जंगल में दिखा 'एक्शन हीरो' का अंदाज! बस्तर वनमंडल ने संवेदनशील इलाकों में किया मॉकड्रिल
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| वन अपराधों से निपटने के लिए बस्तर वनमंडल ने भानपुरी के बनियागाँव व पिपलावंड में मॉकड्रिल किया। पूरा वन अमला अलर्ट मोड पर रहा और ग्रामीणों को वन संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया। |
क्या हुआ इस मॉकड्रिल में?
सुबह होते ही पूरा वन अमला 'अलर्ट मोड' पर आ गया। घटना की काल्पनिक सूचना मिलते ही टीम ने बिना किसी देरी के बनियागाँव और पिपलावंड के जंगलों में दौड़ लगा दी। सघन गश्त की गई, संदिग्ध जगहों की छानबीन हुई और मॉकड्रिल के तहत वन अपराध के मामले तत्काल 'दर्ज' भी किए गए। यानी, अगर वाकई कोई अवैध कटाई या शिकार करता है, तो विभाग उसे पलभर में पकड़ने में सक्षम है।
सिर्फ कार्रवाई नहीं, समझाइश भी
टीम ने वहां मौजूद ग्रामीणों और ट्रैक्टर चालकों को भी नहीं भूला। उन्हें समझाया गया कि जंगल को नुकसान पहुंचाना यानी अपने भविष्य को तबाह करना। अवैध अतिक्रमण और शिकार के कानूनी परिणाम इतने गंभीर हैं कि जेल और भारी जुर्माना आपकी जिंदगी बर्बाद कर सकता है। साथ ही, ग्रामीणों को वन संरक्षण का महत्व भी बताया गया।
जंगल की सुरक्षा में जुटा पूरा अमला
इस बड़ी पहल में वनमंडलाधिकारी उत्तम कुमार गुप्ता ने पूरी टीम का नेतृत्व किया। उनके साथ उप वनमंडलाधिकारी आईपी बंजारे, योगेश रात्रे और सुखदास नाग भी मौजूद रहे। सभी परिक्षेत्र अधिकारी — लालसाय मरकाम, प्रकाश ठाकुर, सौरभ रजक, बुधराम साहू, खितीराम कुरे, रायतू राम मौर्य, सुश्री दीक्षा वर्मा, प्रकाश देहारी और देवेन्द्र तारम — के साथ ही सैकड़ों परिक्षेत्र सहायक, परिसर रक्षक और सुरक्षा श्रमिक इस अभ्यास का हिस्सा बने।
डीएफओ का इमोशनल संदेश
मॉकड्रिल के बाद वनमंडलाधिकारी श्री उत्तम कुमार गुप्ता ने कहा कि "जंगल सिर्फ लकड़ी या वनोपज का सोर्स नहीं है। ये हमारी जीवनरेखा है। ये जैव विविधता, जल स्रोतों और जलवायु संतुलन की रक्षा करते हैं। वन और वन्य जीव एक-दूसरे के पूरक हैं, और अगर ये रहेंगे, तभी हमारा भविष्य सुरक्षित रहेगा।"
उन्होंने अपील की कि "वनों की रक्षा सिर्फ वन विभाग का काम नहीं है, ये हर नागरिक का कर्तव्य है। आने वाली पीढ़ियों को हरा-भरा बस्तर देने के लिए हम सभी को मिलकर ये जिम्मेदारी निभानी होगी।"
