15 जुलाई के फेडरेशन आंदोलन को जागरूक शिक्षक संघ का खुला समर्थन, शिक्षकों से धरना में शामिल होने की अपील
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| छत्तीसगढ़ जागरूक शिक्षक संघ के समस्त प्रदेश पदाधिकारियों की समूह फोटो। |
🗓️ 15 जुलाई को रायपुर में धरना प्रदर्शन
गौरतलब है कि विभिन्न मांगों एवं समस्याओं के समाधान के लिए छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक/समग्र शिक्षक फेडरेशन ने आगामी 15 जुलाई को राज्य की राजधानी रायपुर में एक दिवसीय आंदोलन एवं धरना प्रदर्शन का ऐलान किया है। इस आंदोलन को अब जागरूक शिक्षक संघ ने अपना समर्थन दे दिया है।
📢 संघ ने शिक्षकों से की अपील
संगठन के प्रदेश अध्यक्ष जाकेश साहू, प्रदेश उपाध्यक्ष शिवकुमार साहू, प्रदेश सचिव राजेंद्र लाडेकर, प्रदेश महासचिव भोजराम साहू, गायत्री मंडलोई, महेश्वर कोटपरिहा, प्रदेश संयुक्त सचिव हरिशंकर पटेल, कमलेश कुमार भारती, प्रदेश प्रवक्ता नरेंद्र तिवारी, केशव पटेल, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य रोहित कुमार पटेल, अमर दास बंजारे, रामसेवक पैकरा, राजेंद्र कुमार साहू, जगदीश साहू, दिनेश कुमार लहरें, देवेंद्र वर्मा, प्रमोद कुंभकार, दिनेश निर्मलकर, संतोष जैन, मनोज यादव, अभिषेक तिवारी, सुषमा प्रजापति, नारद सहारे, मुकेश दिवाकर, शंभूराम साहू, चंद्रशेखर सारथी, अरविंद पांडे, देवीदयाल साहू, फूलदेव गुप्ता, हीरालाल विश्वकर्मा, ज्वाला बंजारे, महेश शर्मा, बिमला लकड़ा, मंजू शर्मा, नंदकुमार पटेल, रूलिका लकड़ा, नूरजहां खान, रूपेंद्र कुमार साहू, कोमल सिंह गुरु, तिलक खांडे, कुलदीप सिन्हा, शशिमा कुर्रे, विनोद सिंह राजपूत, मनीषा मिंज, कुलेश्वरी साहू, कैलाशचंद्र ठाकुर सहित समस्त प्रदेश पदाधिकारियों ने संयुक्त प्रेस विज्ञप्ति जारी कर प्रदेश के समस्त शिक्षकों से इस आंदोलन में शत-प्रतिशत शामिल होने की अपील की है।
🔥 मुख्य मांगें क्या हैं?
प्रांताध्यक्ष जाकेश साहू, राजेंद्र लाड़ेकर, शिवकुमार साहू एवं कमलेश भारती ने बताया कि संघ की प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं:
1. ⚖️ सहायक शिक्षकों की वेतन विसंगति दूर की जाए
सहायक शिक्षकों की वेतन विसंगति को तत्काल दूर किया जाना चाहिए।
2. 📈 एलबी संवर्ग को क्रमोन्नति एवं पेंशन का लाभ
समस्त शिक्षक एलबी संवर्ग को प्रथम सेवा गणना करते हुए क्रमोन्नति एवं पेंशन सहित समस्त लाभ दिया जाना चाहिए।
3. 📝 टीईटी (TET) की अनिवार्यता वापस ली जाए
शिक्षकों के लिए टीईटी (TET) की अनिवार्यता न्याय के प्राकृतिक सिद्धांत के विपरीत है। संघ ने सवाल उठाया कि "20 और 25 वर्ष की सफल सेवा उपरांत कौन कर्मचारी परीक्षा दिलाता है?" यह निर्णय सरकार के नीति निर्धारकों पर सवाल खड़ा करता है। संघ ने इस निर्णय को तत्काल वापस लेने की मांग की है। साथ ही केंद्र सरकार से इस मामले में कानून में आवश्यक संशोधन करने की भी मांग की गई है।
4. 📱 वीएसके एप्प को बंद किया जाए
वीएसके एप्प को अव्यवहारिक बताते हुए इसे तत्काल बंद करने की मांग की गई है। संघ का कहना है कि प्रदेश के अनेक स्कूल ऐसे हैं जहां पर किसी भी मोबाइल का टावर ही नहीं है और एप्प सही तरीके से काम नहीं कर रहा है।
5. 📲 ऑनलाइन कार्यों का बोझ कम किया जाए
ऑनलाइन कार्यों की अधिकता और मोबाइल में 26 से अधिक एप्प होने के कारण शिक्षक प्रताड़ित हो रहे हैं। इन एप्पों को कम करने की मांग भी की गई है।
🗳️ चुनावी वादे पूरे नहीं किए गए
संघ ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य विधानसभा चुनाव 2023 में तत्कालीन भाजपा प्रदेश संगठन ने अपनी चुनावी घोषणा पत्र को देश के प्रधानमंत्री माननीय श्रीमान नरेंद्र मोदी की गारंटी का नाम देते हुए राज्य के शिक्षक एवं कर्मचारियों से अनेक वादे किए थे। प्रदेश में भाजपा की सरकार को आज ढाई साल पूरा हो गया है, लेकिन शिक्षकों की किसी भी महत्वपूर्ण मांगों को पूरा नहीं किया गया है। ऊपर से तरह-तरह के नए नियम कानून लगाए जा रहे हैं।
🤝 संघ का कड़ा संदेश
प्रांताध्यक्ष जाकेश साहू ने कहा – "अऊ नई सहिबो.... अब हड़ताल/आंदोलन करके रहीबो....." उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि सरकार ने मांगों पर ध्यान नहीं दिया तो संघ आंदोलन को और तीव्र करेगा। संघ ने सभी शिक्षकों से 15 जुलाई को रायपुर में होने वाले धरना प्रदर्शन में बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की है।
