क्या आपको पता है? बस्तर के बोधघाट थाना में अब किताबें पढ़ सकते हैं लोग, शुरू हुआ 'ज्ञान-बोध'

📚 थाने में पुस्तकालय? बस्तर पुलिस की 'ज्ञान-बोध' अनोखी पहल, प्रतीक्षा समय का होगा सदुपयोग

📅 जगदलपुर, 11 अगस्त 2026 🕒 अपडेट: 2 मिनट पहले ✍️ ब्यूरो: समग्र विश्व न्यूज़

💡 क्या आपने कभी सोचा था कि पुलिस थाने में भी पुस्तकालय हो सकता है?

बस्तर पुलिस ने सामुदायिक पुलिसिंग की एक अनोखी पहल करते हुए थाना बोधघाट में "ज्ञान-बोध" पुस्तकालय की शुरुआत की है। अब थाने आने वाले लोग अपने प्रतीक्षा समय का सदुपयोग किताबें पढ़कर कर सकेंगे!

🤔 क्या है 'ज्ञान-बोध'?

'बोध' का अर्थ है जागरूकता और Awareness'ज्ञान-बोध' का आशय है— ज्ञान के माध्यम से समझ और जागरूकता। बस्तर पुलिस ने इसी भाव को आगे बढ़ाते हुए इस पुस्तकालय की स्थापना की है।

📖 पुस्तकालय की खास बातें

  • थाना आने वाले प्रार्थी और आम नागरिक प्रतीक्षा के दौरान पुस्तकें पढ़ सकेंगे।
  • पुस्तकालय में ज्ञानवर्धक, प्रेरणादायक और उपयोगी पुस्तकें उपलब्ध रहेंगी।
  • इससे नागरिकों का पठन-पाठन, ज्ञानवर्धन और जागरूकता बढ़ेगी।

📚 आप भी बन सकते हैं इस पहल का हिस्सा

📢 बस्तर पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि उनके पास पुरानी अथवा उपयोगी पुस्तकें हैं, जिनका वे स्वयं उपयोग नहीं कर रहे हैं, तो वे अपनी इच्छानुसार थाना बोधघाट पहुंचकर पुस्तकें दान कर सकते हैं। इन पुस्तकों को पुस्तकालय में सुरक्षित रखा जाएगा और थाना आने वाले नागरिकों के लिए उपलब्ध कराया जाएगा।

🚔 पुलिस और जनता के बीच ज्ञान का सेतु

"यह पहल पुलिस और जनता के बीच संवाद के साथ-साथ ज्ञान और जागरूकता का सेतु बनाने की दिशा में एक छोटा लेकिन सार्थक प्रयास है।"

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basant dahiya

मेरा नाम बसंत दहिया है। मैं लगभग 20 वर्षों से प्रिंट मीडिया में सक्रिय रूप से कार्य कर रहा हूं। इसी बीच मैंने बस्तर जिला व राजधानी रायपुर के प्रमुख समाचार पत्रों में अपनी सेवा देकर लोकहित एवं देशहित में कार्य किया है। वर्तमान की आवश्यकता के दृष्टिगत मैंने अपना स्वयं का न्यूज पोर्टल- समग्रविश्व अप्रेल 2024 से शुरू किया है जो जनहित एवं समाज कल्याण में सक्रिय है। इसमें आप सहयोगी बनें और मेरे न्यूज पोर्टल को सपोर्ट करें। "जय हिन्द, जय भारत"

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