बस्तर दशहरा 2026: 75 दिवसीय पर्व की तैयारियां शुरू, बलराम मांझी बने दशहरा समिति के नए उपाध्यक्ष

 

आस्था-परंपरा एवं पूरी भव्यता के साथ मनाया जाएगा बस्तर दशहरा, यूनेस्को धरोहर सूची में शामिल कराने पर जोर

श्री बलराम मांझी बने दशहरा समिति के नए उपाध्यक्ष

कलेक्टोरेट के प्रेरणा कक्ष में बस्तर दशहरा 2026 की तैयारियों को लेकर आयोजित बैठक में सांसद महेश कश्यप, कमलचंद भंजदेव, कलेक्टर आकाश छिकारा, एसपी शलभ सिन्हा व समिति सदस्य उपस्थित
जगदलपुर। ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर के प्रतीक विश्वप्रसिद्ध 75 दिवसीय बस्तर दशहरा पर्व 2026 को पूरी भव्यता के साथ मनाने के उद्देश्य से कलेक्टोरेट के प्रेरणा कक्ष में आयोजित बैठक में सांसद महेश कश्यप, बस्तर राजपरिवार के कमलचंद भंजदेव, कलेक्टर आकाश छिकारा, पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा, जिला पंचायत सीईओ तन्मय खन्ना सहित मांझी-चालकी व समिति सदस्य उपस्थित रहे।
जगदलपुर, 12 सितम्बर 2026। ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर के प्रतीक विश्वप्रसिद्ध 75 दिवसीय बस्तर दशहरा पर्व 2026 को पूरी भव्यता और पारंपरिक गरिमा के साथ मनाने के उद्देश्य से मंगलवार को कलेक्टोरेट के प्रेरणा कक्ष में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।

बस्तर सांसद एवं दशहरा समिति के अध्यक्ष श्री महेश कश्यप की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में बस्तर राजपरिवार के कमलचंद भंजदेव, कलेक्टर आकाश छिकारा, पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा, जिला पंचायत सीईओ तन्मय खन्ना, दंतेवाड़ा से मां दंतेश्वरी के पुजारी जिया बाबा सहित समस्त मांझी-चालकी, मेंबर-मेंबरीन, पुजारी और प्रशासनिक अधिकारी एवं टेम्पल स्टेट समिति के सदस्य उपस्थित रहे।

बलराम मांझी निर्वाचित हुए नए उपाध्यक्ष

बैठक की शुरुआत में औपचारिक प्रक्रियाओं के बाद समिति के उपाध्यक्ष पद हेतु निर्वाचन हुआ।

प्रस्तावकप्रस्तावित नाम
बचेली परगना के बीरो मांझीअर्जुन मांझी
सोनाबाल परगना के समुंद मांझीबलराम मांझी

सदस्यों द्वारा हाथ उठाकर की गई मतदान प्रक्रिया में स्पष्ट बहुमत के आधार पर बलराम मांझी को बस्तर दशहरा समिति का नया उपाध्यक्ष निर्वाचित घोषित किया गया।

एनएमडीसी से सीएसआर मद में मांगी स्थायी सहायता

इस अवसर पर सांसद श्री महेश कश्यप ने अपने उद्बोधन में कहा कि बस्तर दशहरा केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता और विश्व की अनूठी सांस्कृतिक विरासत है।

उन्होंने बस्तर दशहरा पर्व के लिए एनएमडीसी प्रबंधन से सीएसआर मद के तहत प्रतिवर्ष कम से कम डेढ़ करोड़ रुपए की स्थायी वित्तीय सहायता हेतु मांग करने की बात कही। उन्होंने बताया कि पर्व के राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय प्रचार-प्रसार हेतु केंद्रीय मंत्रियों से सकारात्मक चर्चा हुई है।

सांसद ने दिए ये निर्देश

  • बस्तर दशहरा के 75 दिनों के दौरान किसी भी समानांतर आयोजन की अनुमति न दी जाए

  • देवस्थलों में आवश्यक व्यवस्थाएं करने सहित प्रमुख पूजा विधान स्थलों पर सुरक्षा रेलिंग व पक्की बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं

1423 से निरंतर चला आ रहा है बस्तर दशहरा

बस्तर राजपरिवार के सदस्य एवं माटी पुजारी कमलचंद भंजदेव ने ऐतिहासिक तथ्यों का उल्लेख करते हुए बताया कि वर्ष 1423 से निरंतर चला आ रहा बस्तर दशहरा मैसूर और कुल्लू से भी प्राचीन है। उन्होंने इसे यूनेस्को की सांस्कृतिक धरोहर सूची में दर्ज कराने का साझा संकल्प दोहराया।

महत्वपूर्ण सुझाव

  • मावली परघाव हेतु संबंधित स्थल एवं मार्ग की विशेष सफाई

  • देवी-देवताओं आंगा देव के सम्मानपूर्वक आगमन व्यवस्था पर जोर

  • मांझी-चालकी से पारंपरिक वेशभूषा व पगड़ी धारण करने का आग्रह

  • मेंबरीन का मासिक मानदेय बढ़ाने का प्रस्ताव

₹1.21 करोड़ का बजट प्रस्तावित

दशहरा समिति के सचिव व तहसीलदार ने बैठक में एक करोड़ 21 लाख रुपए का बजट प्रस्तावित करते हुए बस्तर दशहरा पर्व के विभिन्न पूजा विधानों के संपादन के बारे में अवगत कराया।

बैठक के अंत में नव-निर्वाचित उपाध्यक्ष बलराम मांझी ने भी देवसराय एवं अन्य स्थलों की व्यवस्था को बेहतर बनाने का सुझाव दिया।

प्रशासनिक तैयारियों पर चर्चा

इस मौके पर कलेक्टर आकाश छिकारा एवं पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा ने पर्व को शांतिपूर्ण, व्यवस्थित और भव्य रूप से संपन्न कराने के लिए आवश्यक समन्वय और प्रशासनिक तैयारियों के संबंध में विचार रखे।

basant dahiya

मेरा नाम बसंत दहिया है। मैं लगभग 20 वर्षों से प्रिंट मीडिया में सक्रिय रूप से कार्य कर रहा हूं। इसी बीच मैंने बस्तर जिला व राजधानी रायपुर के प्रमुख समाचार पत्रों में अपनी सेवा देकर लोकहित एवं देशहित में कार्य किया है। वर्तमान की आवश्यकता के दृष्टिगत मैंने अपना स्वयं का न्यूज पोर्टल- समग्रविश्व अप्रेल 2024 से शुरू किया है जो जनहित एवं समाज कल्याण में सक्रिय है। इसमें आप सहयोगी बनें और मेरे न्यूज पोर्टल को सपोर्ट करें। "जय हिन्द, जय भारत"

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