नशामुक्त विकसित भारत अभियान का शुभारंभ: बस्तर विश्वविद्यालय में युवाओं को दिलाई नशा मुक्ति की शपथ, वन मंत्री केदार कश्यप बोले- नशा समाज को खोखला करता है
जगदलपुर। नशामुक्त विकसित भारत अभियान के शुभारंभ पर रविवार को शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय, कालीपुर परिसर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्रीय उद्बोधन का सीधा प्रसारण सुना गया। इस अवसर पर वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने नशे को दीमक की संज्ञा देते हुए युवाओं से नशा मुक्ति के लिए आगे आने का आह्वान किया। कार्यक्रम में बस्तर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. मनोज कुमार श्रीवास्तव, सांसद महेश कश्यप, जिला कलेक्टर आकाश छिकारा सहित बड़ी संख्या में एनएसएस स्वयंसेवक उपस्थित रहे।
शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय, जगदलपुर में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराना और उन्हें स्वस्थ, उत्तरदायी जीवन जीने के लिए प्रेरित करना था। कार्यक्रम की अध्यक्षता बस्तर विश्वविद्यालय के कुलाधिपति ने की।
मुख्य अतिथि वन मंत्री केदार कश्यप ने अपने उद्बोधन में कहा कि जिस प्रकार दीमक किसी वस्तु को अंदर ही अंदर खोखला कर देता है, उसी प्रकार नशा व्यक्ति के जीवन, परिवार और समाज को बर्बाद कर देता है। उन्होंने युवाओं से नशा मुक्ति केंद्रों से परामर्श लेने और स्वयं नशा मुक्ति अभियान में आगे आने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार, स्वयंसेवी संगठन और सामाजिक संगठन नशा मुक्ति के लिए कार्य कर रहे हैं, ताकि हमारा घर-परिवार सुरक्षित रहे। वन मंत्री ने युवाओं को शारीरिक एवं मानसिक रूप से मजबूत होकर आगे बढ़ने की आवश्यकता पर बल दिया।
कुलपति प्रो. मनोज कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि 2047 के विकसित व सशक्त भारत का सपना तभी साकार होगा, जब देश का प्रत्येक नागरिक नशामुक्त होगा। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजनों का उद्देश्य युवाओं को सशक्त बनाना है।
सांसद महेश कश्यप ने कहा कि युवाओं का पढ़ा-लिखा होने के साथ-साथ संस्कारवान होना भी आवश्यक है। युवा ही समाज का निर्माण करते हैं और विकसित भारत के लक्ष्य को पाने में उनकी भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होगी। उन्होंने युवाओं को अच्छी संगति करने और भ्रमित करने वालों से दूर रहने की अपील की।
कार्यक्रम के दौरान सभी उपस्थित युवाओं को नशा से दूर रहने की शपथ दिलाई गई। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के प्रेरक उद्बोधन से पूर्व ऑनलाइन नाट्य के माध्यम से युवाओं को नशा से दूर रहने का संदेश दिया गया। नाट्य में कहा गया कि "नशा एक बीमारी है, जो हमारी सोच और सपनों पर हमला करती है। यह हमारी इच्छाशक्ति से ही इस बीमारी से मुक्ति पाई जा सकती है।"
हॉर्टीकल्चर कॉलेज की इकाइयों ने भी लिया हिस्सा :
इस कार्यक्रम में राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के अंतर्गत क्रांतिकारी डेबरीधुर कॉलेज ऑफ हॉर्टिकल्चर (KDCHRS), जगदलपुर और कॉलेज ऑफ हॉर्टिकल्चर (CHRS), सोनारपाल की NSS इकाइयों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। दोनों कॉलेजों के लगभग 120 छात्रों ने अपने NSS कार्यक्रम अधिकारियों के साथ कार्यक्रम में भाग लिया। इस कार्यक्रम में बस्तर विश्वविद्यालय के कुलपति, सांसद, विधायकगण, जिला कलेक्टर, जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ सरकारी अधिकारी, विश्वविद्यालय प्राधिकारी और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।इस अवसर पर उपस्थित प्रमुख व्यक्ति:
मुख्य अतिथि: केदार कश्यप (वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री, छ.ग.)
कुलपति: प्रो. मनोज कुमार श्रीवास्तव
सांसद: महेश कश्यप
जिला कलेक्टर: आकाश छिकारा
कार्यपरिषद सदस्य: अजय सिंह बैस, जयराम दास
कुलसचिव: डॉ. राजेश लालवानी
कार्यक्रम समन्वयक: डॉ. सजीवन कुमार
विशेष रूप से: संभाग के विभिन्न विद्यालयों के प्राचार्य, शिक्षक, एनएसएस स्वयंसेवक (120+) एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक।

