बस्तर के युवाओं को मिला राष्ट्रीय मंच: विश्वविद्यालय ने गुजरात भेजा 23 प्रतिभागियों को स्टार्टअप प्रशिक्षण
जगदलपुर। बस्तर संभाग में नवाचार, उद्यमिता एवं स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा देने की दिशा में शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय, जगदलपुर ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। विश्वविद्यालय ने संभाग के विभिन्न महाविद्यालयों के 23 प्रतिभागियों (विद्यार्थियों, शिक्षकों और इनक्यूबेटीज) को गुजरात में पांच दिवसीय प्रशिक्षण एवं एक्सपोज़र विज़िट पर भेजा, ताकि वे देश के विकसित स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र को समझ सकें और अपने विचारों को व्यवसाय में बदल सकें।गुजरात के प्रमुख संस्थानों का भ्रमण
18 से 22 अगस्त तक आयोजित इस पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में SMKV-इन्क्यूबेशन एंड स्टार्टअप फाउंडेशन (SMKV-ISF) के नोडल ऑफिसर डॉ. तूलिका शर्मा, डॉ. रश्मि देवांगन, डॉ. कुश कुमार नायक एवं डॉ. नीरज वर्मा भी शामिल रहे। कार्यक्रम कुलपति प्रो. मनोज कुमार श्रीवास्तव के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया।
प्रतिभागियों ने i-Hub Gujarat, Entrepreneurship Development Institute of India (EDII), SRISTI Innovations, AIC LMCP Foundation, GIFT City (Ahmedabad) तथा The Nasscom AI Centre of Excellence जैसे प्रमुख संस्थानों का भ्रमण किया। यहां उन्हें स्टार्टअप विकास, इनक्यूबेशन, बाजार सत्यापन, बौद्धिक संपदा अधिकार (IPR), फंडिंग, प्रोटोटाइप विकास एवं डिजाइन थिंकिंग जैसे महत्वपूर्ण विषयों की व्यावहारिक जानकारी मिली।
विचार से उद्यम तक का सफर
प्रतिभागियों ने यह समझा कि किसी विचार को सफल स्टार्टअप में बदलने के लिए केवल विचार पर्याप्त नहीं है, बल्कि वास्तविक समस्या की पहचान, ग्राहक की आवश्यकता, समाधान का परीक्षण, बाजार से फीडबैक, व्यवसाय मॉडल, टीम निर्माण, IPR और उचित फंडिंग भी आवश्यक है।
सफल स्टार्टअप संस्थापकों ने अपनी सक्सेस स्टोरी साझा की, जिससे विद्यार्थियों को अपने आइडिया को स्टार्टअप में बदलने के लिए मार्गदर्शन और प्रोत्साहन मिला। Customer Validation, Go-to-Market Strategy, Fundraising, Investor Pitching और Design Thinking की व्यावहारिक जानकारी ने प्रतिभागियों में आत्मविश्वास विकसित किया।
बस्तर के युवाओं के लिए नई संभावनाएं
बस्तर में कृषि, खाद्य प्रसंस्करण, वन-आधारित उत्पाद, हस्तशिल्प, पर्यटन, ग्रामीण आपूर्ति शृंखला एवं स्थानीय आजीविका जैसे अनेक क्षेत्रों में नवाचार और उद्यमिता की व्यापक संभावनाएं हैं। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को स्थानीय समस्याओं को पहचानकर उनके लिए बाजार आधारित एवं उपयोगकर्ता-केंद्रित समाधान विकसित करने के लिए प्रेरित किया गया।
विश्वविद्यालय की दूरगामी पहल
विश्वविद्यालय की इस पहल का महत्व केवल प्रशिक्षण में शामिल प्रतिभागियों तक सीमित नहीं है। इसने बस्तर संभाग में एक व्यापक Innovation and Entrepreneurship Ecosystem विकसित करने की नींव रखी है। विश्वविद्यालय का प्रयास स्थानीय समस्या से स्थानीय समाधान और स्थानीय समाधान से स्थानीय उद्यम की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
भविष्य में ऐसे प्रशिक्षण, एक्सपोज़र विज़िट, स्टार्टअप बूटकैंप, आइडिया वैलिडेशन वर्कशॉप, मेंटरिंग एवं इनक्यूबेशन गतिविधियों को बस्तर संभाग के अधिक से अधिक महाविद्यालयों एवं युवाओं तक पहुँचाने की योजना है, ताकि क्षेत्र में एक मजबूत एवं टिकाऊ स्टार्टअप इकोसिस्टम विकसित किया जा सके।
कार्यक्रम की मुख्य बातें:
आयोजन: पांच दिवसीय प्रशिक्षण एवं एक्सपोज़र विज़िट (गुजरात)
तिथि: 18-22 अगस्त 2026
प्रतिभागी: 23 (विद्यार्थी, शिक्षक, SMKV-ISF इनक्यूबेटीज)
भ्रमण स्थल: i-Hub, EDII, SRISTI, AIC LMCP, GIFT City, Nasscom AI Centre
उद्देश्य: स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र से जोड़ना, व्यवसायिक कौशल विकसित करना
