सड़क सुरक्षा को लेकर छत्तीसगढ़ ड्राइवर महासंगठन ने उठाई आवाज, पुलिस अधीक्षक को सौंपा ज्ञापन

सड़क सुरक्षा को लेकर छत्तीसगढ़ ड्राइवर महासंगठन ने उठाई आवाज, पुलिस अधीक्षक को सौंपा ज्ञापन

"छत्तीसगढ़ ड्राइवर महासंगठन के पदाधिकारी दंतेवाड़ा में पुलिस अधीक्षक को सड़क सुरक्षा, नशामुक्त वाहन संचालन एवं स्कूल बस जांच सहित 7 सूत्री मांगों का ज्ञापन सौंपते हुए।"
दंतेवाड़ा। छत्तीसगढ़ ड्राइवर महासंगठन के जिला पदाधिकारियों ने पुलिस अधीक्षक को सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान, ब्रेथ एनालाइजर व्यवस्था व स्कूल परिवहन सुरक्षा से जुड़ा ज्ञापन सौंपा। इस दौरान संगठन ने दुर्घटना कम करने के लिए ठोस कार्रवाई की अपेक्षा जताई।

दंतेवाड़ा। सड़क दुर्घटनाओं के बढ़ते आंकड़ों और नशे में वाहन चलाने की गंभीर समस्या को देखते हुए छत्तीसगढ़ ड्राइवर महासंगठन, जिला दंतेवाड़ा ने सोमवार को जिला पुलिस अधीक्षक (एसपी) से मुलाकात की और उन्हें एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा। संगठन ने जिले में सड़क सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने तथा वाहन चालकों और आम नागरिकों की जान बचाने के लिए कई ठोस मांगें रखीं।


जागरूकता अभियान चलाने की मांग

संगठन के पदाधिकारियों ने ज्ञापन में सबसे पहली मांग रखी कि पूरे जिले में सड़क सुरक्षा एवं नशामुक्त वाहन संचालन जागरूकता अभियान चलाने के लिए प्रशासनिक अनुमति और आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जाए। इस अभियान के तहत ग्रामीण और शहरी इलाकों में लोगों को शराब पीकर वाहन न चलाने, हेलमेट और सीट बेल्ट के उपयोग तथा यातायात नियमों की पालना के प्रति जागरूक किया जाएगा।


ब्रेथ एनालाइजर मशीनों की व्यवस्था अनिवार्य

सड़क दुर्घटनाओं के प्रमुख कारणों में से एक नशे में ड्राइविंग को मानते हुए महासंगठन ने पुलिस और परिवहन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में नियमित जांच अभियान चलाने की बात कही। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस अभियान को प्रभावी बनाने के लिए पर्याप्त संख्या में ब्रेथ एनालाइजर मशीनों की व्यवस्था की जाए, ताकि चेकिंग के दौरान किसी भी चालक के शराब के सेवन की सटीक जांच हो सके।


स्कूल बसों और वैन की सुरक्षा पर विशेष ध्यान

ज्ञापन में स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर चिंता जताई गई। संगठन ने मांग की कि जिले के सभी शासकीय एवं निजी स्कूलों में संचालित बसों और वैन चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस, पहचान पत्र, वर्दी एवं अन्य आवश्यक दस्तावेजों की नियमित जांच सुनिश्चित की जाए। इससे बच्चों को ढोने वाले वाहनों की फिटनेस और चालकों की योग्यता पर सख्त निगरानी रखी जा सकेगी।


'सड़क सुरक्षा हर नागरिक की जिम्मेदारी'

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ ड्राइवर महासंगठन के जिला अध्यक्ष ने कहा कि "सड़क सुरक्षा केवल नियमों का पालन नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की नैतिक जिम्मेदारी है। यदि समय रहते ठोस कदम उठाए गए तो हर साल होने वाली सड़क दुर्घटनाओं में भारी कमी लाई जा सकती है और सैकड़ों निर्दोष जानें बचाई जा सकती हैं।"

उन्होंने पुलिस प्रशासन से अपील की कि जनहित में रखी गई इन मांगों पर शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई करें और आगामी त्योहारी सीजन से पहले विशेष सुरक्षा अभियान शुरू करें।


पुलिस अधीक्षक ने दिलाई सकारात्मक आश्वासन

सूत्रों के अनुसार, पुलिस अधीक्षक ने संगठन के पदाधिकारियों की बातें ध्यानपूर्वक सुनीं और उन्हें आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। एसपी ने कहा कि सड़क सुरक्षा विभाग की प्राथमिकताओं में शामिल है और जागरूकता अभियान के लिए अनुमति देने के साथ ही परिवहन विभाग से समन्वय करके जांच व्यवस्था को और प्रभावी बनाया जाएगा।

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basant dahiya

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