विश्व पर्यावरण दिवस पर शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय में हुआ पौधारोपण, पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश
कार्यक्रम का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण, हरित परिसर निर्माण तथा युवाओं में प्रकृति के प्रति उत्तरदायित्व की भावना विकसित करना था।
विश्वविद्यालय परिसर में लगाए गए फलदार एवं औषधीय पौधे
इस अवसर पर विश्वविद्यालय परिसर में फलदार पौधों का रोपण किया गया। कुलसचिव डॉ. राजेश लालवानी ने जामुन का पौधा लगाया। इसके अलावा आम, कटहल सहित अन्य फलदार एवं औषधीय पौधों का रोपण किया गया।
पौधारोपण कार्यक्रम में प्रोफेसर शरद नेमा, डॉ. सजीवन कुमार (कार्यक्रम समन्वयक, एनएसएस), डॉ. विनोद सोनी, विजय भारत (पर्यावरण विद, जगदलपुर), डॉ. मेक्सुदन, डॉ. भुनेश्वर लाल साहू, डॉ. नीरज वर्मा, डॉ. दुर्गेश डिक्सेना, डॉ. कृष्णा वर्मा, प्रेम जीत निराला एवं देवेन्द्र दुर्गे ने सहभागिता की।
डॉ. राजेश लालवानी: वृक्षारोपण के साथ संरक्षण भी आवश्यक
कुलसचिव डॉ. राजेश लालवानी ने पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पृथ्वी को सुरक्षित और हरा-भरा बनाए रखने के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण केवल पौधे लगाने तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि उनके संरक्षण एवं संवर्धन की जिम्मेदारी भी सभी को निभानी चाहिए।
प्रो. शरद नेमा और डॉ. सजीवन कुमार का संदेश
प्रो. शरद नेमा (विभागाध्यक्ष) ने वृक्षारोपण, स्वच्छता अभियान, जल संरक्षण तथा पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रम पर प्रकाश डाला।
डॉ. सजीवन कुमार (कार्यक्रम समन्वयक, एनएसएस) ने कहा कि प्रकृति के साथ संतुलन स्थापित करना वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है तथा युवा पीढ़ी इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
पौधों की सुरक्षा का लिया संकल्प
पौधारोपण कार्यक्रम के दौरान विश्वविद्यालय परिसर एवं बालक छात्रावास में फलदार (आम, जामुन, कटहल) एवं औषधीय पौधों का रोपण किया गया। उपस्थित सभी लोगों ने पौधों की सुरक्षा एवं नियमित देखभाल का संकल्प लिया तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनजागरूकता फैलाने का भी संकल्प व्यक्त किया।
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय परिवार के सदस्यों, विद्यार्थियों एवं राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
