Bastar: खेत बचाओ अभियान में बोले विधायक - सिक्किम की तरह बनें पूर्ण जैविक, बंद करें रासायनिक खाद

खेत बचाओ अभियान व जैविक कृषि मेला: बस्तर को सिक्किम की तर्ज पर पूर्ण जैविक बनाने का आह्वान

विधायक किरण सिंह देव ने रासायनिक खादों के बढ़ते उपयोग पर जताई चिंता, किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाने का दिया संदेश

Jagdalpur MLA Kiran Singh Dev distributing seeds to farmers during Khet Bachao Abhiyan and organic farming mela at agriculture college Kumharawand with BJP leaders and officials
कुम्हरावंड स्थित शहीद गुण्डाधुर कृषि महाविद्यालय में आयोजित खेत बचाओ अभियान एवं जैविक कृषि मेले के दौरान जगदलपुर विधायक किरण सिंह देव किसानों को मूंग, ढेंचा और रागी बीज वितरित करते हुए। इस मौके पर भाजपा नेता और कृषि विभाग के अधिकारीगण भी उपस्थित रहे। किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाने और फसल विविधता बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
जगदलपुर (12 जून 2026)। खेत बचाओ अभियान तथा जैविक कृषि मेला का गरिमामय आयोजन शुक्रवार को कुम्हरावंड स्थित शहीद गुण्डाधुर कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र के सभागार में किया गया। इस कार्यक्रम में बस्तर जिले के भारी संख्या में प्रगतिशील किसानों, वैज्ञानिकों और जनप्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।

मुख्य अतिथियों ने किसानों को किया प्रेरित

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जगदलपुर के विधायक किरण सिंह देव, जिला केंद्रीय सहकारी बैंक के अध्यक्ष दिनेश कश्यप और जगदलपुर के महापौर संजय पांडे उपस्थित थे। सभी ने किसानों की उन्नति, भूमि संरक्षण और वैकल्पिक कृषि पद्धतियों को अपनाने पर विशेष बल दिया।

'यूरिया खेतों को जला रहा है' – विधायक किरण सिंह देव

अपने प्रेरणादायी उद्बोधन के दौरान विधायक किरण सिंह देव ने आधुनिकता और जल्दी परिणाम पाने की होड़ में डीएपी और यूरिया जैसे रासायनिक उर्वरकों के बढ़ते उपयोग पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा:

"हम अपनी धरती माता को कष्ट दे रहे हैं। यूरिया खेतों को उपजाऊ बनाने के बजाय उन्हें अंदर से जला रहा है।"

उन्होंने पुराने समय को याद करते हुए साझा किया कि पहले जब हमारे बुजुर्ग केवल गोबर खाद का इस्तेमाल करते थे, तब फसलों और अनाज की खुशबू से पूरा खलिहान और घर महक जाता था। आज रासायनिक असंतुलन के कारण हार्ट, किडनी, लिवर व फेफड़ों जैसी गंभीर बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं।

बस्तर को बनाना है पूर्ण जैविक

विधायक ने बस्तर के किसानों से वापस अपनी जड़ों की ओर लौटने और जैविक व प्राकृतिक खेती को अपनाने की पुरजोर अपील की। उन्होंने सिक्किम का उदाहरण देते हुए कहा:

"क्षेत्रफल में हमारा बस्तर सिक्किम से भी बड़ा है। जब सिक्किम 100 प्रतिशत जैविक खेती अपनाकर देश का पहला पूर्ण जैविक राज्य बन सकता है, तो बस्तर भी यह मुकाम हासिल कर सकता है।"

जैविक खेती के फायदे

लाभविवरण
लागत कमगोबर और जैविक खाद से कीटनाशकों और महंगी दवाइयों का खर्च पूरी तरह बचता है
उत्पादन बढ़ेप्रति एकड़ पैदावार दोगुनी से तिगुनी तक बढ़ सकती है
बाजार मूल्य अधिकरासायनिक अनाज के मुकाबले जैविक उत्पादों की मांग और कीमत दोनों अधिक
जल सोखने की क्षमताजमीन की पानी सोखने की क्षमता सुधरती है

शासन की योजनाओं की दी गई जानकारी

किसानों को आर्थिक संबल देने के उद्देश्य से कार्यक्रम में शासन की कल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई:

  • कृषक उन्नति योजना: प्रति एकड़ 15,000 रुपए का अनुदान

  • प्राकृतिक खेती प्रोत्साहन: राज्य बजट में 40 करोड़ रुपये का विशेष प्रावधान

  • पीएम किसान सम्मान निधि: केंद्र सरकार की योजना

  • फसल बीमा योजना: किसानों को सुरक्षा कवच

वैकल्पिक फसलों और पशुपालन पर जोर

विधायक ने किसानों को केवल पारंपरिक धान की खेती पर निर्भर न रहकर वैकल्पिक फसलों को अपनाने का सुझाव दिया:

  • दाल, तिलहन, कोदो-कुटकी, मक्का

  • मौसमी सब्जियों का उत्पादन

  • कोदो-कुटकी जैसे मोटे अनाजों की विश्वव्यापी मांग

साथ ही उन्होंने नारियल की खेती, सूकर पालन, मुर्गी पालन और मछली पालन जैसे संबद्ध क्षेत्रों से जुड़ने के लिए प्रेरित किया, जिनमें सरकार द्वारा भारी सब्सिडी दी जा रही है।

मृदा परीक्षण पर जोर – दिनेश कश्यप

जिला केंद्रीय सहकारी बैंक के अध्यक्ष दिनेश कश्यप ने मिट्टी संरक्षण को कृषि की रीढ़ बताते हुए सचेत किया:

"रासायनिक खादों के उपयोग से भूमि की उपजाऊ क्षमता समाप्त हो रही है। किसान अनिवार्य रूप से वैज्ञानिक तरीके से मृदा परीक्षण (मिट्टी की जांच) कराएं और रिपोर्ट के आधार पर ही संतुलित मात्रा में जैविक, हरी व गोबर खाद का उपयोग करें।"

महापौर संजय पांडे ने किसानों को बताया राष्ट्र का निर्माता

महापौर संजय पाण्डे ने किसानों को राष्ट्र का वास्तविक निर्माता और कृषि को शास्त्रों के अनुसार श्रेष्ठ कर्म बताया। उन्होंने कृषि वैज्ञानिकों से अपील की कि वे आधुनिक तकनीकों तथा ज्ञान को सीधे खेत-खलिहानों तक पहुंचाएं।

किसानों को वितरित किए गए बीज

इस अवसर पर किसानों को मूंग और ढेंचा का बीज वितरित किया गया, ताकि खरीफ की बोआई और रोपाई के पहले इन्हें तैयार कर प्राकृतिक खाद के रूप में उपयोग किया जा सके। साथ ही रागी बीज का वितरण भी किया गया, ताकि किसान फसल विविधता के लिए प्रोत्साहित हो सकें।

इनकी रही उपस्थिति

  • जिला पंचायत उपाध्यक्ष: बलदेव मंडावी

  • शहीद गुण्डाधुर कृषि महाविद्यालय के अधिष्ठाता: डॉ. आरएस नेताम

  • शहीद डेबरीधुर उद्यानिकी महाविद्यालय के अधिष्ठाता: डॉ. गणेश नाग

  • कृषि विभाग के उपसंचालक: राजीव श्रीवास्तव

  • सहित विभागीय अधिकारीगण एवं बड़ी संख्या में कृषकगण


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basant dahiya

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