बस्तर में विनोबा शिक्षण उत्सव आज: शिक्षकों के नवाचार को सम्मान, 100+ अधिकारी होंगे शामिल | Bastar News

बस्तर में आज संपन्न होगा नौवां विनोबा शिक्षण उत्सव, शिक्षकों के नवाचार होंगे सम्मानित

बस्तर। शिक्षा की गुणवत्ता, नवाचार और शिक्षक नेतृत्व को मजबूती देने के उद्देश्य से जिला शिक्षा विभाग और ओपन लिंक्स फाउंडेशन (OLF) के सहयोग से नौवें ‘विनोबा शिक्षण उत्सव’ का आयोजन किया जा रहा है। यह एक दिवसीय कार्यक्रम आज बिनाका हेरिटेज, बस्तर में संपन्न होगा।

इस शिक्षण महाकुंभ में राज्य भर के 100 से अधिक प्रतिभागी हिस्सा लेंगे, इस अवसर पर बस्तर कमिश्नर, कलेक्टर, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, शिक्षा अधिकारी तथा अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी शामिल होंगे। यह मंच शिक्षकों और अधिकारियों को आपसी संवाद, जमीनी अनुभव साझा करने और कक्षा स्तर पर किए गए प्रभावी प्रयासों को उजागर करने का अवसर देगा।

कार्यक्रम के दौरान उत्कृष्ट कार्य और शैक्षणिक नवाचारों के लिए शिक्षकों, केंद्र प्रमुखों तथा ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों को सम्मानित किया जाएगा। ‘विनोबा शिक्षण उत्सव’ ने स्वयं को एक ऐसे मंच के रूप में स्थापित किया है, जहां शिक्षक न केवल सम्मानित होते हैं, बल्कि नई सोच और शिक्षण पद्धतियों पर संवाद के जरिए एक-दूसरे से सीखते भी हैं।

बस्तर में विनोबा कार्यक्रम का व्यापक प्रभाव

बस्तर जिले के सभी 7 विकासखंडों में संचालित विनोबा कार्यक्रम के तहत 2,327 शासकीय स्कूलों के 7,937 शिक्षक और 1,35,502 से अधिक छात्र लाभान्वित हो रहे हैं। यह सहयोग कई अकादमिक पहलों के माध्यम से दिया जा रहा है, जिनमें शामिल हैं:

  • कक्षा 1 से 5 के लिए फाउंडेशनल लिटरेसी एंड न्यूमेरेसी (FLN)

  • कक्षा 6 से 12 के लिए टेस्ट सीरीज

  • जवाहर नवोदय विद्यालय (JNV) एवं राष्ट्रीय मीन्स-कम-मेरिट (NMMS) छात्रवृत्ति परीक्षा की तैयारी

  • JEE-NEET की कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT) तैयारी

  • दैनिक उपस्थिति और CAC मॉनिटरिंग

राष्ट्रीय स्तर पर पहचान

आचार्य विनोबा भावे के नाम पर संचालित यह पहल अब महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, बिहार और मध्य प्रदेश तक विस्तारित हो चुकी है। अब तक यह कार्यक्रम 60,245 से अधिक स्कूलों में पहुंचकर लगभग 1,96,478 शिक्षकों और 40 लाख से ज्यादा बच्चों का सीधा सहयोग कर चुका है।

ओपन लिंक्स फाउंडेशन तकनीक और व्यवहार विज्ञान का उपयोग करते हुए शिक्षकों को सशक्त बनाने और शिक्षा प्रणाली में दीर्घकालिक सुधार की दिशा में काम कर रहा है, जहां हर पहल का केंद्र 'Children First' यानी 'बच्चे पहले' का सिद्धांत है।


basant dahiya

मेरा नाम बसंत दहिया है। मैं लगभग 20 वर्षों से प्रिंट मीडिया में सक्रिय रूप से कार्य कर रहा हूं। इसी बीच मैंने बस्तर जिला व राजधानी रायपुर के प्रमुख समाचार पत्रों में अपनी सेवा देकर लोकहित एवं देशहित में कार्य किया है। वर्तमान की आवश्यकता के दृष्टिगत मैंने अपना स्वयं का न्यूज पोर्टल- समग्रविश्व अप्रेल 2024 से शुरू किया है जो जनहित एवं समाज कल्याण में सक्रिय है। इसमें आप सहयोगी बनें और मेरे न्यूज पोर्टल को सपोर्ट करें। "जय हिन्द, जय भारत"

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