शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय का 19वां स्थापना दिवस हर्ष और उल्लास के साथ मनाया गया, कुलपति ने दिया विकसित बस्तर का नया विजन
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| शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय बस्तर के 19वें स्थापना दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में उपस्थित कुलपति प्रो. मनोज कुमार श्रीवास्तव, अधिकारी एवं विद्यार्थी। |
"विवि शिक्षा के साथ सर्वांगीण विकास के लिए कार्यरत"
प्रो. श्रीवास्तव ने बताया कि विवि शिक्षा के साथ-साथ विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए कई स्तर पर कार्य कर रहा है। युवाओं को सक्षम बनाने के लिए विवि ने आईएसएफ और इनोवेशन महाकुंभ 1.0 जैसे कई प्रयास किए हैं। नजदीक भविष्य में कई और पाठ्यक्रम खोले जाने हैं।
"भवन बनने का इंतजार नहीं करना चाहिए"
प्रो. श्रीवास्तव ने उपस्थित शिक्षकों और अधिकारी-कर्मचारियों को प्रेरित करते हुए कहा कि विवि के विकास के लिए लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर मेहनत करने की जरूरत है। इसके लिए भवन बनने का इंतजार नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने उपस्थित शिक्षकों और विद्यार्थियों को प्रॉब्लम और स्पेशलाइजेशन पर काम करने की सलाह देते हुए कहा कि सभी को पढ़ने और रिसर्च के तरीके में बदलाव लाना चाहिए।
"विकसित बस्तर के लिए बनानी होगी नई दृष्टि"
इस अवसर पर केंद्र और राज्य सरकार के नेतृत्व के प्रति आभार जताते हुए प्रो. श्रीवास्तव ने कहा कि सभी लोग विवि को सहायता करना चाहते हैं। इसके लिए विकसित भारत 2047 के सपनों के साथ विकसित बस्तर के लिए इकोनॉमिक और सांस्कृतिक विकास मॉडल की एक नई दृष्टि बनानी होगी।
अन्य वक्ताओं ने रखे ये विचार
चीफ प्रॉक्टर प्रो. शरद नेमा
उन्होंने कहा कि विवि तीव्र गति से उंचाइयों को छू रहा है। कम समय में विवि की छोटी सी टीम ने बड़ी उपलब्धियां हासिल की हैं।
प्रो. मणिशंकर मिश्रा
उन्होंने कहा कि शिक्षा सभी विकास के केंद्र में है। शिक्षा के लौ के माध्यम से क्षेत्र में सारी अपेक्षाओं की पूर्ति करने का प्रयास करना है।
प्रभारी कुलसचिव डॉ. अभिषेक अवस्थी
उन्होंने कहा कि विवि ने बड़े संघर्षों को पार कर एक पहचान बनाई है। विवि ट्वेल्थ बी स्टेटस और एनआरएफ की रैंकिंग के लिए भी तेजी से प्रयास कर रहा है।
डॉ. विनोद कुमार सोनी
उन्होंने कहा कि विवि शिक्षा, रोजगार व नवाचार के लिए प्रतिबद्ध है। विवि के विभिन्न अधिकारियों की डायनेमिक एकेडमिक प्लानिंग से विवि की अच्छी छबि बनी है।
डॉ. सजीवन कुमार
उन्होंने कहा कि विवि के लिए स्थापना दिवस सोचने, विचारने और मंथन करने का दिवस है, ताकि इस युवा विवि को और भी बेहतर तरीके से संवारने का कार्य हो सके।
लाइब्रेरियन डॉ. संजय कुमार डोंगरे
उन्होंने कहा कि विवि के अधिकारियों और कर्मचारियों ने असुविधाओं के दौर में भी दीक्षांत समारोह, नैक मूल्यांकन जैसे कई चुनौतीपूर्ण कार्य किए हैं।
डॉ. सुकृता तिर्की
उन्होंने कहा कि बस्तर जैसे संवेदनशील क्षेत्र में विवि के माध्यम से शिक्षा की खुशबू को और फैलाना है, ताकि सुदूर क्षेत्र से बड़ी संख्या में स्टूडेंट्स विवि पहुंच सकें।
डॉ. रश्मि देवांगन
उन्होंने कहा कि आज एआई का दौर है। हम सभी को अपने स्किल को बढ़ाकर विवि को उंचाइयों की ओर ले जाना है।
डीएसडब्ल्यू डॉ. समीर ठाकुर
अपने स्वागत और आभार उद्बोधन में उन्होंने कहा कि विवि को अग्रणी बनाने का सपना मिल-जुलकर पूरा करना है।
विवि के विकास यात्रा पर डाला प्रकाश
इससे पहले डॉ. विनय कुमार सिंह ने विवि के स्थापना दिवस 01 अक्टूबर 2008 से लेकर अब तक के विकास के विभिन्न कदमों को विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि यह दिवस विवि के अतीत को नमन करने, वर्तमान का मूल्यांकन करने और भविष्य की राह तय करने का अवसर है।
विद्यार्थियों ने भी रखे विचार
इस अवसर पर विद्यार्थियों आयुषी, सुमित एवं श्रुति ने भी अपने विचार रखे। कार्यक्रम में विवि के एनएसएस के स्वयंसेवकों का सम्मान किया गया। संचालन पूर्वी चंद्राकर और अंशिका गुप्ता ने किया। लैब टेक्नीशियन प्रवीण द्विवेदी ने गीतों के माध्यम से युवाओं को उत्साहवर्धन किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के अधिकारी-कर्मचारी व बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित थे।
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