📰 जगदलपुर पेट्रोल पंप लूट कांड का खुलासा: नकली पिस्तौल से वारदात करने वाला आरोपी महाराष्ट्र से गिरफ्तार
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| जगदलपुर पेट्रोल पंप लूट मामले में गिरफ्तार आरोपी साजन उर्फ संजन कुमार को बस्तर पुलिस ने महाराष्ट्र से पकड़ा, उसके कब्जे से नकदी, मोटरसाइकिल और मोबाइल बरामद किए गए। |
📍जगदलपुर |
जगदलपुर में फरवरी महीने में हुए पेट्रोल पंप लूटकांड का बस्तर पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। नकली पिस्तौल के दम पर वारदात को अंजाम देने वाला आरोपी फरार होकर महाराष्ट्र पहुंच गया था, जिसे पुलिस ने कड़ी मेहनत के बाद गिरफ्तार कर लिया।
🔴 कैसे हुई थी लूट की वारदात?
6 फरवरी 2026 की शाम करीब 7 बजे थाना नगरनार क्षेत्र स्थित धनपुंजी पेट्रोल पंप में काम कर रही महिला स्टाफ को एक युवक ने निशाना बनाया।
आरोपी मोटरसाइकिल से पहुंचा और नकली पिस्तौल दिखाकर स्टाफ को डराया। इसके बाद बैग में रखी 18,662 रुपये की नकदी लेकर फरार हो गया।
इस घटना से इलाके में दहशत फैल गई थी, खासकर महिला कर्मचारियों में डर का माहौल बन गया था।
🚔 मुंबई-अलिबाग से दबोचा गया आरोपी
मामले की जांच के दौरान पुलिस ने साइबर सेल की मदद से आरोपी की लोकेशन ट्रेस की, जो महाराष्ट्र के अलिबाग में मिली।
पुलिस टीम ने वहां पहुंचकर साजन उर्फ संजन कुमार (22 वर्ष) को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपी ने लूट की वारदात कबूल कर ली।
🔎 चोरी की बाइक से दिया वारदात को अंजाम
जांच में एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ—
आरोपी ने जिस बाइक का इस्तेमाल किया था, वह पहले से ही जगदलपुर के कोतवाली क्षेत्र से चोरी की गई थी।
पुलिस के अनुसार, आरोपी ने बाइक का नंबर प्लेट बदलकर उसे मॉडिफाई किया और उसी से लूट की घटना को अंजाम दिया।
💰 बरामदगी क्या-क्या हुई?
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से:
- ₹5100 नकद
- हीरो स्प्लेंडर प्लस मोटरसाइकिल (CG 17 KX 7087)
- वीवो कंपनी का मोबाइल फोन
बरामद कर जब्त किया है।
⚖️ दो मामलों में कार्रवाई, जेल भेजा गया आरोपी
आरोपी के खिलाफ:
- लूट (धारा 309(4) बीएनएस)
- बाइक चोरी (धारा 303(2) बीएनएस)
के तहत कार्रवाई की गई है।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
🧑✈️ कार्रवाई में शामिल टीम
- निरीक्षक: संतोष सिंह
- उप निरीक्षक: सतीस यदुराज
- सहायक उप निरीक्षक: महेन्द्र सिंह ठाकुर
- आरक्षक: कृष्णा नेताम, महंगू कश्यप, बलराम कश्यप
⚠️ क्राइम पैटर्न पर सवाल
यह मामला दिखाता है कि अपराधी अब छोटी-छोटी तकनीकों (जैसे नकली हथियार और चोरी की गाड़ी) का इस्तेमाल कर वारदात को अंजाम दे रहे हैं, जिससे पुलिस के लिए चुनौती बढ़ रही है।
