किरंदुल में अनोखा प्रदर्शन: गड्ढों भरे 'गौरव पथ' पर पत्रकारों ने लगाए पेड़, सरकार तक पहुंचाई आवाज
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| किरंदुल के गौरव पथ पर गड्ढों में पौधा लगाते स्थानीय पत्रकार। इस अनोखे अभियान के जरिए उन्होंने सड़क की खस्ताहालत और पर्यावरण संरक्षण दोनों मुद्दों को एक साथ उठाया। |
📹 देखें पूरा वीडियो: किरंदुल में पत्रकारों ने गड्ढों पर लगाए पेड़
यह वृक्षारोपण मुख्य मार्ग के उस हिस्से पर किया गया, जहां बड़े-बड़े गड्ढे तालाब जैसे नजर आते हैं। पत्रकारों का कहना है कि यह अभियान सिर्फ पौधे लगाने तक सीमित नहीं, बल्कि सरकार और जनप्रतिनिधियों को सड़क की दुर्दशा दिखाने का एक सृजनात्मक तरीका है। गड्ढों को नजरअंदाज करना अब संभव नहीं रहेगा, क्योंकि नए लगाए गए पौधों की देखभाल के नाम पर प्रशासन को इस ओर ध्यान देना पड़ेगा।
कौन-कौन रहे शामिल?
इस अभियान में प्रमुख रूप से शामिल लोगों में शामिल हैं:
राहुल महाजन (कांग्रेस जिला प्रवक्ता)
राजू रेड्डी (कांग्रेस पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष)
किशोर कुमार रामटेके (पत्रकार)
किशोर जाल (पत्रकार)
एस.एच. अजहर
अन्य स्थानीय पत्रकार व कार्यकर्ता
ये सभी लोग एक साथ मुख्य मार्ग पर खड़े होकर पौधे लगाते नजर आए। उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया कि विकास सिर्फ नाम का नहीं होना चाहिए। इस पूरे अभियान का लाइव दृश्य आप यहां देख सकते हैं:
🎥 गड्ढों पर पेड़ लगाते पत्रकार: वीडियो लिंक
12.5 करोड़ की सड़क का हाल बेहाल
बता दें कि 12.5 करोड़ रुपये की लागत से बने 'गौरव पथ' का हाल यह है कि बस स्टैंड से रिंग रोड नंबर-4 तक की सड़क फिर से गड्ढों से भरी पड़ी है। आम नागरिकों को रोजाना आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यही वजह है कि पत्रकारों ने यह अनूठा प्रदर्शन किया।
पत्रकारों का सीधा संदेश
“हमने वृक्ष लगाकर दोहरी जिम्मेदारी निभाई है — एक तरफ पर्यावरण को हरा-भरा बनाने का प्रयास, दूसरी तरफ जनता की समस्या को सरकार तक पहुंचाना। गड्ढे सिर्फ सड़क के नहीं, बल्कि विकास की कहानी के भी हैं। जनप्रतिनिधि अब सड़क पर उतरकर खुद देख लें कि स्थिति क्या है।”
इस पूरे घटनाक्रम को आप नीचे दिए वीडियो में विस्तार से देख सकते हैं:
🔴 पूरा वीडियो यहां देखें: https://youtu.be/le7xqjFKXXw
स्थानीय लोगों ने की सराहना
यह अभियान किरंदुलवासियों के बीच काफी चर्चा में है। स्थानीय लोग इसे सराहना के साथ देख रहे हैं कि मीडिया और कार्यकर्ता अब सिर्फ खबर लिखने तक सीमित नहीं रह गए, बल्कि समस्या का हल निकालने के लिए मैदान में उतर आए हैं। किरंदुल जैसे औद्योगिक क्षेत्र में बेहतर सड़कें न सिर्फ सुविधा, बल्कि सुरक्षा का भी मुद्दा है।
उम्मीद जताई जा रही है कि इस सृजनात्मक प्रदर्शन से संबंधित विभाग जल्द ही सड़क की मरम्मत और सुधार के काम को गति देगा।
निष्कर्ष: एक पेड़, एक संदेश
किरंदुल के पत्रकारों ने साबित कर दिया कि आवाज उठाने के कई तरीके होते हैं। कुछ लोग शोर मचाते हैं, तो कुछ पौधे लगाते हुए शांत लेकिन मजबूत संदेश देते हैं। अगर आप भी इस अनोखे अभियान का हिस्सा बनना चाहते हैं, तो वीडियो को लाइक, शेयर और चैनल को सब्सक्राइब करें।
📢 वीडियो देखें: https://youtu.be/le7xqjFKXXw
