बचेली में कांग्रेस का 'मनरेगा बचाओ संग्राम': धरना व चक्का जाम के जरिए मांगे रखी, धान खरीदी तारीख बढ़ाने की मांग
बचेली। बचेली ब्लॉक कांग्रेस कमेटी ने शनिवार को 'मनरेगा बचाओ संग्राम' के मुद्दे को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने एक ओर महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) में कथित कटौती और श्रमिकों के हकों के लिए एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया, तो वहीं धान खरीदी की तारीख बढ़ाए जाने की मांग को लेकर सांकेतिक चक्का जाम भी किया गया। इस आंदोलन में जिला व ब्लॉक स्तर के कांग्रेस के तमाम बड़े नेता और सैकड़ों कार्यकर्ता शामिल हुए।
नेताओं ने उठाई आवाज
प्रदर्शन में मुख्य रूप से जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष श्री सलीम रजा उस्मानी, जिला महामंत्री संतोष दुबे, इंटक सचिव श्री आशीष यादव, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष राजेंद्र कुमार मौजूद रहे। नेताओं ने केंद्र सरकार पर मनरेगा के बजट में कटौती कर ग्रामीण रोजगार पर प्रहार करने का आरोप लगाया। उन्होंने मांग की कि योजना के बजट को बहाल किया जाए और श्रमिकों को समय पर मजदूरी मिले।
धान खरीदी की तारीख बढ़ाने की मांग
प्रदर्शनकारियों ने किसानों के समर्थन में एक और महत्वपूर्ण मांग रखी। उन्होंने राज्य सरकार से मांग की कि धान खरीदी की वर्तमान तारीख में और विस्तार किया जाए, ताकि सभी किसान अपनी फसल निर्धारित समर्थन मूल्य पर बेच सकें। इस मांग के समर्थन में उन्होंने एक सांकेतिक चक्का जाम भी आयोजित किया, जिससे कुछ देर के लिए यातायात प्रभावित हुआ।
प्रमुख उपस्थित नेता व कार्यकर्ता
इस आंदोलन में ब्लॉक के पार्षद गण जिनमें सुनील गायन, अप्पू, कुंजन, विजेंद्र भोगती, किरण जयसवाल, रीना डाकुआ, पूर्व रीना दुर्गा शामिल रहीं। साथ ही उस्मान खान, फिरोज नवाब, जीएस कुमार, गेंदलाल मरावी जैसे वरिष्ठ नेता भी मौजूद थे। युवा कांग्रेस के जिला उपाध्यक्ष अजय उइके, जिला महासचिव अविनाश सरकार, संजीव साव, देवेन्द्र नायक, पंकज बनी, मज्जू, विजय, सागर, गौरव बिहारी, साहिल खान, लक्ष्मण यादव, हर्ष दुर्गा, आदि दुर्गा, सलमान नवाब ने युवाओं का प्रतिनिधित्व किया।
ब्लॉक कांग्रेस के पदाधिकारियों के अलावा महिला कांग्रेस, युवा कांग्रेस और एनएसयूआई के सदस्यों ने भी बड़ी संख्या में प्रदर्शन में हिस्सा लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
नीतिगत मांगों पर जोर
कार्यक्रम के दौरान नेताओं ने कहा कि मनरेगा ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और इसमें कटौती गांवों पर हमला है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इन मांगों पर ध्यान नहीं दिया तो आगे और बड़े आंदोलन किए जाएंगे। बचेली में यह प्रदर्शन प्रदेश भर में चल रहे 'मनरेगा बचाओ संग्राम' का हिस्सा बताया गया।
