मलेरिया उन्मूलन को गति: टीसीआई फाउंडेशन ने बस्तर-नारायणपुर-कोंडागांव के कर्मियों को दिया तकनीकी प्रशिक्षण | जगदलपुर समाचार 2026

मलेरिया उन्मूलन को गति देने टीसीआई फाउंडेशन की पहल: नवीन परियोजना कर्मियों का दो दिवसीय तकनीकी प्रशिक्षण संपन्न

टीसीआई फाउंडेशन मलेरिया उन्मूलन तकनीकी प्रशिक्षण, जगदलपुर होटल आकांक्षा, बस्तर नारायणपुर कोंडागांव कर्मियों का प्रशिक्षण।
जगदलपुर स्थित होटल आकांक्षा में टीसीआई फाउंडेशन द्वारा आयोजित दो दिवसीय तकनीकी प्रशिक्षण कार्यक्रम में मलेरिया उन्मूलन पर चर्चा करते विशेषज्ञ एवं परियोजना कर्मी।
जगदलपुर, 16 जुलाई 2026 | मलेरिया उन्मूलन के लक्ष्य को प्राप्त करने तथा क्षेत्रीय स्तर पर कार्यरत मानव संसाधनों की तकनीकी क्षमता को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से टीसीआई फाउंडेशन द्वारा राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत दो दिवसीय तकनीकी प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन 14 एवं 15 जुलाई को जगदलपुर में किया गया। प्रशिक्षण में बस्तर, नारायणपुर एवं कोंडागांव जिले में हाल ही में नियुक्त परियोजना कर्मियों ने भाग लिया।

मलेरिया उन्मूलन के लिए टीसीआई फाउंडेशन की विशेष परियोजना

उल्लेखनीय है कि टीसीआई फाउंडेशन द्वारा छत्तीसगढ़ के आठ जिलों में मलेरिया रोकथाम एवं नियंत्रण के लिए विशेष परियोजना संचालित की जा रही है। इसके अंतर्गत बस्तर संभाग के सभी सात जिले तथा गरियाबंद जिला शामिल हैं। परियोजना का उद्देश्य मलेरिया की समय पर पहचान, प्रभावी उपचार, निगरानी प्रणाली को सुदृढ़ करना तथा समुदाय स्तर पर जागरूकता बढ़ाकर रोग नियंत्रण को अधिक प्रभावी बनाना है।

गरिमामयी उपस्थिति के साथ प्रशिक्षण का शुभारंभ

प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ संयुक्त संचालक स्वास्थ्य सेवाएं, बस्तर संभाग डॉ. महेश सांडिल्य एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, बस्तर डॉ. संजय बसाक की गरिमामयी उपस्थिति में हुआ। इस अवसर पर डॉ. महेश सांडिल्य ने कहा कि मलेरिया उन्मूलन केवल स्वास्थ्य विभाग का दायित्व नहीं, बल्कि समुदाय की सक्रिय भागीदारी से ही इस लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने परियोजना कर्मियों से फील्ड स्तर पर गुणवत्तापूर्ण कार्य करते हुए समय पर जांच, उपचार एवं प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करने का आह्वान किया। वहीं डॉ. संजय बसाक ने कहा कि मलेरिया उन्मूलन के लिए तकनीकी रूप से दक्ष मानव संसाधन सबसे महत्वपूर्ण आधार हैं और प्रत्येक संदिग्ध मरीज तक समय पर जांच एवं उपचार सुनिश्चित करने तथा शासन की मंशा के अनुरूप कार्य करने पर विशेष बल दिया।

विशेषज्ञों ने दी तकनीकी जानकारी

जिला कार्यक्रम प्रबंधक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन डॉ. रीना लक्ष्मी ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन में विभिन्न विभागों के बीच समन्वय, समयबद्ध रिपोर्टिंग तथा गुणवत्तापूर्ण कार्य की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। वहीं जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. एस.एस. टेकाम ने जिले में मलेरिया की वर्तमान स्थिति, नियंत्रण रणनीति तथा फील्ड स्तर पर अपनाई जाने वाली तकनीकी प्रक्रियाओं की विस्तृत जानकारी प्रतिभागियों को दी।

राष्ट्रीय तकनीकी प्रमुख डॉ. आर.सी. धीमन ने परियोजना की अवधारणा, उद्देश्य, कार्यप्रणाली एवं राज्य में संचालित गतिविधियों की विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य मलेरिया नियंत्रण कार्यक्रम को तकनीकी सहयोग प्रदान करना तथा स्वास्थ्य तंत्र को और अधिक सशक्त बनाना है।

स्वास्थ्य सूचना प्रणाली एवं ऑनलाइन रिपोर्टिंग का प्रशिक्षण

विश्व स्वास्थ्य संगठन के डॉ. नवीन अग्रवाल ने समेकित स्वास्थ्य सूचना प्रणाली एवं रोग निगरानी प्रणाली के बीच समन्वय, मलेरिया से संबंधित ऑनलाइन रिपोर्टिंग व्यवस्था तथा जिला एवं विकासखंड स्तर पर डेटा प्रविष्टि एवं निगरानी प्रक्रिया का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया।

मलेरिया परजीवी एवं वेक्टर नियंत्रण पर विस्तृत चर्चा

प्रशिक्षण के दौरान टीसीआई फाउंडेशन के क्षमता विकास प्रबंधक सैयद शाह अरीब हुसैन ने मलेरिया परजीवी के जीवन चक्र, मच्छरों की विभिन्न प्रजातियों तथा मलेरिया संक्रमण एवं उसके प्रसार की वैज्ञानिक प्रक्रिया पर विस्तृत जानकारी दी। प्रभारी जिला सलाहकार लव कुमार ने मलेरिया नियंत्रण में सूचना, शिक्षा एवं व्यवहार परिवर्तन संचार (IEC/BCC) की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए समुदाय की सक्रिय सहभागिता को रोग नियंत्रण की सफलता का आधार बताया।

राज्य मास्टर ट्रेनर एवं लैब टेक्नीशियन विकास पाण्डेय ने प्रतिभागियों को रैपिड डायग्नोस्टिक टेस्ट (RDT) तथा रक्त स्मीयर तैयार करने की मानक तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया, जिससे फील्ड स्तर पर मलेरिया की त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण जांच सुनिश्चित की जा सके।

प्रशिक्षण के मुख्य विषय

दो दिनों तक चले इस प्रशिक्षण में प्रतिभागियों को मलेरिया नियंत्रण, रोग की शीघ्र पहचान, समय पर उपचार, ऑनलाइन रिपोर्टिंग, निगरानी प्रणाली, वेक्टर नियंत्रण, सामुदायिक जागरूकता तथा व्यवहार परिवर्तन से जुड़े विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा सैद्धांतिक एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य परियोजना कर्मियों को तकनीकी रूप से दक्ष बनाकर राज्य में मलेरिया उन्मूलन अभियान को और अधिक प्रभावी बनाना था।

basant dahiya

मेरा नाम बसंत दहिया है। मैं लगभग 20 वर्षों से प्रिंट मीडिया में सक्रिय रूप से कार्य कर रहा हूं। इसी बीच मैंने बस्तर जिला व राजधानी रायपुर के प्रमुख समाचार पत्रों में अपनी सेवा देकर लोकहित एवं देशहित में कार्य किया है। वर्तमान की आवश्यकता के दृष्टिगत मैंने अपना स्वयं का न्यूज पोर्टल- समग्रविश्व अप्रेल 2024 से शुरू किया है जो जनहित एवं समाज कल्याण में सक्रिय है। इसमें आप सहयोगी बनें और मेरे न्यूज पोर्टल को सपोर्ट करें। "जय हिन्द, जय भारत"

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