बचेली पाड़ापुर टेलिंग डैम: जांच में गंभीर अनियमितताएं उजागर, निर्माण पर रोक
दंतेवाड़ा जिले के बचेली के पाड़ापुर में निर्माणाधीन टेलिंग डैम मौत के जाल में तब्दील होता नजर आ रहा है। डैम की जर्जर हालत और पूरी तरह नदारद सुरक्षा व्यवस्था ने हजारों ग्रामीणों की जान और संपत्ति को गंभीर खतरे में डाल दिया है। हालात की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने गुरुवार को डैम के निर्माण कार्य पर तत्काल रोक लगा दी है।
क्या है पूरा मामला?
एनएमडीसी की ओर से कल्पतरु पावर ट्रांसमिशन लिमिटेड (KPIL) द्वारा और निगरानी एजेंसी मेकॉन की देखरेख में यह टेलिंग डैम बनाया जा रहा है। स्थानीय ग्रामीणों की शिकायतों और मीडिया रिपोर्ट्स के बाद जिला प्रशासन ने एक उच्चस्तरीय जांच समिति का गठन किया, जिसकी अध्यक्षता एसडीएम बचेली विवेक चंद्रा कर रहे हैं।
जांच में सामने आईं गंभीर खामियां
🔹 सुरक्षा व्यवस्था शून्य
डैम स्थल पर न तो बाड़बंदी की गई है और न ही सुरक्षा गार्ड तैनात हैं। चेतावनी बोर्ड भी नहीं लगाए गए हैं, जिससे मवेशी और ग्रामीण बेखौफ डैम क्षेत्र में घूमते नजर आ रहे हैं।
🔹 घटिया निर्माण और दरारें
डैम की सतह पर बड़े गड्ढे और नींव से ऊपर तक 2.5 से 3 मीटर चौड़ी गहरी दरारें देखी गई हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि दलदली जमीन में बिना उचित फाउंडेशन जांच के निर्माण किया जा रहा है।
🔹 निगरानी एजेंसी पर लापरवाही के आरोप
तकनीकी निगरानी की जिम्मेदारी निभा रही एजेंसी मेकॉन पर निर्माण गड़बड़ियों को नजरअंदाज करने के गंभीर आरोप लगे हैं।
🔹 बिना जोखिम आकलन निर्माण
सूत्रों के अनुसार नया टेलिंग डैम पुराने डैम के स्थान पर ही बनाया जा रहा है, जबकि किसी भी प्रकार का भू-तकनीकी परीक्षण या जोखिम मूल्यांकन नहीं किया गया।
पूरे गांव पर मंडरा रहा खतरा
डैम के ठीक सामने बसे पाड़ापुर गांव के हजारों लोगों की जान खतरे में है। ग्रामीणों ने मानसून में भारी बारिश की स्थिति में डैम टूटने की आशंका जताते हुए 21 जुलाई 2024 की किरंदुल घटना और बचेली के पुराने मार्केट क्षेत्र में हुए नुकसान का हवाला दिया है।
प्रशासन की कार्रवाई और ग्रामीणों की मांग
एसडीएम विवेक चंद्रा ने जांच पूरी होने तक निर्माण कार्य बंद रखने के सख्त निर्देश दिए हैं। ग्रामीणों की मांग है कि:
- मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच हो
- डैम क्षेत्र की तत्काल बाड़बंदी और सुरक्षा व्यवस्था की जाए
- दोषी कंपनियों और अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई हो
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार कलेक्टर को सौंपी जाने वाली अंतिम रिपोर्ट के बाद एनएमडीसी, केपीआईएल और मेकॉन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई संभव है।
