बस्तर पुलिस का साइबर जागृति अभियान: मेडिकल कॉलेज में छात्रों को OTP, पासवर्ड व डिजिटल अरेस्ट से बचने के दिए टिप्स
जगदलपुर। छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा चलाए जा रहे 'साइबर जागृति अभियान' के तहत बस्तर पुलिस ने स्वर्गीय बलिराम कश्यप स्मृति शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय, डिमरापाल, जगदलपुर में साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक शलभ कुमार सिन्हा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुखनंदन राठौर और एसडीओपी लक्ष्मण पोटाई ने विद्यार्थियों व आमजन को साइबर ठगी से बचाव के उपाय बताए।एसपी शलभ सिन्हा: 'जागरूकता ही साइबर अपराधों से बचाव का सबसे बड़ा हथियार'
पुलिस अधीक्षक शलभ कुमार सिन्हा ने कार्यक्रम के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि साइबर जनजागरूकता अभियान का मुख्य उद्देश्य आमजन को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक एवं सतर्क करना है। उन्होंने कहा कि आज के डिजिटल युग में थोड़ी-सी लापरवाही का फायदा उठाकर साइबर अपराधी हमारे मोबाइल, बैंक खाते, सोशल मीडिया अकाउंट तथा व्यक्तिगत जानकारी को नुकसान पहुँचा सकते हैं।
उन्होंने बताया कि साइबर अपराधी अक्सर लोगों की छोटी-सी गलती का फायदा उठाकर OTP साझा करवाना, फर्जी लिंक भेजना आदि तरीकों से साइबर फ्रॉड करते हैं। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को साइबर सुरक्षा के प्रति सजग रहना आवश्यक है।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुखनंदन राठौर ने 'POLICE' शब्द के माध्यम से दी सलाह
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुखनंदन राठौर ने “POLICE” शब्द के माध्यम से महत्वपूर्ण सावधानियाँ बताईं:
P – Password: अपना पासवर्ड किसी के साथ साझा न करें।
O – OTP: OTP कभी भी किसी अनजान व्यक्ति के साथ शेयर न करें।
L – Link: किसी भी अनजान या संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें।
I – Identity: अपनी व्यक्तिगत पहचान एवं निजी जानकारी को हमेशा सुरक्षित रखें।
C – Chat: अनजान लोगों के साथ सोशल मीडिया पर चैट करते समय सावधानी बरतें।
E – Emergency: साइबर अपराध होने पर तत्काल 1930 पर कॉल करें।
साइबर अपराधों के तरीकों व 1930 हेल्पलाइन की दी गई जानकारी
कार्यक्रम में फर्जी कॉल, ऑनलाइन ठगी, फर्जी प्रोफाइल, सोशल मीडिया फ्रॉड, डिजिटल अरेस्ट एवं फर्जी लिंक के संबंध में जानकारी देते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की गई। विद्यार्थियों को OTP, UPI PIN, ATM PIN, पासवर्ड एवं बैंकिंग जानकारी किसी के साथ साझा न करने तथा सोशल मीडिया पर निजी जानकारी साझा करते समय विशेष सावधानी बरतने की समझाइश दी गई।
साइबर अपराध की स्थिति में तत्काल 1930 पर शिकायत करने तथा cybercrime.gov.in के माध्यम से ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराने की जानकारी भी दी गई।
कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख:
पुलिस अधीक्षक: शलभ कुमार सिन्हा
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक: सुखनंदन राठौर
एसडीओपी: लक्ष्मण पोटाई
अधिष्ठाता: डॉ. प्रदीप बेक
संयुक्त संचालक सह अस्पताल अधीक्षक: डॉ. अनुरूप साहू
