छत्तीसगढ़ बजट 2026-27: बस्तर और सरगुजा के लिए खास तोहफा, एजुकेशन सिटी से लेकर मेडिकल कॉलेज तक की घोषणाएं
दंतेवाड़ा। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा प्रस्तुत बजट 2026-27 में राज्य के विकास की व्यापक रूपरेखा पेश की गई है। भाजपा जिला सोशल मीडिया सहप्रभारी नितेश अधिकारी ने बताया कि इस बजट में खासतौर पर बस्तर और सरगुजा अंचल के सर्वांगीण विकास पर फोकस किया गया है।
ऐतिहासिक बजट आकार
नितेश अधिकारी ने कहा कि नवगठित छत्तीसगढ़ के पहले बजट (लगभग 5 हजार करोड़) की तुलना में अब बजट का आकार 35 गुना बढ़कर 1 लाख 72 हजार करोड़ रुपए तक पहुंच गया है। यह राज्य की तीव्र आर्थिक प्रगति और सरकार की विकास-उन्मुख सोच को दर्शाता है।
शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा उछाल
बजट में शिक्षा के क्षेत्र को मजबूती देने के लिए कई अहम प्रावधान किए गए हैं:
एजुकेशन सिटी: दंतेवाड़ा की तर्ज पर अब अबूझमाड़ और जगरगुंडा में एजुकेशन सिटी स्थापित की जाएगी। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए 100 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है, जिससे आदिवासी बाहुल्य इन दूरस्थ क्षेत्रों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सकेगी।
एग्रो-फॉरेस्ट प्रोसेसिंग: रोजगारोन्मुखी कृषि और वनोपज प्रसंस्करण को बढ़ावा देने के लिए भी 100 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं।
स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार
बस्तर और सरगुजा अंचल में स्वास्थ्य सुविधाओं को पंख लगेंगे:
मेडिकल कॉलेज: कुनकुरी, मनेन्द्रगढ़ और दंतेवाड़ा में मेडिकल कॉलेज संचालित करने के लिए 50 करोड़ रुपए का विशेष प्रावधान किया गया है। इससे क्षेत्रीय लोगों को बेहतर इलाज के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा।
सिंचाई परियोजनाओं को मिली मंजूरी
किसानों की आय बढ़ाने और खेती को सिंचित करने के लिए कई बड़ी परियोजनाएं शामिल की गई हैं:
मेढ़की बैराज (कांकेर): 400 करोड़ रुपए
मट्टीमारका डायवर्सन योजना (बीजापुर): 110 करोड़ रुपए
महादेवघाट बैराज (बस्तर): 100 करोड़ रुपए
पंमशाला एनीकट लिफ्ट इरिगेशन (जशपुर): 60 करोड़ रुपए
सरगंवा बैराज (अंबिकापुर): 20 करोड़ रुपए
विकास प्राधिकरण और खेल
विकास प्राधिकरण: सरगुजा-जशपुर विकास प्राधिकरण और बस्तर विकास प्राधिकरण को 75-75 करोड़ रुपए का बजट आवंटित किया गया है।
बस्तर-सरगुजा ओलंपिक: क्षेत्रीय प्रतिभाओं को निखारने के लिए 'बस्तर-सरगुजा ओलंपिक' के आयोजन हेतु 5-5 करोड़ रुपए दिए जाएंगे।
कनेक्टिविटी और परिवहन
बस्तर नेट परियोजना: डिजिटल कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए 5 करोड़ रुपए।
मुख्यमंत्री बस सेवा: परिवहन सुविधा को सुदृढ़ करने के लिए 10 करोड़ रुपए।
होम स्टे पॉलिसी: पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए मैनपाट सहित अन्य क्षेत्रों के विकास हेतु विशेष प्रावधान।
आजीविका और पशुपालन
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए बकरी पालन, सुकर पालन और मधुमक्खी पालन जैसी गतिविधियों के लिए 15 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। इससे आदिवासी परिवारों की आमदनी में इजाफा होगा।
सड़क अधोसंरचना पर फोकस
बजट में नक्सल प्रभावित एवं विकासशील जिलों को सड़कों से जोड़ने पर जोर दिया गया है। नारायणपुर, बीजापुर, दंतेवाड़ा, कांकेर, सुकमा और जशपुर में कई प्रमुख मार्गों के निर्माण के लिए धनराशि आवंटित की गई है। इनमें जाटलूर-इतामपारा-भैरमगढ़ मार्ग, इतुलवाड़ा-तुमनार मार्ग और मुचनार-बारसूर मार्ग प्रमुख हैं।
नितेश अधिकारी ने कहा कि यह बजट छत्तीसगढ़ के सर्वांगीण विकास, खासकर पिछड़े बस्तर और सरगुजा क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ने की सरकार की मंशा को स्पष्ट करता है।
