सीसीएसएच में पहली बार हुआ ब्रेन का डीसीए, पैरालिसिस मरीज का हो रहा सटीक इलाज | बस्तर स्वास्थ्य समाचार 2026

सीसीएसएच में पहली बार हुआ ब्रेन का डीसीए, पैरालिसिस से जूझ रही मरीज का हो रहा सटीक इलाज

सीसीएसएच जगदलपुर में डॉ. ऋषिकेश सरकार और डॉ. पवन बृज द्वारा पहली डीसीए प्रोसीजर करते हुए
कॉन्टिनेंटल छत्तीसगढ़ सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल (सीसीएसएच), डिमरापाल जगदलपुर। यहां पहली बार ब्रेन की डिजिटल सब्सट्रैक्ट एंजियोग्राफी (डीसीए) जांच की गई।
जगदलपुर, 20 जुलाई 2026 | कॉन्टिनेंटल छत्तीसगढ़ सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल (सीसीएसएच), डिमरापाल में पहली बार डिजिटल सब्सट्रैक्ट एंजियोग्राफी (डीसीए) की गई है। यह जांच हैदराबाद के कॉन्टिनेंटल हॉस्पिटल के वरिष्ठ न्यूरोसर्जन डॉ. ऋषिकेश सरकार एवं सीसीएसएच के न्यूरोसर्जन डॉ. पवन बृज ने संयुक्त रूप से की। इस प्रोसीजर में क्रिटिकल केयर कार्डियोलॉजी डॉ. सौरभ कुमार सहित अन्य चिकित्सकों ने सहयोग किया। डीसीए के जरिए दिमाग की नसों की वास्तविक स्थिति का पता लगाया गया, जिससे पैरालिसिस से जूझ रही मरीज का सटीक इलाज संभव हो पाया है।

पैरालिसिस मरीज को मिली राहत

प्राप्त जानकारी के अनुसार, बस्तर ब्लॉक के बड़े आलनार निवासी सुमित्रा नेताम को पैरालिसिस होने के बाद सीसीएसएच लाया गया था। यहां डॉक्टरों ने उनकी जांच कर तत्काल भर्ती कर लिया। पैरालिसिस के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए नवनिर्मित कैथलैब में डीसीए जांच करने का निर्णय लिया गया। इसके बाद सुमित्रा का ब्रेन डीसीए किया गया। फिलहाल वह अस्पताल में उपचाराधीन हैं और उनकी हालत में लगातार सुधार आ रहा है।

डीसीए जांच से बस्तर में बदलेगी स्वास्थ्य सेवाएं

सीसीएसएच के न्यूरोसर्जन डॉ. पवन बृज ने बताया कि सुमित्रा की जांच इतनी जटिल थी कि बस्तर में पहले यह संभव नहीं थी। सीसीएसएच में कैथलैब की स्थापना के बाद अब यह जांच यहां उपलब्ध हो सकी है। डॉ. बृज ने कहा कि पहली बार की गई इस जांच के बाद सटीक इलाज संभव हो पा रहा है, जिससे मरीज की हालत सुधर रही है। डॉ. पवन बृज न्यूरोसर्जरी में एमसीएच के स्वर्ण पदक विजेता हैं और उन्होंने 1500 से अधिक प्रमुख न्यूरोसर्जिकल प्रक्रियाओं को सफलतापूर्वक अंजाम दिया है

मरीज के परिजनों ने बताया हाल

सुमित्रा के परिजनों ने बताया कि बीते दिनों उन्हें रूटीन जांच के लिए जगदलपुर के एक निजी अस्पताल ले जाया गया था, जहां जांच के दौरान अचानक उन्हें पैरालिसिस का दौरा पड़ा। इसके बाद तत्काल उन्हें सीसीएसएच लाया गया, जहां उनका सही इलाज हो पा रहा है।

हैदराबाद के वरिष्ठ न्यूरोसर्जन का सहयोग

डॉ. ऋषिकेश सरकार हैदराबाद के कॉन्टिनेंटल हॉस्पिटल में मिनिमली इनवेसिव एंडोस्कोपिक न्यूरोसर्जरी सेंटर (सी-एमईएन) के निदेशक हैं । वह 24 वर्षों के अनुभव वाले अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त न्यूरोसर्जन हैं और 35 से अधिक शोध पत्रों के लेखक हैं । उनका इस प्रोसीजर में सहयोग बस्तर के मरीजों के लिए बड़ी राहत है।

सीसीएसएच में कैथलैब की स्थापना और इस पहली डीसीए जांच को बस्तर के स्वास्थ्य क्षेत्र में एक मील का पत्थर माना जा रहा है। अब क्षेत्र के मरीजों को जटिल न्यूरोलॉजिकल जांच के लिए दूर-दराज के बड़े शहरों नहीं जाना पड़ेगा।

basant dahiya

मेरा नाम बसंत दहिया है। मैं लगभग 20 वर्षों से प्रिंट मीडिया में सक्रिय रूप से कार्य कर रहा हूं। इसी बीच मैंने बस्तर जिला व राजधानी रायपुर के प्रमुख समाचार पत्रों में अपनी सेवा देकर लोकहित एवं देशहित में कार्य किया है। वर्तमान की आवश्यकता के दृष्टिगत मैंने अपना स्वयं का न्यूज पोर्टल- समग्रविश्व अप्रेल 2024 से शुरू किया है जो जनहित एवं समाज कल्याण में सक्रिय है। इसमें आप सहयोगी बनें और मेरे न्यूज पोर्टल को सपोर्ट करें। "जय हिन्द, जय भारत"

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