NMDC L1-L2 भर्ती आंदोलन समाप्त: सांसद महेश कश्यप का आश्वासन, 29-30 अक्टूबर को प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात
बचेली: NMDC L1-L2 भर्ती आंदोलन के समापन पर सांसद महेश कश्यप और कांग्रेस की पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष तुलिका कर्मा के बीच बातचीत। इस दौरान तुलिका कर्मा ने सांसद के समक्ष युवाओं का पक्ष मजबूती से रखा।
बचेली/किरंदुल: एनएमडीसी (NMDC) की बचेली और किरंदुल परियोजनाओं में L1 और L2 (फील्ड अटेंडेंट व मेंटेनेंस असिस्टेंट) पदों की भर्ती में देरी पर चार दिनों से चल रहा युवाओं का आंदोलन गुरुवार देर शाम समाप्त हो गया। बस्तर सांसद महेश कश्यप के साथ आंदोलनकारी युवाओं की बैठक हुई। इसके बाद युवाओं ने आंदोलन स्थगित करने का फैसला लिया।
एनएमडीसी की लंबित L1-L2 भर्ती प्रक्रिया को लेकर एनएमडीसी गेट पर पिछले चार दिनों से जारी बेरोजगार युवाओं का धरना-प्रदर्शन गुरुवार को समाप्त हो गया। बस्तर सांसद महेश कश्यप के आश्वासन के बाद आंदोलनकारियों ने धरना समाप्त करने का निर्णय लिया।
🎥 वीडियो: सांसद महेश कश्यप और तुलिका कर्मा की बातचीत
▶️ वीडियो में देखें: सांसद महेश कश्यप युवाओं को समझाते हुए और तुलिका कर्मा सांसद के समक्ष युवाओं का पक्ष रखती हुई।
📌 डेढ़ साल से लंबित है भर्ती प्रक्रिया
गौरतलब है कि एनएमडीसी की L1-L2 भर्ती प्रक्रिया पिछले करीब डेढ़ साल से लंबित होने के कारण बेरोजगार युवाओं में नाराजगी थी। भर्ती प्रक्रिया जल्द शुरू करने और युवाओं के भविष्य को लेकर आंदोलनकारी अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे थे।
एल1 और एल2 पदों के लिए करीब डेढ़ वर्ष पूर्व भर्ती निकली थी। 1100 स्थानीय युवाओं ने आवेदन किया था। लेकिन प्रबंधन ने प्रक्रिया अचानक निरस्त कर दी। जल्द ही नई तिथि घोषित करने का दावा किया गया। 18 माह बीतने के बाद भी प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ी।
चार दिन तक चले आंदोलन से डंपर, लोडर, शॉवल और कन्वेयर बेल्ट का संचालन पूरी तरह ठप रहा। इससे बचेली-किरंदुल परियोजनाओं को प्रतिदिन करोड़ों का खनन प्रभावित होने से नुकसान हुआ।
🗣️ सांसद महेश कश्यप ने कहा
"पिछले सांसद सत्र में एनएमडीसी के खिलाफ प्रश्न लगाकर रखा है। एनएमडीसी ने पिछले तीन वर्ष में कितने स्थानीय को मौका दिया, ये आंकड़ा मांगा है। यहां के लोगों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। चरणबद्ध चलेंगे तो ही समाधान होगा। आपकी मांग सभी जगह रखी जा रही है। आपका डेलीगेशन आएगा तो स्टील मिनिस्टर से मुलाकात करेंगे।"
"एनएमडीसी रीक्रूटमेंट के लिए प्रतिबद्ध हैं। आगे प्रक्रियाएं होती रहेंगी। एनएमडीसी इस्पात मंत्रालय के अधीन है। जो आदेश आते हैं इसमें कहा गया है कि जो भी नियुक्ति संबंधी कार्यवाही होगी वो इस्पात मंत्रालय से डिस्कशन के बाद ही होगी। इसके बाद आगे का प्रारूप बताया जाएगा।"
🗣️ तुलिका कर्मा ने सांसद से कहा
"प्रबंधन झूठ पे झूठ बोल रहा है। इस मंच से सभी पार्टियों और समाज के लोग घेराव में शामिल हुए।आप एनएमडीसी प्रबंधन से ये स्पष्ट करा दीजिए कि वे एग्जाम कराएंगे।"
📋 मुख्य बिंदु एक नजर में
- 4 दिनों से चल रहा था अनिश्चितकालीन धरना
- 1100 स्थानीय युवाओं ने किया था आवेदन
- डेढ़ साल से लंबित है भर्ती प्रक्रिया
- डंपर, लोडर, शॉवल, कन्वेयर बेल्ट ठप
- प्रतिदिन करोड़ों का खनन नुकसान
- 29-30 अक्टूबर को होगी प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात
- भर्ती परीक्षा कराने का मिला आश्वासन
- अंतिम निर्णय अभी बाकी
🔮 आगे की राह
फिलहाल सांसद के आश्वासन के बाद धरना समाप्त कर दिया गया है। अब युवाओं को 29 या 30 अक्टूबर को होने वाली मुलाकात से उम्मीदें हैं। हालांकि, भर्ती परीक्षा की तारीख और आगे की प्रक्रिया को लेकर अंतिम निर्णय होना अभी बाकी है।
यह देखना अब महत्वपूर्ण होगा कि एनएमडीसी प्रबंधन और इस्पात मंत्रालय के साथ होने वाली बातचीत में स्थानीय युवाओं के हितों को कितनी प्राथमिकता मिलती है। बेरोजगार युवाओं की उम्मीदें अब 29-30 अक्टूबर की मुलाकात पर टिकी हैं।