कैथलैब शुरू होने के एक महीने में 20 प्रोसीजर, 6 एंजियोप्लास्टी: बस्तर के मरीजों को मिली राहत
💓 बस्तर के मरीजों के लिए राहत की खबर!
कॉन्टिनेंटल छत्तीसगढ़ सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, जगदलपुर के कैथलैब में बीते एक महीने में 20 प्रोसीजर सफलतापूर्वक किए गए हैं। इनमें 6 मरीजों की एंजियोप्लास्टी भी शामिल है, जिन्हें स्थानीय स्तर पर ही नया जीवन मिला है।
📊 एक महीने में 20 प्रोसीजर: आंकड़ों में कैथलैब की सफलता
विगत 9 जुलाई 2026 को प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कैथलैब का लोकार्पण किया था। इसके बाद से बीते एक महीने में यहां कुल 20 प्रोसीजर किए गए हैं। इनमें 11 एंजियोग्राफी, 6 एंजियोप्लास्टी और 3 डीएसए (डिजिटल सब्सट्रैक्शन एंजियोग्राफी) शामिल हैं।
📌 प्रमुख उपलब्धियाँ: 11 एंजियोग्राफी | 6 एंजियोप्लास्टी | 3 डीएसए
🏥 अब 300 किलोमीटर नहीं, स्थानीय स्तर पर मिल रहा इलाज
अब तक एंजियोग्राफी या एंजियोप्लास्टी के लिए मरीजों को 300 किलोमीटर दूर रायपुर या विशाखापट्टनम जाना पड़ता था। लेकिन कॉन्टिनेंटल हॉस्पिटल में कैथलैब शुरू हो जाने से मरीजों को गोल्डन ऑवर में ही इलाज मिल रहा है, जिससे जान बचाने में काफी मदद मिली है।
❤️ हृदयरोग विशेषज्ञों की सलाह: पनीर, धूम्रपान व शराब से बचें
वर्तमान में चल रहे एनालाग पनीर के मामले पर बस्तर के हृदयरोग विशेषज्ञों ने इसका उपयोग पूरी तरह से बंद करने की सलाह दी है। साथ ही, उन्होंने घर में बने या विश्वसनीय ब्रांड के पनीर का उपयोग करने और बदलते मौसम में हृदयरोग से बचाव के टिप्स दिए हैं।
🩺 डॉ. मनोज कुमार महाराणा की सलाह – 'संतुलित जीवनचर्या ही है उपचार'
कॉन्टिनेंटल छत्तीसगढ़ सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल के सीटीवीएस सर्जन डॉ. मनोज कुमार महाराणा ने कहा कि संतुलित जीवनचर्या से ही हृदयरोग से बचा जा सकता है। इसके लिए व्यायाम को दिनचर्या में अनिवार्य रूप से शामिल करना चाहिए।
उन्होंने इस बदलते मौसम में हरी पत्तेदार सब्जियों, ताजे बेरीज, बीन्स और नट्स का उपयोग बढ़ाने की सलाह दी है। साथ ही, उन्होंने धूम्रपान और शराब सेवन को हृदयरोग के लिए सबसे बड़ा खतरा बताते हुए इनसे दूर रहने की अपील की।
- ✅ व्यायाम: तेज गति से चलना, तैराकी, साइकिलिंग
- ✅ दिनचर्या: लिफ्ट के बजाय सीढ़ियों का उपयोग
- ✅ योग: गहरी सांस, मेडिटेशन और प्राणायाम
- ✅ वजन नियंत्रण: कॉलेस्ट्रॉल को रखें संतुलित