राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में निर्मल विद्यालय के खिलाड़ियों की शानदार उपलब्धि: बस्तर एवं छत्तीसगढ़ का बढ़ाया मान
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| नासिक में आयोजित 14वीं सब जूनियर राष्ट्रीय पेंचक सिलाट चैंपियनशिप 2026 में पदक जीतने वाली निर्मल विद्यालय की खिलाड़ी हिमांशी नाग एवं रेलिन नायसा दास। |
पेंचक सिलाट चैंपियनशिप में दोहरी सफलता
14वीं सब जूनियर एवं जूनियर राष्ट्रीय पेंचक सिलाट चैंपियनशिप 2026 का आयोजन नासिक, महाराष्ट्र में हुआ। इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में निर्मल विद्यालय की खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया।
हिमांशी नाग ने अंडर-12 बालिका वर्ग में 1 स्वर्ण एवं 1 कांस्य पदक जीतकर विद्यालय का नाम रोशन किया। वहीं, रेलिन नायसा दास (Raelyn Naysa Das) ने 3–6 वर्ष बालिका वर्ग में स्वर्ण पदक अपने नाम करते हुए सभी को चौंका दिया। इन दोनों खिलाड़ियों ने अपने बेहतरीन प्रदर्शन से बस्तर अंचल का मान बढ़ाया।
कराटे चैंपियनशिप में भी दमदार प्रदर्शन
इसके अतिरिक्त, सब जूनियर राष्ट्रीय कराटे चैंपियनशिप, देहरादून में विद्यालय का प्रतिनिधित्व करने वाले खिलाड़ियों ने भी उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
अनमोल गौतम, अभ्युदय देव एवं जे. निवुन कृष्णा ने इस प्रतियोगिता में शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए विद्यालय एवं राज्य का गौरव बढ़ाया। इन खिलाड़ियों ने कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच अपनी प्रतिभा का परिचय दिया और निर्मल विद्यालय का नाम रोशन किया।
विद्यालय परिवार ने दी शुभकामनाएँ
राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले इन खिलाड़ियों को विद्यालय में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान सम्मानित किया गया।
प्राचार्य फादर संतोष वर्गीस, वरिष्ठ व्यायाम शिक्षिका संगीता तिवारी, ज्वाला प्रकाश, मार्शल आर्ट्स कोच अंकिता जायसवाल एवं समस्त विद्यालय स्टाफ ने सभी खिलाड़ियों को शुभकामनाएँ प्रदान कीं।
इस अवसर पर वक्ताओं ने खिलाड़ियों के अनुशासन, समर्पण एवं कठिन परिश्रम की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। विद्यालय परिवार ने सभी खिलाड़ियों, उनके अभिभावकों एवं प्रशिक्षकों को इस उल्लेखनीय उपलब्धि पर हार्दिक बधाई दी।
निर्मल विद्यालय का खेलों में बढ़ता दबदबा
निर्मल विद्यालय बस्तर अंचल में खेलों के क्षेत्र में अपनी एक अलग पहचान बना चुका है। विद्यालय द्वारा खिलाड़ियों को बेहतर कोचिंग एवं संसाधन उपलब्ध कराए जाने का यह परिणाम है कि विद्यालय के खिलाड़ी लगातार राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रहे हैं। यह उपलब्धि बस्तर के युवाओं के लिए एक प्रेरणास्रोत है।
