक्रोश है और पूरे प्रदेश की बिजली व्यवस्था बाधित होने की प्रबल संभावना है।
🔥 हाइलाइट्स
✅ जगदलपुर के कल्याण भवन में आंदोलन की तैयारी को लेकर बैठक।
✅ 06 जुलाई 2026 से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी।
✅ असंवैधानिक पदोन्नति एवं आरक्षण नियमों का उल्लंघन है विवाद का मूल कारण।
✅ 02 जुलाई 2026 को नवा रायपुर में अंतिम द्विपक्षीय वार्ता।
✅ यदि वार्ता विफल रही तो प्रदेश की बिजली व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।
