महारानी अस्पताल के कायाकल्प के लिए 7 करोड़ स्वीकृत, बस्तर के मरीजों को मिलेगी सुपर-स्पेशलिटी सुविधाएं

बस्तर के मरीजों के लिए बड़ी सौगात: महारानी अस्पताल के कायाकल्प के लिए 7 करोड़ का प्रस्ताव तैयार, मिलेगी सुपर-स्पेशलिटी सुविधाएं

जिला चिकित्सालय महारानी अस्पताल जगदलपुर के कायाकल्प के लिए 7 करोड़ के प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए कलेक्टर आकाश छिकारा, सिविल सर्जन डॉ. संजय प्रसाद, सीएमएचओ डॉ. संजय बसाक एवं अन्य अधिकारी
महारानी अस्पताल जीवन दीप समिति की बैठक में कलेक्टर आकाश छिकारा ने अस्पताल के आधुनिकीकरण के लिए 7 करोड़ 1 लाख रुपये के प्रस्ताव को मंजूरी दी। इस अवसर पर चिकित्सक और अधिकारी उपस्थित रहे।
जगदलपुर, 24 जून 2026 — बस्तर संभाग के प्रतिष्ठित जिला चिकित्सालय महारानी अस्पताल के स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को बेहतर, आधुनिक और सुपर-स्पेशलिटी स्तर का बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल की गई है। मंगलवार को अस्पताल के शहीद गुंडाधुर सभाकक्ष में आयोजित महारानी अस्पताल जीवन दीप समिति की बैठक में 7 करोड़ 1 लाख रुपये के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है, जिससे बस्तर के दूर-दराज के गरीब मरीजों को अब जगदलपुर में ही सुपर-स्पेशलिटी स्तर का इलाज मिल सकेगा।

बैठक की अध्यक्षता कलेक्टर एवं समिति के अध्यक्ष आकाश छिकारा ने की, जिसमें सहायक कलेक्टर यशवंत नायक, सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक डॉ. संजय प्रसाद और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजय बसाक सहित जिले के विशेषज्ञ चिकित्सक और अधिकारी उपस्थित रहे।

महारानी अस्पताल जीवन दीप समिति की बैठक में उपस्थित विशेषज्ञ चिकित्सक, अधिकारी और समिति सदस्य, जिसमें कलेक्टर आकाश छिकारा, सिविल सर्जन डॉ. संजय प्रसाद, सीएमएचओ डॉ. संजय बसाक, डॉ. रीना लक्ष्मी, डॉ. एनके ओझा सहित वरिष्ठ चिकित्सक शामिल
महारानी अस्पताल जीवन दीप समिति की बैठक में कलेक्टर, सिविल सर्जन, सीएमएचओ सहित अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक एवं अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में अस्पताल के आधुनिकीकरण के लिए 7 करोड़ 1 लाख रुपये के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।

🏥 अस्पताल के बुनियादी ढांचे में होंगे बड़े बदलाव

जिला खनिज संस्थान न्यास के अंतर्गत तैयार किए गए इस प्रस्ताव में अस्पताल के बुनियादी ढांचे से लेकर गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए उपयोग होने वाली आधुनिक चिकित्सा उपकरणों तक हर स्तर पर बड़े बदलाव की तैयारी की गई है।

🔌 विद्युत व्यवस्था होगी आधुनिक

अस्पताल परिसर में वर्तमान में उपयोग की जा रही पुरानी पद्धति की हाई-टेंशन एवं लो-टेंशन विद्युत लाइनों को बदला जाएगा। बारिश के मौसम में स्पार्किंग और फॉल्ट होने के कारण सीटी स्कैन, एक्स-रे और वेंटिलेटर जैसी अति-आवश्यक मशीनों के खराब होने की आशंका को देखते हुए जेडीएस मद से इन पुरानी केबलों को हटाकर आधुनिक एबी केबल लगाई जाएगी, जिससे शॉर्ट सर्किट और करंट लीकेज की समस्या से पूरी तरह निजात मिल सकेगी।

🔋 बैटरी बैकअप और ब्लड बैंक को मिलेगा अपग्रेड

सीटी स्कैन मशीन के पुराने हो चुके बैटरी बैकअप को अपग्रेड करते हुए 100 एएच की 32 नई बैटरियां लगाने और ब्लड बैंक सेंटर द्वारा आयोजित होने वाले आउटडोर कैंपों के लिए नए फोल्डेबल डोनर काउच खरीदने की अनुमति भी प्रदान की गई है।

🏚️ 100 साल पुराने भवन की मरम्मत

अस्पताल का मुख्य भवन 100 वर्ष से अधिक पुराना हो जाने के कारण इसकी मरम्मत को बेहद आवश्यक माना गया है। इसके तहत बारिश में पानी के रिसाव को रोकने के लिए छत की मरम्मत कराई जाएगी और आंतरिक दीवारों व सीढ़ियों पर आकर्षक वॉल टाइल्स लगाई जाएंगी।


🏥 ऑपरेशन थिएटर और उपकरणों का आधुनिकीकरण

विवरणलागत (रुपये में)
प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग (मॉड्यूलर ओटी नवीनीकरण)92 लाख
सामान्य सर्जरी (मॉड्यूलर ओटी अपग्रेडेशन)80 लाख
मोटराइज्ड एडवांस्ड ऑर्थो टेबल35 लाख
कलर डॉपलर एडवांस्ड45 लाख
मोबाइल डीआर सिस्टम35 लाख
आंखों के रोगों के लिए आधुनिक उपकरण41 लाख
सीटीटी मशीन3 लाख
एंडोस्कोपी उपकरण सेट20 लाख
लेप्रोस्कोपी उपकरण सेट20 लाख
ईएनटी उपकरण सेट6 लाख

👶 बच्चों और नवजात शिशुओं को मिलेगी विशेष सुविधा

अस्पताल प्रबंधन ने बच्चों और नवजात शिशुओं की सेहत को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कई निर्णय लिए हैं:

  • ईसीआरपी मद के अंतर्गत निर्मित 12 बिस्तरीय पीडियाट्रिक आईसीयू और 30 बिस्तरीय शिशु रोग वार्ड में बाथरूम व दरवाजों की मरम्मत।

  • फायर एग्जिट सीढ़ी का निर्माण, ताकि आपातकालीन स्थिति में निकासी आसान हो।

  • पीडियाट्रिक वार्ड और एमएनसीयू में अतिरिक्त सुविधाओं के लिए 39.86 लाख की मांग।

  • एसएनसीयू वार्ड के लिए 41.77 लाख की लागत से 14 यूनिट अत्याधुनिक उपकरण1.80 लाख की लागत से 12 यूनिट नियोनेटल प्रोब


☀️ पर्यावरण के अनुकूल और आपातकालीन सुविधाएं

  • 78 लाख की लागत से ऑन-ग्रिड सोलर पावर सिस्टम, जिससे बिजली की भारी बचत होगी।

  • 65 लाख की लागत से भारी-भरकम डीजी जनरेटर, ताकि आपातकाल में बिजली की निरंतर आपूर्ति बनी रहे।

  • 24.74 लाख की लागत से वाहन पार्किंग क्षेत्र का निर्माण।

  • 5.76 लाख की लागत से होम शेल्टर का निर्माण।


📜 अन्य महत्वपूर्ण निर्णय

  • धन्वंतरी दवा केंद्र का अनुबंध जून 2026 में पूर्ण होने के बाद आगे नहीं बढ़ाने की अनुशंसा।

  • एचएलएल को अटल आरोग्य लैब के अंतर्गत माइक्रोबायोलॉजी विभाग शीघ्र शुरू करने के कड़े निर्देश।

  • बायो-मेडिकल वेस्ट के सुरक्षित निपटान के लिए डीप पिट एवं शार्प पिट के चारों ओर बाउंड्री वॉल का निर्माण।

  • 6 एएचयू की मरम्मत और हेपा फिल्टर को बदलने की स्वीकृति।

  • कर्मचारियों के मानदेय और अन्य भुगतानों के लिए 6 लाख रुपये तक के भुगतान की अनुमति।


🗣️ कलेक्टर का निर्देश

बैठक के अंत में कलेक्टर आकाश छिकारा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन सभी स्वीकृत और प्रस्तावित कार्यों को पूरी गुणवत्ता के साथ तय समय-सीमा के भीतर पूर्ण किया जाए, ताकि स्थानीय व ग्रामीण जनता को त्वरित और उच्च स्तरीय स्वास्थ्य लाभ मिल सके।

इस बैठक में जिला कार्यक्रम प्रबंधक डॉ. रीना लक्ष्मी, अस्पताल सलाहकार डॉ. एनके ओझा सहित अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक मौजूद थे।


🔥 हाइलाइट्स

  • 7 करोड़ 1 लाख के प्रस्ताव को मंजूरी।

  • 100 साल पुराने भवन की मरम्मत और आधुनिकीकरण।

  • ओटी, सीटी स्कैन, डॉपलर, एंडोस्कोपी जैसे अत्याधुनिक उपकरण।

  • बच्चों के लिए विशेष पीडियाट्रिक आईसीयू और एसएनसीयू सुविधाएं।

  • सोलर पावर और डीजी जनरेटर से बिजली की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित।

  • धन्वंतरी दवा केंद्र का अनुबंध समाप्त करने की अनुशंसा।

  • ✅ कर्मचारियों के भुगतान में पारदर्शिता के लिए 6 लाख तक की छूट।




basant dahiya

मेरा नाम बसंत दहिया है। मैं लगभग 20 वर्षों से प्रिंट मीडिया में सक्रिय रूप से कार्य कर रहा हूं। इसी बीच मैंने बस्तर जिला व राजधानी रायपुर के प्रमुख समाचार पत्रों में अपनी सेवा देकर लोकहित एवं देशहित में कार्य किया है। वर्तमान की आवश्यकता के दृष्टिगत मैंने अपना स्वयं का न्यूज पोर्टल- समग्रविश्व अप्रेल 2024 से शुरू किया है जो जनहित एवं समाज कल्याण में सक्रिय है। इसमें आप सहयोगी बनें और मेरे न्यूज पोर्टल को सपोर्ट करें। "जय हिन्द, जय भारत"

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