राष्ट्रीय आदिवासी छात्र शिक्षा समिति में तीन दिवसीय खेल प्रतिस्पर्धा का उद्घाटन, प्राचार्य ने खेलों के महत्व पर दिए विचार
जगदलपुर। राष्ट्रीय आदिवासी छात्र शिक्षा समिति के आदेशानुसार तीन दिवसीय खेल प्रतिस्पर्धा का विधिवत उद्घाटन ब्रह्मपुत्र, गंगा, गोदावरी एवं तापी सदन के मध्य किया गया। संस्था के प्राचार्य अमित कुमार पाण्डेय की मुख्य अतिथि में यह आयोजन हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ।प्राचार्य ने खेलों के महत्व पर दिए विचार
प्राचार्य अमित कुमार पाण्डेय ने खेल दिवस पर जीवन में खेलों के महत्व पर मार्मिक प्रसंग आधारित दृष्टांत प्रस्तुत कर खेल की सार्थकता को सिद्ध किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा के साथ खेल भी जीवन में अत्यंत आवश्यक हैं, क्योंकि वे अनुशासन, स्वास्थ्य और टीम भावना का विकास करते हैं।
प्रतिभागियों ने ली शपथ
इस अवसर पर सभी सदनों के प्रतिभागियों को खेल के प्रति हमेशा समर्पण बनाए रखने तथा जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में टीम स्पिरिट बनाए रखने हेतु प्रतिज्ञा/शपथ का वाचन करवाया गया।
खेलों की जानकारी साझा
शपथ के पश्चात् प्रतिभागियों को आयोजित किए जाने वाले खेलों से संबंधित जानकारी व्यायाम अनुदेशक गजेन्द्र सूर्यवंशी ने साझा की। उन्होंने बताया कि तीन दिवसीय इस प्रतिस्पर्धा में विभिन्न खेल विधाओं में प्रतिभागी अपनी क्षमता का प्रदर्शन करेंगे।
कार्यक्रम का संचालन
कार्यक्रम का संचालन सीसीए इंचार्ज ओमप्रकाश चंद्रवंशी ने किया। इस अवसर पर अकादमिक प्रभारी डॉ. प्रमोद कुमार शुक्ल, गजेन्द्र सूर्यवंशी सहित सभी शिक्षकगण, कर्मचारीगण एवं प्रतिभागी छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख लोग
इस अवसर पर ऐश्वर्य डनसेना, पिनाक चौहान, राजय देवांगन, मोनिका सिंह, नरेंद्र दीवान, सुभाषचंद्र साहू, कृष्णा डडसेना, मनीष पुनिया, राकेश ओझा, सुधीर कुमार शास्त्री, अरिहंत दीक्षित, जितेंद्र सिंह, शुभम दहिया, कृतिका मंडल, मनीषा राजपूत, श्रुति खान, उर्वशी भीमटे, काजल कुंजन, प्रवीण कुमार, बिहारी लाल सेन, रीमा कांत दास, उमेश कुमार साहू, हरीश बलिहार, यादराम एवं अन्य शिक्षक/कर्मचारी उपस्थित रहे।
