बोधघाट में ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत हुआ पौधारोपण, ग्रामीणों ने लिया संकल्प
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| विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर स्वामी आत्मानंद शासकीय हाई स्कूल, बोधघाट में 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान के तहत सामाजिक वानिकी वनमंडल के कर्मचारियों द्वारा पौधारोपण करते हुए। |
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर आज स्वामी आत्मानंद शासकीय हाई स्कूल, बोधघाट (जगदलपुर) में “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के तहत पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
लोगों ने बढ़-चढ़कर लिया भाग
इस कार्यक्रम में सामाजिक वानिकी वनमंडल के समस्त स्टाफ, विद्यालय के समस्त स्टाफ, ग्रामीणजन एवं अन्य गणमान्य नागरिकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। सभी ने मिलकर विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए और पर्यावरण संरक्षण व हरित विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।
वक्ताओं ने कहा – वृक्ष हैं पृथ्वी के जीवनदाता
इस अवसर पर वृक्षों के महत्व, पर्यावरण संरक्षण, जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों तथा प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के संबंध में जानकारी दी गई।
वक्ताओं ने कहा कि वृक्ष पृथ्वी के जीवनदाता हैं और आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए अधिक से अधिक वृक्षारोपण करना समय की आवश्यकता है।
‘एक पेड़ माँ के नाम’ का संदेश
“एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के माध्यम से प्रत्येक व्यक्ति को अपनी माता के सम्मान में एक पौधा लगाने एवं उसके संरक्षण का संदेश दिया गया। यह अभियान मातृ सम्मान के साथ-साथ प्रकृति के प्रति हमारी जिम्मेदारी को भी दर्शाता है।
संकल्प के साथ संपन्न हुआ कार्यक्रम
कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल एवं संरक्षण का संकल्प लिया। साथ ही पर्यावरण संरक्षण हेतु निरंतर कार्य करने का भी संकल्प व्यक्त किया।
इस प्रकार विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर आयोजित पौधारोपण कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
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क्या हुआ कार्यक्रम में?
🌱 पौधारोपण
सभी अतिथियों ने मिलकर काजू, पपीता और ऑयल पाम के पौधों का रोपण किया।
🗣️ उद्बोधन
दया राम बघेल (सरपंच) ने लोगों से अधिक से अधिक जल संरक्षण और पौधारोपण करने की अपील की। साथ ही सिंगल यूज पॉलिथीन के उपयोग को कम करने के लिए जन जागरूकता फैलाने पर जोर दिया।
डॉ. जी.पी. नाग (विशिष्ट अतिथि) ने मृदा प्रदूषण और उसके प्रभावों पर प्रकाश डाला। उन्होंने किसानों से अधिक से अधिक प्राकृतिक खेती करने और रसायनों व कीटनाशकों के उपयोग को कम करने का आग्रह किया।
डॉ. इशु साहू (अध्यक्ष) ने प्रदूषण के कारण हो रहे जलवायु परिवर्तन और उसके दुष्प्रभावों पर चर्चा की। उन्होंने कहा:
"पर्यावरण की रक्षा करना केवल सरकार का कर्तव्य नहीं है, बल्कि यह हम सभी का नैतिक दायित्व है। प्रत्येक नागरिक को अपने जीवन में पौधारोपण अवश्य करना चाहिए।"
प्रतियोगिताओं से जागरूकता
इस कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं और स्वयंसेवकों के लिए विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया:
🎨 रंगोली प्रतियोगिता
🖼️ पोस्टर प्रतियोगिता
📝 निबंध प्रतियोगिता
सभी प्रतिभागियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और पोस्टर एवं रंगोली के माध्यम से लोगों को पर्यावरण के प्रति जागरूक किया।
धन्यवाद ज्ञापन
कार्यक्रम के अंत में डॉ. सुमित (कार्यक्रम अधिकारी, राष्ट्रीय सेवा योजना) ने सभी अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापन किया।
कौन-कौन रहे मौजूद?
इस कार्यक्रम में निम्नलिखित गणमान्य लोग उपस्थित रहे:
दया राम बघेल (माननीय सरपंच, ग्राम पंचायत सोनारपाल), डॉ. जी.पी. नाग (अधिष्ठाता, उद्यानिकी महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र, जगदलपुर) विशिष्ट अतिथि के रूप में, कैलाश मौर्य (माननीय उपसरपंच, ग्राम पंचायत सोनारपाल), संतोषराम (माननीय अध्यक्ष, ग्राम सभा सोनारपाल), राम कुमार देवांगन (कार्यक्रम अधिकारी, राष्ट्रीय सेवा योजना, जगदलपुर), डॉ. इशु साहू (अधिष्ठाता, उद्यानिकी महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र, सोनारपाल, बस्तर) ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की।
इसके अलावा महाविद्यालय के अधिकारी रितिका समरथ, डॉ. अग्निभ हालदार, डॉ. रिनू, डॉ. वागेश्वरी, छात्र-छात्राएं, स्वयंसेवक और बड़ी संख्या में ग्रामीण जन उपस्थित रहे।
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