श्मशान घाट में अवैध कब्जे पर होगी कार्रवाई, दोषियों पर नगर पालिका सख्त; प्रशासन ने निर्माण को किया सील
ट्रांसपोर्ट नगर के शेड को दीवार खड़ी कर बनाया गया था मकान, जनप्रतिनिधियों और नागरिकों ने जताई नाराजगी
बचेली, दंतेवाड़ा | 19 अक्टूबर 2026:
बचेली के वार्ड क्रमांक 8 स्थित ट्रांसपोर्ट नगर के श्मशान घाट में सार्वजनिक उपयोग के लिए बने शेड पर अवैध कब्जे का मामला सामने आया है। किसी व्यक्ति द्वारा शेड को दीवार खड़ी कर, प्लास्टर और शटर लगाकर मकान का रूप दे दिया गया था। मामले की जानकारी मिलने पर प्रशासनिक अमले ने मौके पर पहुंचकर संबंधित निर्माण को सील कर दिया है। हालांकि, अब लोगों की मांग है कि शेड को अतिक्रमण से मुक्त कराकर दोबारा सार्वजनिक उपयोग के लिए बहाल किया जाए।
जनप्रतिनिधियों और नागरिकों ने जताई नाराजगी
मामले को लेकर नगर पालिका के जनप्रतिनिधियों और नगर के गणमान्य नागरिकों ने मौके पर पहुंचकर नाराजगी जताई। नायब तहसीलदार ने प्रशासनिक अमले के साथ पहुंचकर संबंधित निर्माण को सील करने की कार्रवाई की। इस दौरान पार्षद अप्पू कुंजाम, सुनील गायन, रामनाथ नेगी सहित नगर के कई गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
दोषियों पर होगी कार्रवाई: राजू जायसवाल और कृष्ण राव
नगर पालिका अधिकारी कृष्ण राव और नगर पालिका अध्यक्ष राजू जायसवाल ने स्पष्ट किया कि मामले में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक उपयोग की जगह पर अवैध कब्जे के मामले को गंभीरता से लिया जाएगा। वहीं, नगर पालिका उपाध्यक्ष सतीश प्रेमचंदानी ने भी इस तरह के कब्जे पर नाराजगी जताते हुए कहा कि श्मशान घाट जैसी संवेदनशील जगह पर इस प्रकार का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए। नेता प्रतिपक्ष मनोज शाह और पार्षद संजीव साव ने भी सार्वजनिक स्थल को अतिक्रमण से मुक्त कराने की आवश्यकता पर जोर दिया।
सील के बाद अब कब्जा हटाने का इंतजार
नायब तहसीलदार द्वारा शेड को सील किए जाने के बाद अब सवाल उठ रहा है कि निर्माण को हटाकर शेड को उसके मूल स्वरूप में कब बहाल किया जाएगा। श्मशान घाट में अंतिम संस्कार के दौरान मृतक के परिजनों और अन्य लोगों के बैठने के लिए बनी जगह का सार्वजनिक उपयोग सुनिश्चित करना जरूरी है। स्थानीय लोगों की मांग है कि प्रशासन मामले की निष्पक्ष जांच करे, कब्जे के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान करे और नियमानुसार कार्रवाई करते हुए शेड को फिर से आम नागरिकों के उपयोग के लिए उपलब्ध कराए। अब देखना होगा कि नगर पालिका और प्रशासन आगे क्या कदम उठाते हैं।