बारिश ने खोली सड़क व्यवस्था की पोल, नेरली-कमेली मार्ग पर कीचड़ और गड्ढों का कब्जा, कई गांवों का संपर्क प्रभावित
दंतेवाड़ा। जिले के बचेली क्षेत्र अंतर्गत नेरली गांव की सड़क बारिश के बाद बदहाली की तस्वीर पेश कर रही है। लगातार तीन दिनों से हो रही बारिश ने पहले से जर्जर सड़क की हालत और बिगाड़ दी है।
सड़क अब जगह-जगह गड्ढों और कीचड़ में तब्दील हो चुकी है, जिससे ग्रामीणों का रोजमर्रा का जीवन प्रभावित हो रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि बारिश शुरू होने से पहले ही सड़क की स्थिति खराब थी, लेकिन जिम्मेदारों की अनदेखी के कारण अब हालात और बदतर हो गए हैं।
सड़क पर जमा पानी और गहरे गड्ढों के कारण पैदल चलना तक मुश्किल हो गया है, वहीं दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों के लिए दुर्घटना का खतरा बना हुआ है।
🛣️ कई गांवों का संपर्क मार्ग प्रभावित
यह मार्ग नेरली के साथ-साथ भांसी, कमेली, मुलसनार सहित आसपास के कई गांवों को जोड़ने वाला प्रमुख रास्ता है। इसी मार्ग से रोजाना बड़ी संख्या में ग्रामीण, स्कूली बच्चे, शिक्षक, मजदूर और मरीजों का आना-जाना होता है। सड़क की खराब स्थिति के कारण लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों के मुताबिक, गैस सिलेंडर लेने, इलाज के लिए अस्पताल पहुंचने, बाजार जाने और मजदूरी के लिए इसी सड़क पर निर्भर रहना पड़ता है। लेकिन वर्तमान हालात में यह रास्ता सुविधा नहीं बल्कि परेशानी का कारण बन गया है।
📚 शिक्षा और रोजगार पर भी असर
बारिश का असर अब स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्रों तक भी पहुंच गया है। खराब सड़क के कारण शिक्षक-शिक्षिकाओं और कर्मचारियों को केंद्रों तक पहुंचने में दिक्कत हो रही है, जिसका सीधा असर ग्रामीण क्षेत्रों की शिक्षा व्यवस्था पर पड़ रहा है।
🗂️ प्रशासन से क्या कहा?
इस संबंध में ग्राम सरपंच द्वारा लोक निर्माण विभाग, दक्षिण बस्तर संभाग दंतेवाड़ा को प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना (PMGSY) के तहत सड़क निर्माण/मजबूतीकरण के लिए आवेदन दिया गया है। सरपंच को विभाग की ओर से बताया गया है कि इस कार्य का टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, लेकिन अब तक फंड स्वीकृत नहीं होने के कारण काम शुरू नहीं हो पाया है।
ग्रामीणों का कहना है कि कई बार शिकायत और आवेदन देने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। हर साल बारिश में सड़क की यही स्थिति सामने आती है, जिससे लोगों की परेशानियां बढ़ जाती हैं।
❓ ग्रामीणों का सवाल – क्या होगा समाधान?
ग्रामीणों ने सवाल उठाया है कि करोड़ों रुपये के विकास कार्यों के दावों के बीच गांवों की यह बदहाल सड़क व्यवस्था प्रशासनिक लापरवाही की पोल खोल रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द फंड स्वीकृत कर सड़क का स्थायी समाधान किया जाए, ताकि बारिश के मौसम में हर साल लोगों को इसी समस्या से न जूझना पड़े।