बस्तर में विनोबा टीम ने किया नवाचारी शिक्षकों और संकुल समन्वयकों को सम्मानित: जानें किसे मिला अवार्ड
जगदलपुर। बस्तर जिले में शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार और बेहतर प्रदर्शन को बढ़ावा देने के लिए आचार्य विनोबा भावे शिक्षक सहायक कार्यक्रम के तहत एक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। समग्र शिक्षा परियोजना कार्यालय बस्तर के सहयोग से संचालित इस कार्यक्रम में जिले भर के मेधावी शिक्षकों और संकुल समन्वयकों को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए पुरस्कृत किया गया।
कार्यक्रम के दौरान जिला शिक्षा अधिकारी बी.आर. बघेल, डीएमसी अशोक पाण्डे, एपीसी जिला साक्षरता मिशन प्रभारी राकेश खापर्डे और विनोबा टीम की सदस्य नीलम अहिरवार व हेमंत कुमार चंद्रा ने संयुक्त रूप से पुरस्कार वितरित किए।
इन संकुल समन्वयकों (सीएसी) को मिला सम्मान:
बस्तर जिले से चयनित तीन संकुल समन्वयकों को विशेष रूप से सम्मानित किया गया, जिनमें शामिल हैं:
जयप्रकाश तिवारी - चितापुर, दरभा ब्लॉक
गजेंद्र सिंह ठाकुर - राजपुर, बस्तर ब्लॉक
सनत नेताम - नैननार, तोकापाल ब्लॉक
'पोस्ट ऑफ द मंथ' अवार्ड से हुए सम्मानित:
जिला एवं ब्लॉक स्तर पर उत्कृष्ट शैक्षणिक गतिविधियों को अंजाम देने वाले निम्नलिखित शिक्षकों को 'पोस्ट ऑफ द मंथ' पुरस्कार से नवाजा गया:
उपासना देवांगन, नोगेश्वर कुमार साहू, हीरसिंग सिहारे, लक्ष्मी बंछोर, वैशाली त्यागी, अहिल्या साहू, दीपा ठाकुर, ऋतु राजवाड़े, रामस्वरुप कांगे और नेहा श्रीवास।
विद्यालयों को मिला पुरस्कार:
शत-प्रतिशत उपस्थिति के आधार पर तीन विद्यालयों को भी जिला स्तर पर पुरस्कृत किया गया, जिससे अन्य स्कूलों को भी प्रेरणा मिलने की उम्मीद है।
क्या है विनोबा कार्यक्रम?
आचार्य विनोबा भावे शिक्षक सहायक कार्यक्रम शिक्षकों के लिए एक डिजिटल प्लेटफॉर्म (विनोबा ऐप) है, जिसका उद्देश्य शैक्षणिक गुणवत्ता को बढ़ावा देना है। इस ऐप के माध्यम से हर महीने उत्कृष्ट गतिविधियां करने वाले शिक्षकों को 'पोस्ट ऑफ द मंथ' और अन्य स्पर्धाओं के आधार पर चुना जाता है। वर्तमान में इस प्लेटफॉर्म के तहत 'मॉर्निंग असेम्बली' और 'नन्हे सितारे' कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं, जिनमें बच्चों को विभिन्न गतिविधियों से जोड़ा जा रहा है।
अधिकारियों ने क्या कहा?
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला शिक्षा अधिकारी बी.आर. बघेल ने कहा कि विनोबा जैसे मंच शिक्षा में नवाचार को बढ़ावा देने, शिक्षकों के कार्यों को सरल बनाने और बेहतर शिक्षण सहायक सामग्री (टीएलएम) विकसित करने में मील का पत्थर साबित हो रहे हैं। उन्होंने शिक्षकों से शिक्षा की गुणवत्ता को और ऊंचाई पर ले जाने के लिए निरंतर प्रयासरत रहने का आह्वान किया।
डीएमसी अशोक पाण्डे ने शिक्षकों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के प्रयास न केवल बच्चों के सर्वांगीण विकास में सहायक होते हैं, बल्कि पूरे शिक्षक समुदाय के लिए प्रेरणास्रोत भी बनते हैं।
विनोबा टीम की नीलम अहिरवार एवं हेमंत कुमार चंद्रा ने बताया कि यह मंच शिक्षकों को एक दूसरे से जुड़ने और अपने विद्यालय की बेहतर गतिविधियों को साझा करने का अवसर प्रदान करता है। इस अवसर पर बड़ी संख्या में शिक्षकगण उपस्थित रहे।
