नेगीगुड़ा में पीलिया का कहर बरकरार: रिकॉर्ड में 32 मरीज, ग्रामीण बोले- संख्या इससे अधिक
पानी और जल निकासी व्यवस्था पर उठ रहे सवाल, स्वास्थ्य विभाग की निगरानी जारी
16 वर्षीय नवलदाई सेठिया की नातिन, 2 जुलाई से पीलिया से पीड़ित।
शुरुआत में उल्टी और बुखार की शिकायत, जांच में पीलिया की पुष्टि।
जगदलपुर, 18 जुलाई 2026 | बस्तर जिले के जगदलपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत घाटपदमुर के आश्रित ग्राम नेगीगुड़ा में पीलिया का प्रकोप अभी भी चिंता का विषय बना हुआ है। स्वास्थ्य विभाग के रिकॉर्ड में अब तक 32 मरीज दर्ज किए गए हैं, लेकिन गांव के लोगों का दावा है कि बीमार पड़े लोगों की वास्तविक संख्या इससे कहीं अधिक है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा उपचार और निगरानी जारी है, वहीं गांव की पेयजल एवं जल निकासी व्यवस्था को लेकर भी ग्रामीण सवाल उठा रहे हैं।
प्रभावित परिवारों से समग्र विश्व की बातचीत
समग्र विश्व की टीम ने नेगीगुड़ा पहुंचकर प्रभावित परिवारों से बातचीत की। सोनाधर सेठिया के परिवार में तीन लोगों के पीलिया से प्रभावित होने की जानकारी मिली। परिवार के सदस्य मधु सेठिया ने बताया कि एक मरीज अस्पताल से छुट्टी लेकर घर लौट चुका है, जबकि दो अन्य के भी जल्द डिस्चार्ज होने की संभावना है।
इसी गांव में रहने वाली नवलदाई सेठिया की 16 वर्षीय नातिन प्रिया सेठिया 2 जुलाई से पीलिया से पीड़ित है। परिजनों के अनुसार शुरुआत में उसे उल्टी और बुखार की शिकायत हुई थी, जिसके बाद जांच में पीलिया की पुष्टि हुई। वर्तमान में भी उसका उपचार जारी है।
पानी और नाली व्यवस्था पर उठ रहे सवाल
फील्ड निरीक्षण के दौरान प्रभावित परिवार के घर के पास पाइपलाइन मरम्मत के लिए खोदा गया गड्ढा मिला। ग्रामीणों ने बताया कि कुछ समय पहले यहां नल से पानी ठीक से नहीं आ रहा था, जिसके बाद लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (PHE) विभाग ने पाइपलाइन की मरम्मत की। हालांकि मरम्मत के बाद खोदा गया गड्ढा अभी तक पूरी तरह नहीं भरा गया है।
गड्ढे के ठीक सामने एक हैंडपंप है, जिसके आसपास गंदगी देखी गई। ग्रामीणों का कहना है कि जब नल से पानी नहीं आता, तब कई परिवार इसी हैंडपंप का पानी उपयोग करते हैं।
दो दिन गंदा पानी आने के बाद बढ़े मरीज
ग्रामीणों ने बताया कि कुछ सप्ताह पहले दो दिनों तक नल से गंदा पानी आया था, जिसके बाद गांव में लोगों के बीमार पड़ने की घटनाएं बढ़ीं। हालांकि इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग ने अभी तक बीमारी का आधिकारिक कारण घोषित नहीं किया है। विभाग द्वारा पानी के नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं और रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार शिवानंद आश्रम के पास स्थित बोरिंग से नेगीगुड़ा में पेयजल की आपूर्ति की जाती है। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि पेयजल लाइन में पूर्व में कई स्थानों पर लीकेज अथवा क्षति की समस्या सामने आई थी, जिनकी मरम्मत की गई। इस संबंध में विभागीय जांच जारी है।
पंचायत का पक्ष
समाचार के संबंध में पंचायत का पक्ष जानने के लिए संवाददाता ने दो अलग-अलग दिनों में ग्राम पंचायत कार्यालय का दौरा किया, लेकिन दोनों बार कार्यालय बंद मिला। सचिव से दूरभाष पर संपर्क हुआ। उन्होंने व्यक्तिगत कारणों से बाहर होने की जानकारी देते हुए बाद में मिलने की बात कही। वहीं सरपंच ने बताया कि गांव में दो-तीन स्थानों पर नालियां बनाई गई हैं। संबंधित कार्यों का सत्यापन पंचायत रिकॉर्ड उपलब्ध होने के बाद किया जाएगा।
📍 स्थान: नेगीगुड़ा, घाटपदमुर, जगदलपुर | 🏥 स्वास्थ्य विभाग बस्तर
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