ISSN: 3139-9959 (Online)

कॉल फॉरवर्डिंग से ठगी, फिर परिचित बनकर लाखों की चपत! नारायणपुर पुलिस ने MP-UP-हरियाणा से 6 साइबर ठगों को दबोचा

कॉल फॉरवर्डिंग से ठगी, फिर परिचित बनकर लाखों की चपत! नारायणपुर पुलिस ने MP-UP-हरियाणा से 6 साइबर ठगों को दबोचा

थाना छोटे डोंगर और झाराघाटी के 3 साइबर ठगी प्रकरणों में 13 आरोपियों की पहचान, 6 गिरफ्तार और 7 को नोटिस जारी; कॉल फॉरवर्डिंग, परिचित बनकर ठगी और डराकर पैसे ऐंठने के मामलों में कार्रवाई

नारायणपुर, बस्तर | 29 अक्टूबर 2026:

साइबर अपराधों के विरुद्ध नारायणपुर पुलिस लगातार प्रभावी कार्रवाई कर रही है। इसी क्रम में पुलिस ने थाना छोटे डोंगर एवं थाना झाराघाटी के 3 साइबर ठगी प्रकरणों में 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि 7 अन्य आरोपियों को नियमानुसार नोटिस जारी किए गए हैं। ये आरोपी मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और हरियाणा से जुड़े हुए हैं।

📌 मुख्य बातें एक नजर में:

  • 3 साइबर ठगी प्रकरणों में 13 आरोपियों की पहचान
  • MP, UP और हरियाणा से जुड़े 6 आरोपी गिरफ्तार
  • 7 अन्य आरोपियों को जारी किया गया नोटिस
  • कॉल फॉरवर्डिंग, परिचित बनकर ठगी और डराकर पैसे ऐंठने के मामले
  • साइबर सेल नारायणपुर ने किया तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण
🛡️
साइबर ठगों पर बड़ी कार्रवाई
6 आरोपी गिरफ्तार, 13 की पहचान
नारायणपुर: साइबर अपराधों के विरुद्ध पुलिस की प्रभावी कार्रवाई। — चित्र: प्रतीकात्मक

2 महीनों में 13 आरोपियों की पहचान

पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार पटेल के निर्देशन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अजय कुमार, अनुविभागीय अधिकारी पुलिस छोटे डोंगर मनोज मंडावी एवं साइबर नोडल अधिकारी डीएसपी आशीष कुमार नेताम के मार्गदर्शन तथा थाना प्रभारी छोटे डोंगर हरिशंकर ध्रुव के नेतृत्व में यह कार्रवाई की गई। नारायणपुर पुलिस द्वारा विगत 2 महीनों में अलग-अलग साइबर ठगी प्रकरणों में कुल 13 आरोपियों की पहचान की गई है। इनमें से 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि 7 अन्य आरोपियों को नियमानुसार नोटिस जारी किए गए हैं। तकनीकी साक्ष्यों, मोबाइल नंबरों एवं बैंक खातों के विश्लेषण के आधार पर आरोपियों की पहचान कर उनके विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

प्रकरण 1: कॉल फॉरवर्डिंग से ₹10,000 की ठगी

थाना छोटे डोंगर के तहत कॉल फॉरवर्डिंग के माध्यम से साइबर ठगी की घटना सामने आई, जिसमें ₹10,000 की राशि की ठगी की गई। पुलिस द्वारा विवेचना के आधार पर आरोपी रितेश गुप्ता, निवासी बलिया, उत्तर प्रदेश को गिरफ्तार किया गया।

प्रकरण 2: परिचित बनकर ₹71,606 की साइबर ठगी

थाना छोटे डोंगर के तहत एक अज्ञात व्यक्ति ने पीड़ित को फोन कर स्वयं को परिचित बताते हुए फोन-पे के माध्यम से ₹50,000 भेजने की बात कही। इसके बाद आरोपी ने मोबाइल पर ₹50,000 प्राप्त होने का फर्जी संदेश भेजकर पीड़ित से उक्त राशि वापस भेजने के लिए कहा। आरोपी के झांसे में आकर पीड़ित ने राशि वापस भेज दी। इसके बाद आरोपी ने राशि वापस आने का झांसा देकर फोन पर बताई गई विभिन्न प्रक्रियाएं पूरी करने के लिए कहा, जिसके परिणामस्वरूप पीड़ित के बैंक खाते से अलग-अलग बार राशि कट गई और कुल ₹71,606 की साइबर ठगी की गई।

घटना के बाद पीड़ित ने साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर थाना छोटे डोंगर में अपराध क्रमांक 20/2026, धारा 318(4) भारतीय न्याय संहिता एवं सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66(सी) एवं 66(डी) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई।

📌 प्रकरण में गिरफ्तार 4 आरोपी:

  • रमेश साहू — निवासी भितरवार, जिला ग्वालियर, मध्य प्रदेश
  • आकाश रावत — निवासी भैंसा सोनारी, थाना करैरा, जिला शिवपुरी, मध्य प्रदेश
  • अजय परिहार — निवासी दादूमर, थाना भितरवार, जिला ग्वालियर, मध्य प्रदेश (कियोस्क सेंटर संचालक)
  • मोहम्मद अरमान खान — निवासी ग्राम सिंहलेरी, थाना पुन्हाना, जिला नूंह, हरियाणा

प्रकरण की विवेचना के दौरान साइबर सेल नारायणपुर की सहायता से घटना में प्रयुक्त मोबाइल नंबरों, बैंक खातों एवं अन्य तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया गया। साइबर नोडल अधिकारी डीएसपी आशीष कुमार नेताम के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मध्य प्रदेश एवं हरियाणा में दबिश देकर आरोपियों को गिरफ्तार किया। आवश्यक वैधानिक प्रक्रिया पूर्ण करने के पश्चात आरोपी मोहम्मद अरमान खान को न्यायिक रिमांड पर भेजा गया व 3 अन्य आरोपी पूर्व से ही न्यायिक अभिरक्षा में हैं। प्रकरण में 7 अन्य आरोपियों को नियमानुसार नोटिस जारी किए गए हैं।

प्रकरण 3: डराकर ₹1,00,000 की ठगी

थाना झाराघाटी क्षेत्र अंतर्गत ग्राम महीमा गवाड़ी में डराकर ₹1,00,000 की ठगी किए जाने का मामला सामने आया। इस प्रकरण में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी राजा भैया लोधी, निवासी जिला टीकमगढ़, मध्य प्रदेश को गिरफ्तार किया। प्रकरण में भारतीय न्याय संहिता के तहत कार्रवाई की गई है।

अंतरराज्यीय स्तर पर कार्रवाई जारी

नारायणपुर पुलिस द्वारा साइबर अपराधों में संलिप्त आरोपियों की पहचान के लिए तकनीकी साक्ष्यों, मोबाइल नंबरों एवं बैंक खातों का विश्लेषण किया जा रहा है। प्रकरणों में अन्य व्यक्तियों की संलिप्तता के संबंध में विवेचना जारी है।

📢 नारायणपुर पुलिस की अपील:

साइबर अपराधी परिचित व्यक्ति बनकर, कॉल फॉरवर्डिंग के माध्यम से अथवा डराकर और फर्जी भुगतान संदेश भेजकर ठगी कर सकते हैं। अतः:

  • किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर मोबाइल में कॉल फॉरवर्डिंग सेटिंग सक्रिय न करें।
  • मोबाइल पर पैसे प्राप्त होने का संदेश मिलने पर अपने बैंक खाते में राशि की पुष्टि अवश्य करें।
  • बिना सत्यापन के किसी के कहने पर पैसे वापस न भेजें।
  • किसी अनजान व्यक्ति के साथ OTP, UPI PIN या बैंक खाते की गोपनीय जानकारी साझा न करें।
  • साइबर ठगी होने पर तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं अथवा www.cybercrime.gov.in पर शिकायत करें।

नारायणपुर पुलिस साइबर अपराध के विरुद्ध सतत कार्रवाई, अपराधियों तक पहुंचने और आम नागरिकों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।

📰 यह भी पढ़ें:

basant dahiya

मेरा नाम बसंत दहिया है। मैं लगभग 20 वर्षों से प्रिंट मीडिया में सक्रिय रूप से कार्य कर रहा हूं। इसी बीच मैंने बस्तर जिला व राजधानी रायपुर के प्रमुख समाचार पत्रों में अपनी सेवा देकर लोकहित एवं देशहित में कार्य किया है। वर्तमान की आवश्यकता के दृष्टिगत मैंने अपना स्वयं का न्यूज पोर्टल- समग्रविश्व अप्रेल 2024 से शुरू किया है जो जनहित एवं समाज कल्याण में सक्रिय है। इसमें आप सहयोगी बनें और मेरे न्यूज पोर्टल को सपोर्ट करें। "जय हिन्द, जय भारत"

Post a Comment

Previous Post Next Post